प्याज लहसुन के उचित भाव दिलाने ,बकाया भावांतर राशि के भुगतान, कृषि कॉलेज इंदौर की 147 हेक्टेयर भूमि बेचने पर रोक लगाने,भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा किसानों का बकाया मंडी निधि से भुगतान किए जाने सहित विभिन्न मांग की जाएगी
संयुक्त किसान मोर्चा की आवाह्न पर हो रहे धरने को कई किसान संगठनों ने दिया समर्थन
इंदौर। संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर इंदौर और आसपास के जिलों के सैकड़ों किसान मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से कलेक्टर कार्यालय पर धरना देंगे ।
संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि प्याज लहसुन के उचित दाम नहीं मिलने तथा पिछले 3 साल से प्याज और सोयाबीन की भावांतर राशि तथा गेहूं की बोनस राशि का भुगतान नहीं होने, इकोनामिक कॉरिडोर, इंदौर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं ,मुंबई दिल्ली कारीडोर सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए किसानों की उपजाऊ भूमि का बगैर सहमति के अधिग्रहण करने के विरोध में तथा अधिग्रहित भूमि का बाजार भाव से 4 गुना मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर यह धरना आयोजित किया जा रहा है ।
धरने में शामिल होने के लिए इंदौर जिले के किसान तो पहुंचेंगे ही साथ ही धार, बड़वानी ,देवास सहित आसपास के जिलों के किसान भी आएंगे। शाम 5:00 बजे तक चलने वाले इस धरने का संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े हुए किसान संगठनों सहित कई किसान संगठनों ने समर्थन किया है ।
आपने बताया कि इस धरने का किसान संघर्ष समिति, किसान मजदूर सेना, युवा किसान सेना, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन ,अखिल भारतीय किसान सभा किसान सभा (अजय भवन) क्रांतिकारी किसान संगठन सहित एक दर्जन से ज्यादा किसान संगठनों ने समर्थन किया है। किसान नेता सर्वश्री अरुण चौहान, सोनू शर्मा,शैलेन्द्र पटेल,लाखन सिंह डाबी,रूद्रपाल यादव, राकेश डांगी आदि ने किसानों से अपील की है कि धरने में अधिक से अधिक किसान शामिल हो मांगों मे जिनमें प्रमुख रूप से प्याज ,सोयाबीन के बकाया भावांतर राशि तथा गेहूं बोनस राशि का भुगतान तत्काल किया जाये, 186 किसानों का बकाया पौने तीन करोड रुपया भुगतान तत्काल मंडी निधि से किया जाये , लहसुन प्याज के लाभकारी दाम देना होंगे,लहसुन के 5000 तथा प्याज के ₹2000 प्रति क्विंटल दाम की गारंटी दो, इकोनामिक कारीडोर, रिंग रोड सहित सभी योजनाओं में खेती की जमीन का अधिग्रहण बगैर किसानों की सहमति के नहीं किया जाए, किसानों की जमीन अधिग्रहण करने पर भूमि के बाजार भाव से 4 गुना मुआवजा दीया जाए । आदि मांगे शामिल है इन मांगों को वजनदार तरीके से सरकार तक पहुंचाए और सरकार की वादाखिलाफी रोकने के लिए किसानों की एकजुटता को मजबूत बनाएं।

