पंकज क्षीरसागर
सरकारी बैंकों को विजय माल्या से डबल चूना लगाने वाले इंदौर के कैलाश सहारा की RBI विलफुल डिफॉल्टर्स लिस्ट में 3225 करोड़ रुपये की गोलमाल 22 नवं 2019 को अन्य मीडिया व अमर उजाला ने विस्तार से लिखा है।
इंदौरी उद्योगपति सहारा ने बैंकों को हजारों करोड़ एनपीए टिकाते हुए जानबूझकर कंपनी डूबा दी। कंपनी ने ना सिर्फ बैंकों को बर्बाद किया अपितु इंदौर व आसपास के पर्यावरण को प्रदूषित करने का घटिया काम भी किया।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तब के बड़े अधिकारी ‘पंडितजी’ की सांठगांठ से फैक्ट्री के अनट्रीटेड पानी को खेतों के नीचे गहरी पाइप लाइन द्वारा सीधे नदी में मिला दिया जाता। अब कंपनी पतंजलि वाले बाबा की है।
कंपनी ने पब्लिक इशू लाया है। पहले बैंकों को डुबाओ। फिर पब्लिक का पैसा लगवाओ। रुचि सोया की डील पर सशक्त मुद्दे उठाने वाले भोपाल मध्यप्रदेश के Soumitra Roy ने विस्तार से जानकारी दी है।
रॉय ने फेसबुक पोस्ट में बताया है कि इंदौर की रुचि सोया दिवालिया कंपनी को रामदेव की पतंजलि ने दिसंबर 2019 में खरीदा था।
पब्लिक इशू से पतंजलि 4300 करोड़ जुटाना चाहती है। जनता के पैसे का इस्तेमाल 4350 करोड़ का क़र्ज़ उतारने में किया जाएगा।
रुचि सोया और पतंजलि दोनों इस देश में वैध कॉर्पोरेट तरीके से बैंकों का ‘दोहन’ करने और योजनाओं की गलियों द्वारा सरकार से छूट/लूट का ज्वलंत उदाहरण है।
रुचि के दिवालिया होने पर कंपनी पर 12146 करोड़ क़र्ज़ था। SBI ने 933 करोड़ कर्ज माफ किया। PNB सेंट्रल बैंक और बाकी बैंकों ने भी क़र्ज़ माफ किया।
आधे से ज़्यादा लोन माफ करने के बाद NCLT ने कंपनी की बोली लगाई। अडाणी के पीछे हटते ही पतंजलि ने 4350 करोड़ में रुचि सोया को खरीद लिया।
ये 4350 करोड़ बाबा ने अपनी जेब से नहीं लगाए, बल्कि बैंकों से ही 3250 करोड़ का क़र्ज़ लिया। एक बेमिसाल घनचक्कर शुरुआत थी।
यानी SBI जैसे जिन बैंकों ने रुचि सोया का कर्ज माफ किया उन्हीं बैंकों ने उसी कंपनी को दोबारा लोन दिया। लोन की सिक्योरिटी रुचि सोया की स्टॉक वैल्यू थी।
जो दिवालिया होने से ZERO रह गयी थी। बाबा ने सब मैनेज कर लिया। शेयर मार्केट में कंपनी के शेयर की कीमतों में खेल खेल से 3.50 रुपये का शेयर दो साल में 1053 पर आ गया।
जिस रुचि सोया को बाबा ने सिर्फ 1000 करोड़ में खरीदा था, उसकी कीमत शून्य से 31190 करोड़ हो गई। यानी बाबा रामदेव ने सिर्फ 1000 करोड़ लगाकर 25000 करोड़ बना लिए।
योग किया है कर्मकांड नही , बाबा से बड़ा कोई ब्रान्ड नही
पोस्ट : Pankaj Kshirsagar

