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फादर वर्गीस….उनका जाना इंदौर की धर्मनिरपेक्ष जमात के सिरमौर का विदा ले लेना है

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चिन्मय मिश्र

“फादर वर्गीस आलेगांडन ,जो की यूनिवर्सल सॉलीडेरिटी मूवमेंट(यू एस एम) के संस्थापक थे का आज 26 मार्च को निधन हो गया।”

 यह कोई सामान्य सूचना नहीं है। उनका जाना इंदौर की धर्मनिरपेक्ष जमात के सिरमौर का विदा ले लेना है। फादर वर्गीस का इस तरह असमय विदा ले लेना उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है।वे  धर्मनिरपेक्षता व मानवीय मूल्यों के लिए जीवनपर्यंत संघर्षशील रहे।वे चरम आशावादी थे और हालत को बदलने में विश्वास रखते थे।वे उन गिनेचुने व्यक्तियों में से थे ,जो इस जहरीले समय में भी अमृत वर्षा करते रहते थे। फादर वर्गीस व्यक्ति व संस्था होने की सीमा का अतिक्रमण कर चुके थे।वे एक उम्मीद थे हम सबके बीच।और उम्मीद हमेशा बनी रहती है, शाश्वत रहती है,इसलिए फादर भी हमेशा हमारे साथ हैं।बच्चों और युवाओं पर उनका भरोसा आश्चर्यचकित करता था। वे खुश्बू की तरह हमेशा हर जगह बसे रहते थे। कटुता का उनके लिए अस्तित्व ही नहीं था।उनसे मिलना, बात करना हमेशा ऊर्जा देता था।इसी साल 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर हम करीब 300 लोग पोरबंदर बापू जन्मस्थली में शांति सम्मेलन में इकट्ठा हुए थे। फादर पिता तुल्य नहीं पिता ही थे। जैसे गांधी बापू हो गए वैदे ही फादर वर्गीस  भी सिर्फ फादर ही बन गए थे। चर्च के फादर और घर के पिता का अंतर उन्होंने समाप्त कर दिया था।

  वे आज का काम कल पर नहीं छोड़ते थे क्योंकि कल उनके लिए  हमेशा कुछ नया करने और सोचने के लिए ही उगता था।वे सभी से असाधारण प्रेम करते थे।स्पष्टवादिता उनकी विशिष्टता थी। वे गांधी विचार को आचरण में उतार चुके थे।जो उनके पास था  वह सबका था और सबका जो था वह उनका भी था।मैंने एकबार उनसे पवित्र बाइबिल मांगी। उन्होंने तुरंत तमाम जगह निशान लगी अपनी व्यक्तिगत बाइबिल दे दी। मैंने हिचकिचाहट दिखाई तो बोले, अभी जो है वह ले लो। व्यक्तिगत क्या होता है। वे”अभय” का प्रतीक थे। स्थाई  संपत्ति निर्माण में उनका विश्वास नहीं था। उनका विश्वास तो मनुष्य में था। वे सुरक्षित जीवन में विश्वास नहीं रखते थे।

  बाइबिल में उनके द्वारा चिन्हित पंक्तियों पर गौर करें,” मांगो तुम्हे दिया जाएगा;। ढूंढों और तुम्हे मिल जायेगा;खटखटाओ और तुम्हारे लिए खोला जाएगा;क्योंकि जो मांगता है उसे दिया जाता है और जो खटखटाता है , उसके लिए खोला जाता है।

  अविस्मरणीय फादर को नमस्कार!

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