महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया. हालांकि, ये पहली बार नहीं जब किसी नेता की प्लेन दुर्घटना में मौत हुई हो. 31 मई 1973 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री एस मोहन कुमार मंगल की दिल्ली एयरपोर्ट के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई थी. इसके बाद 23 जून 1980 में कांग्रेस नेता संजय गांधी का विमान दिल्ली के राजनयिक एन्क्लेव में क्रैश हो गया था. वहीं 2001 में माधवराव सिंधिया का विमान मैनपुरी जिले के भैसरोली गांव में क्रैश हो गया था, और अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें…
भारतीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (डीजीसीए) के अनुसार, विमान में कुल पांच लोग यात्रा कर रहे थे. इनमें अजित पवार, उनके निजी सहायक, एक अंगरक्षक और दो पायलट शामिल थे.आगामी ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए प्रचार के लिए बारामती में चार जनसभाओं का आयोजन किया गया था.
इन्हीं जनसभाओं में शामिल होने के लिए वो एक विशेष विमान से मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे.यह दुर्घटना बारामती हवाई अड्डे के रनवे पर लैंडिंग के दौरान हुई.जो प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वो कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर निर्मित एक लीयरजेट-45 एक्सआर विमान था.बीते कुछ दशकों में भारत में ऐसी हवाई दुर्घटनाएं हुई हैं जिनमें कई दिग्गज नेताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी.
1. विजय रूपानी
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई.इस विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे. गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इसी विमान में सवार थे.यह इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक थी. भारतीय मूल के ब्रिटिश यात्री विश्वास कुमार रमेश इस दुर्घटना में बच गए.
अगस्त 2016 में आनंदीबेन पटेल के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था.इसके बाद उन्होंने 2021 के मध्य तक इस जिम्मेदारी को संभाला.
2. दोरजी खांडू
30 अप्रैल 2011 को, इटानगर से तवांग जा रहा एक हेलीकॉप्टर लापता हो गया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोग सवार थे.
उड़ान भरने के 20 मिनट बाद यह हेलीकॉप्टर लापता हो गया था और खोज दल को पांचवें दिन इसका मलबा मिले और उसमें सवार सभी पांच लोगों के शव बरामद किए गए.खांडू पवन हंस के चार सीटों वाले सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर एएस-बी350-बी3 में यात्रा कर रहे थे.दोरजी खांडू को ले जा रहे हेलीकॉप्टर का मलबा अरुणाचल प्रदेश के लुगुथांग क्षेत्र में समुद्र तल से 4900 मीटर की ऊंचाई पर मिला.
पर्वतीय, बर्फ़ से ढके इलाकों में पांच दिनों तक चले इस खोज अभियान में भारत और पड़ोसी भूटान के 3,000 सुरक्षा बलों सहित 10,000 से अधिक लोग शामिल थे.
लड़ाकू विमानों और सैन्य हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था.
3. वाईएस राजशेखर रेड्डी
दो सितंबर, 2009 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी सुबह 8.38 बजे हेलीकॉप्टर से बेगमपेट से रवाना हुए.
वे चित्तूर ज़िले में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे.
कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें सुबह 10.30 बजे वहां पहुंचना था.
राजशेखर रेड्डी जिस हेलीकॉप्टर में यात्रा कर रहे थे वह बेल-430 था और वह लापता हो गया था.
सेना की मदद से नल्लामाला वन क्षेत्र में हेलीकॉप्टर की तलाश की गई और इसका मलबा 3 सितंबर को मिला. इस दुर्घटना में उनके समेत पांच लोग मारे गए.
4. ओपी जिंदल
31 मार्च 2005 को, प्रसिद्ध इस्पात उद्योगपति और राजनेता ओपी जिंदल की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई.
उनके साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल के बेटे सुरेंद्र सिंह भी थे.
चंडीगढ़ से दिल्ली लौटते समय हुई इस दुर्घटना में पायलट की भी मौत हो गई.
उस समय हरियाणा में कांग्रेस की सरकार में ओपी जिंदल ऊर्जा मंत्री थे, जबकि सुरेंद्र सिंह कृषि मंत्री थे.
यह दुर्घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले के गंगोह कस्बे के पास दोपहर करीब 12.30 बजे हुई.
5. माधवराव सिंधिया
कांग्रेस नेता माधवराव सिंधियाकी 30 सितंबर, 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले की भोगांव तहसील के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई.सिंधिया कानपुर में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे.
विमान में उनके साथ छह अन्य लोग भी सवार थे. जिंदल समूह का 10 सीटों वाला चार्टर्ड विमान ‘सेसना सी90’ नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ था.
यह विमान आगरा से 85 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार सभी लोग मारे गए.
माधवराव सिंधिया कांग्रेस के अग्रणी नेताओं में गिने जाते थे. उन्हें एक युवा और लोकप्रिय नेता माना जाता था.
6. जीएमसी बालायोगी
आंध्र प्रदेश की राजनीति में जीएमसी बालायोगी का नाम बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है. 1998 के लोकसभा चुनावों में बालायोगी विजयी हुए और उस लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए.
फिर अगले वर्ष दोबारा चुनाव हुए. उनमें भी उन्होंने जीत हासिल की और फिर से लोकसभा अध्यक्ष बने.तीन मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश के भीमावरम से लौटते समय उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित से कम ऊंचाई पर उतरने की कोशिश कर रहा था और अंततः एक नारियल के पेड़ से टकरा गया.
इस दुर्घटना में बालायोगी, पायलट और उनके सुरक्षा अधिकारी की मृत्यु हो गई.उनकी मृत्यु के बाद, उनकी पत्नी अमलपुरम उनकी लोकसभा सीट से सांसद बनीं. 2024 के लोकसभा चुनावों में, बालायोगी के बेटे जीएचएम बालयोगी अमलपुरम से सांसद बने.
7. संजय गांधी
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की मृत्यु भी एक विमान दुर्घटना में हुई थी, हालांकि इस विमान को वो खुद उड़ा रहे थे.संजय गांधी को 1976 में हल्के विमान उड़ाने का लाइसेंस मिला था.
दुर्घटना के दिन 23 जून 1980 को, वह दिल्ली के सफ़दरजंग हवाई अड्डे पर एक निजी विमान उड़ा रहे थे, तभी उनका विमान दुर्घटना का शिकार हो गया.इस विमान में उनके साथ उनके सह-पायलट सुभाष सक्सेना भी थे. विमान दुर्घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.

