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हिन्दू राष्ट्र का ख्वाब न देखें…..!

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हिसाम सिद्दीकी

गुरूग्राम में सरकारी इजाजत के बावजूद हिन्दुत्व के नाम पर कुछ गुण्डों ने इक्ट्ठा होकर जुमे की नमाज अदा करने में रूकावट डाली तो हरियाणा के वजीर-ए-आला मनोहर लाल खट्टर भी उन्हीं गुण्डों की हिमायत में खड़े दिखाई दिए और कह दिया कि खुले में नमाज की इजाजत नहीं दी जा सकती। नमाज की मुखालिफत करने वाले गुण्डे जय श्रीराम के नारों के साथ दावा करते रहे कि वह इस देश को हिन्दू राष्ट्र बनाएंगे। दिल्ली के दूसरी तरफ गाजियाबाद जिले के डासना के देवी मंदिर पर नाजायज तरीके से काबिज नरसिम्हा नाम का गुण्डा जो खुद को अब जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर भी बताने लगा है वह आए दिन मुल्क को हिन्दू राष्ट्र बनाने और मुसलमानों व ईसाइयों को देश से खत्म करने का दावा करता रहता है। 17 से 19 दिसम्बर तक दिल्ली से हरिद्वार तक दो धर्म संसद हुई, एक में एक टीवी चैनल के एडीटर/मालिक ने हिन्दुओं को हिन्दू राष्ट्र बनाने का हलफ दिलाया जिसमें उसने मारने-मरने की बात की, हरिद्वार में जो धर्म संसद हुई उसमें बीस लाख मुसलमानों को कत्ल करने की बात कही गई। प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि भारत को म्यांमार बना देंगे। नरसिम्हानंद ने भी मुसलमानों के खिलाफ जहर उगला। इस बार क्रिसमस के मौके पर कई जगह गुण्डों ने क्रिसमस की मुखालिफत की और अंबाला के चर्च में लगी 1847 की ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ दी।
इन तमाम वाक्यात पर देश के वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी पूरी तरह खामोश हैं बल्कि उन्होने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड असम्बली के एलक्शन के पेशेनजर गाय, गोबर और औरंगजेब की बातें करनी शुरू कर दी है। नरसिम्हानंद को छूट देने का नतीजा यह हुआ कि उसने महात्मा गांधी को गालियां बकते हुए अपना एक वीडियो वायरल करा दिया जिसमें वह गांधी को कूड़े का ढेर करार देते हुए कह रहा है कि गांधी बहुत बड़ा अय्याश इंसान था, वह हिन्दू नहीं था, बल्कि हिन्दू के भेष में छुपा हुआ मुसलमान था। इसी के साथ वह गोडसे की जमकर तारीफ करता है और कहता है कि गोडसे ने हिन्दुओं को जिंदा रहने का मकसद सिखा दिया। इस वीडियो के बावजूद नरसिम्हानंद पर कोई कार्रवाई नहीं तो क्या यह समझा जाए कि यह जो कुछ हो रहा है वह मोदी और उनके होम मिनिस्टर अमित शाह की शह पर हो रहा है ताकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में इससे फायदा उठाया जा सके।
हिन्दुत्व के नाम पर जो गुण्डे भगवा कपड़े पहनकर मुसलमानों, ईसाइयों और सिखों समेत अकलियती तबकों को गालियां बकते, उन्हें भलाबुरा कहते हैं बार-बार देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का दावा करते हैं उन्हें हम बता देना चाहते हैं कि आरएसएस से निकले लोगों की सरकार के दौरान हिन्दू राष्ट्र के बहाने वह चाहे जिस हद तक कानून अपने हाथ में लेने और संविधान की धज्जियां उड़ाने के बावजूद कानूनी कार्रवाई से बचे रहे