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वर्तमान ही खंगाल लो, मुस्लिम अद्वितीय देशभक्त मिलेंगे

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इतिहास को चाहे न खोदो, वर्तमान ही खंगाल लो, मुस्लिम अद्वितीय देशभक्त मिलेंगे। अज़ीम प्रेमजी से जुड़े इस किस्से ने मुझे इस निष्कर्ष पर पहुँचाया है। यह मैंने न जाने किस अमित्र की पोस्ट पर पढ़ कर कॉपी किया था, अब याद नहीं।

हाल ही में हुई देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अम्बानी के घर की शादी की बात आज हर कोई कर रहा है, जब कि भारत में हुई एक और शादी की एक और कहानी मौजूद है, जिसकी कहीं कोई चर्चा नहीं है। यह शादी है मल्टी नेशनल कम्पनी विप्रो के मालिक अज़ीम प्रेमजी के दो बेटों की।

अज़ीम प्रेमजी वे शख्स है जिनके दादा जी को पाकिस्तान गवर्नमेंट पाकिस्तान में रहने के लिए वहाँ के होम मिनिस्टर का पद देने को तैयार थी लेकिन देश प्रेम के चलते उन्होंने वह पैग़ाम ठुकरा दिया। अज़ीम प्रेमजी वे शख्स है जिसके पास दुनिया भर के मुस्लिम्स में सबसे ज़्यादा पैसा है, सऊदी अरब के बादशाह के बाद। यानी वे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर मुस्लिम व्यक्ति हैं। अज़ीम प्रेमजी की कुल जायजाद 15.6 अरब डॉलर की है और वे लगभग 8 अरब डॉलर दान में दे चुके है। अज़ीम प्रेमजी वे व्यक्ति हैं जिन्होंने कुछ साल पहले अरब देशो द्वारा दिया गया बेस्ट मुस्लिम बिज़नेस पर्सन ऑफ़ द वर्ल्ड का पुरस्कार सिर्फ़ इसलिए ठुकरा दिया था क्योंकि वह बेस्ट मुस्लिम पर्सन का था। उनका कहना था कि अगर उनको बेस्ट इंडियन पर्सन बुलाया जाता तो ज़्यादा अच्छा था। अज़ीम प्रेमजी वो व्यक्ति है जिनके नाम में प्रेम लगाने से मुस्लिम मौलवियों को आपत्ति होती है। उनके नमाज़ न पढ़ने से उनको आपत्ति है। वो कट्टरपंथी नही हैं, इस बात से भी आपत्ति है। अज़ीम प्रेमजी मस्जिदों को दान नही देते, इस बात से भी आपत्ति होती है। अज़ीम प्रेमजी अपने प्रॉफ़िट से 10% हिस्सा शिक्षा के लिए दान देते हैं।

आइये, अब बात करते हैं उनके बेटों की हाल ही सम्पन्न हुई शादियों की. अज़ीम प्रेमजी आज भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने बेटों की शादी में ₹ 20 करोड़ सिर्फ़ इस शर्त पर खर्च किए कि दुनिया के जाने-माने शीर्ष के टेक्नोक्रेट और प्रशासक शादी में भाग लें। उन्होंने और उनकी पत्नी ने शादी के कार्ड में अनुरोध किया कि, “कृपया दुल्हनों के लिए उपहार में कुछ धन दान करें जिससे लड़कियों के लिए स्कूल बनाये जा सकें !”

जितना धन दान में आया, उतना ही प्रेमजी ने अपनी तरफ से मिला कर लड़कियों के स्कूल के लिए दान दे दिया, जो लगभग 250 स्कूलों के लिये पर्याप्त हुआ। बताया जाता है, इस तरह कुल ₹ 400 करोड़ की राशि दान में दी गयी। उच्चतम उपहार एचसीएल के शिव नाडर की तरफ से ₹ 45 करोड़ का प्राप्त हुआ था।

अम्बानी की शादी की चर्चा तो बहुत हुई, लेकिन क्या इस शादी की चर्चा देश में होना ज़रूरी नहीं था? आप बतायें। ऐसे महान व्यक्ति को सलाम तो बनता है।।।

Manika Mohini

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