प्रदीप द्विवेदी
. पेगासस जासूसी जैसे मामलों में आईना दिखाने के कारण कुछ समय पहले देसी मीडिया पर छापे पड़ गए थे, लेकिन पेगासस मामले में असली बदनामी तो विदेशी मीडिया ने की है, उस पर छप्पन इंची कार्रवाई कब होगी?उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने कथित पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था और यह स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहता कि सरकार ऐसी किसी बात का खुलासा करे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो.
हालांकि, खबर है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कथित पेगासस जासूसी मामले में केंद्र को नोटिस जारी किये जाने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम @PChidambaram_IN ने बुधवार को दावा किया कि सरकार के पास स्पाईवेयर की सूचना है. उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल का सर्वोच्च अदालत के समक्ष यह कहना पेगासस के उपयोग की स्वीकारोक्ति है कि इस स्पाईवेयर के बारे में सरकार के पास सूचना है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह सवाल भी किया कि- आखिर पेगासस का उपयोग किस मकसद से किया गया?
इधर, खबर यह भी थी कि कांग्रेस ने पेगासस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए समिति गठित करने संबंधी केंद्र सरकार के हलफनामे को लेकर उस पर व्यंग्यबाण चलाए कि- बिल्ली दूध की रखवाली कैसे कर सकती है?
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहिए कि क्या उनकी सरकार ने पेगासस स्पाईवेयर को खरीदा था या नहीं?उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि- पेगासस जासूसी के आरोपों में छिपाने के लिये कुछ भी नहीं है और वह इस मामले के सभी पहलुओं के निरीक्षण के लिये प्रमुख विशेषज्ञों की एक विशेषज्ञ समिति बनाएगी.
इसके बाद सुरजेवाला ने केंद्र के हलफनामे को लेकर प्रेस से कहा कि- बिल्ली दूध की रखवाली कैसे कर सकती है? क्या अपराधी खुद की जांच करेगा?
यही नहीं, उन्होंने फिर दोहराया कि- मोदी जी सीधा जवाब दें कि आपने पेगासस स्पाईवेयर खरीदा या नहीं?
उन्होंने ट्वीट किया- जासूसीजीवी जी, केवल इतना बता दीजिए….पेगासस जासूसी स्वाईवेयर खरीदा या नहीं? इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा कहां से आ गई?
सुरजेवाला का सवाल था कि- न्यायाधीशों की जासूसी, विपक्ष की जासूसी, सीबीआई प्रमुख की जासूसी, पत्रकारों की जासूसी, केंद्रीय मंत्रियों की जासूसी, वकीलों की जासूसी…. ये सब “राष्ट्रीय सुरक्षा” कैसे है? कितना और बरगलाएंगे?
सियासी सयानों को भरोसा है कि विदेशी मीडिया की ओर नहीं देखा जाएगा, क्योंकि उसने पलट कर सबूत दे दिए…. तो?

