Site icon अग्नि आलोक

सारा विकास केवल 25 % इंडियन्स तक सीमित

Share

विजय दलाल

रोटी कमाने , रोजगार के अवसर
शिक्षा और महंगी स्वास्थ्य सेवाएं केवल उस सीमित वर्ग के लिए।
पानी, हवा, सड़कें और मनोरंजन केवल उनके लिए ।
75 % भारतवासियों के लिए भीख का कटोरा *

गणतंत्र तो छोड़िए , मनुष्य के प्रकृति प्रदत्त खाने के अधिकार को भी इन द्वय ” हम-दोनों” शायलाक ने 80 करोड़ गरीब जिन्हें वोट लेकर छल से नागरिकता और मानव अधिकार विहीन कर दिया और मानव गरिमा भी छीन ली !
पहले पूर्व शासकों द्वारा राइट टू एम्प्लॉयमेंट के तहत ‘मनरेगा’ योजना लागू की गई थी । वर्तमान शासकों ने प्रारंभ में इस योजना की आलोचना किन शब्दों में की थी यह जगजाहिर है ।
75% भारतीय ग्रामीणों के लिए यह योजना प्राणवायु के समान थी पर इन मुखौटे शासकों के लिए यह योजना आंख की किरकिरी दो कारणों से थी ।
यूपीए गठबंधन में अन्य वामपंथी व समाजवाद में विश्वास रखने वाली पार्टियों के साथ कांग्रेस में भी एक बड़ा तबका समाजवाद में विश्वास करने वाला मौजूद होने के कारण कामन मिनीमम प्रोग्राम के तहत् इसे लाया गया था ।
दूसरा यह योजना किसी भी रूप में 25% इंडियंस के काम की नहीं थी ।
बल्कि शहरों में रोजगार के लिए सबसे सस्ता और श्रम कानून के अधिकारों से वंचित रोजगार के लिए ग्रामीण प्रवासी मजदूर मिलने में एक रुकावट के समान था ।
बाद में इनके लिए दूसरे रास्ते निकाल कर और योजना से अपनों के लिए भ्रष्टाचार का रास्ते बनाकर मनरेगा को बरकरार रखा।
इसका राजनीतिक पक्ष भी यह था कि यह सरकार उसे यदि बंद करती तो जनता इनकी आक्सीजन का पाइप सिलेंडर से खिंच देती ।
किसान आंदोलन उसका प्रमाण है । दूसरे रास्ते के लिए ही कृषि ग्रामीण व्यवस्था की बागडोर भी 25% इंडियन्स के हाथ में देने ही के लिए ही काले कृषि कानूनों को लाया गया है ।
यूपीए ने राइट टू फूड के तहत गरीब वर्ग के देशवासियों के लिए यह योजना बनाई थी और इसके नाम का ध्यान गरीब के स्वाभिमान और गरिमा को चोंट न लगे इसलिए ऐसा कोई नाम नहीं दिया था ।
लेकिन राजनीति के इन व्यापारियों ने ” मुफ्त अनाज योजना’ नाम दे दिया ।
गरीब और असहाय लोगों को लाइन में लगवाकर मोदीजी के रंगीन फोटो के साथ छपी थैलियों में उनके सिपहसालारों और भक्तों ने बांटे ।
पैसा जनता का तेल की कमाई से तेल निचोड़ कर बेशर्म बांट ऐसे रहे हैं जैसे द्वय अपनी जेब या पार्टी फंड के पैसे से बांट रहे हो ।
भीख देने का आधुनिक तरीका😭
विजय दलाल

Exit mobile version