लेकिन इस मुल्क को हिन्दू राष्ट्र बनाने का उनका ख्वाब कभी भी पूरा नहीं होगा। यह देश डाक्टर भीम राव अम्बेडकर और जवाहर लाल नेहरू वगैरह के बनाए संविधान के मुताबिक ही चलेगा, इसका अंदाजा हिन्दुत्ववादी गुण्डों को इस बात से भी हो जाना चाहिए कि धर्म संसद मे जो कुछ बका गया उसके खिलाफ कई रिटायर्ड फौज के सरबराह सामने आए, रिटायर जज सामने आए और सुप्रीम कोर्ट के छिहत्तर (76) सीनियर वकीलों ने चीफ जस्टिस को लिखा कि धर्म संसद में की गई बातों के खिलाफ अदालत को सो-मोटो नोटिस लेना चाहिए और इस तरह गुण्डई करने वालों को सख्त सजा दिलाने की कार्रवाई की जानी चािहए।
जो लोग हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं वह अपने मकसद में इसलिए भी कामयाब नहीं हो सकते क्योकि वह जिस हिन्दू राष्ट्र की बात कर रहे हैं उसमें यह नहीं बताते कि उस हिन्दू राष्ट्र में देश के दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का क्या मकाम होगा। बैकवर्ड एक्टिविस्ट डाक्टर लक्ष्मण यादव कहते हैं कि हिन्दू राष्ट्र की बात करना दरअस्ल पिछड़ों और एससी/एसटी तबकों के खिलाफ एक बडी साजिश है। इसलिए हम लोग इस देश को किसी भी कीमत पर हिन्दू राष्ट्र नहीं बनने देंगे। वह कहते है कि देश की तीन-चैथाई आबादी के लिए हिन्दू राष्ट्र में कोई जगह नहीं है। अभी तो देश हिन्दू राष्ट्र बना नहीं है सिर्फ आरएसएस के लोगों के हाथों में सरकार है तब यह हालत है कि सुप्रीम कोर्ट में कोई दलित जज नहीं है जबकि आबादी के एतबार से सुप्रीम कोर्ट में कम से कम पच्चीस जज दलित, बैकवर्ड, आदिवासी और अकलियती तबकों के होने चाहिए। इतना ही नहीं मुल्क की युनिवर्सिटीज में प्रोफेसरान और वाइस चांसलरों में भी इन तबकों की नुमाइंदगी नहीं के बराबर है। फिर जब हिन्दूराष्ट्र बन जाएगा तब यह लोग इन तबकों के लोगों के साथ क्या सुलूक करंेगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
साधुओं के भेष में हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले गुण्डे भी दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को कोई अहम जगह या ओहदे देनेे के लिए अभी भी तैयार नहीं हैं। फिर यह लोग देश के किन लोगों को हिन्दू बताकर देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। इनकी पूरी कोशिश है कि किसी भी कीमत पर यह लोग उत्तर प्रदेश असम्बली के एलक्शन से पहले कुछ शहरों में फिरकावाराना दंगे करा दें। लेकिन इसमें भी यह कामयाब होते नहीं दिखते। क्योकि दंगा-फसाद करने यह खुद तो निकलते नहीं है। दंगों में जिन लोगों का इस्तेमाल करते हैं वह लोग अब इनकी चाल बखूबी समझ चुके हैं। इसलिए अब इन गुण्डों के उकसावे पर दंगा- फसाद कराने नहीं निकल रहे हैं और न ही निकलेंगे। खुद इनमें इतनी हिम्मत नहीं होती है कि यह सड़क पर निकलकर खुद दंगा-फसाद कर सकें। यह तो इतने बुजदिल होते हैं कि अगर पुलिस की सिक्योरिटी में न रहेें तो लम्बी-लम्बी बातें करना तो दूर इनकी यह हालत है कि अगर इन्हें पुलिस की सिक्योरिटी न मिले तो यह अपने कमरे से बाहर निकल कर पेशाब करने तक न जाएं।
*जदीद मरकज,से साभार

से साभा
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