~ रीता चौधरी
डिप्रेशन एक मेडिकल कंडीशन है, जो किसी व्यक्ति के पर्सनल रिश्ते और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन शैली की नियमित गतिविधियों को प्रभावित करता है।
खासकर यह स्थिति मानसिक स्वास्थ्य को अपने चपेट में ले लेती है। आज भी सोसाइटी में मेंटल हेल्थ कंडीशन को एक टैबू की तरह देखा जाता है।
कोई भी व्यक्ति अपनी मानसिक स्थिति को खुलकर बयां नहीं कर पाता। लोग खुद में अपनी परेशानी को दबाने की कोशिश करते रहते हैं।
आम तौर पर लोग यह समझने में बहुत देर कर देते हैं, कि वह एंजायटी और डिप्रेशन के शिकार हैं, जब तक लोगों को इसका पता लगता है तब तक स्थिति अधिक बिगड़ चुकी होती है।
इसलिए इस विषय पर उचित जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है। आज हम बात करेंगे डिप्रेशन की ओर इशारा करने वाले ऐसे कुछ संकेत के बारे में जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह संकेत बताते हैं आप हो चुके हैं डिप्रेशन का शिकार :
*1. अधिक या बहुत कम सोना :*
कुछ लोगों को डिप्रेशन में अधिक नींद आती है। मानसिक रूप से ऊर्जा का अधिक इस्तेमाल होने के कारण शरीर को थकान महसूस होता रहता है, जिसकी वजह से व्यक्ति लंबे समय तक सोता है।
दूसरी ओर डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को नींद की कमी जैसे कि इनसोम्निया का सामना करना पड़ता है।
चिंतित होने और बेचैनी महसूस होने के कारण शरीर रेस्ट पोजीशन पर नहीं जा पाती और नींद आने में परेशानी होती है।
नींद में हुआ बदलाव एक डिप्रेस्ड व्यक्ति की स्थिति को अधिक खराब कर सकता है। यह संकेत नजर आए तो फौरन इसपर ध्यान दें।
*2. कार्य पर फोकस न कर पाना :*
काम का डेडलाइन भूल जाने से लेकर किसी भी कार्य को करने में अधिक वक्त लगना, अकेलापन दुख और बैठे-बैठे किसी भी चीज की अधिक चिंता होना. यह सभी चीजें डिप्रेशन का संकेत है।
इतना ही नहीं डिप्रेशन में आपकी डिसीजन मेकिंग स्किल्स पर भी नकारात्मक असर पड़ता है और आपको किसी भी निर्णय को लेने में अधिक वक्त लगता है, साथ ही आप संकोच महसूस करती हैं।
यदि अचानक से ऐसी किसी भी तरह की भावना का एहसास हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
*3. छोटी-छोटी बातों पर घबराहट :*
छोटी-छोटी बातों पर घबराहट महसूस होना, सांस फूलना या दिल की धड़कन का बढ़ जाना इसके साथ ही पसीना आना यह सभी डिप्रेशन के संकेत हो सकते हैं।
जब आप डिप्रेशन में होते हैं, तो छोटी सी बात भी आपको अधिक चिंतित कर देती है। वहीं आपके लिए अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है।
एंजायटी से ग्रसित लोगों में डिप्रेशन विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
*4. भूख और वजन में परिवर्तन :*
डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति में भूख लगने की फ्रीक्वेंसी और उनके वजन में अंतर देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग प्रकार से नजर आता है।
कुछ लोगों को तनाव में अधिक भूख लगती है और उनका वजन तेजी से बढ़ता है। वहीं दूसरी ओर लोगों में भूख की कमी हो जाती है और वजन गिरने लगता है। यह पूरी तरह से हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है।
*5. लिबिडो में कमी :*
डिप्रेशन की स्थिति में व्यक्ति में हो रहे हार्मोनल बदलाव की वजह से लिबिडो की कमी देखने को मिल सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति में सेक्स करने की इच्छा मर जाती है।
इस दौरान यौन गतिविधि के लिए खुद को उत्तेजित करना मुश्किल हो सकता है। यदि निराशा के साथ आपको ऐसा अनुभव हो रहा है तो इस संकेत को नजरअंदाज न करें।
*6. भावनाओं पर अ-नियंत्रण :*
डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति अपनी किसी भी भावना पर नियंत्रित पाने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसे व्यक्ति स्थिति को समझे बगैर छोटी-छोटी बातों पर अधिक गुस्सा कर सकते हैं और उसपर उनका नियंत्रण नहीं होता।
इस दौरान मूड स्विंग्स होना बेहद आम है। इस स्थिति में व्यक्ति कहीं भी चलते-चलते किसी के भी सामने भावुक हो सकता है और आंखों से आंसू निकलना बिल्कुल आम है।
*7. खुद को खत्म करने की भावना :*
यदि आपको बैठे-बैठे सुसाइडल थॉट आ रहे हैं, या किसी छोटी परेशानी से भी आपके मन में खुद को खत्म करने की इच्छा जाग रही है। तो यह डिप्रेशन का एक बेहद गंभीर संकेत हो सकता है।
यह संकेत बताता है कि आप पूरी तरह से अवसाद से ग्रसित हो चुकी हैं और इस पर आपको जितनी जल्दी हो सके काम करने की आवश्यकता है।

