हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। बिहार के खगड़िया जिले की कई बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही है। हम यहां आपको जिले की उन बेटियों के बारे में जो शिक्षा के मंदिर से खेल के मैदान तक सफलता की उड़ान भर रही हैं।
अब पुरानी धारणा बदल रही हैं। बेटियां बोझ नहीं, बल्कि लक्ष्मी कही जाती हैं। जिले की बेटियां लगातार एक से बढ़कर एक सफलताओं के झंडे गाड़ रहीं हैं। बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि वह बेटों से कम नहीं है।
शिक्षा के मंदिर से खेल के मैदान तक बेटियां सफलता की उड़ान भर रही है। साहित्य के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक पुरस्कारों की झड़ी लगाने वाली स्वराक्षी स्वरा नित्य नए रचनाओं से जिले का मान बढ़ा रही है। वहीं, रग्बी के मैदान में कविता ने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल कर कृतिमान स्थापित किया है।
हॉकी की स्टिक पर गेंद को नाचने वाली नवनीत कौर कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। तनिष्क रणधीर और परिणीता रणधीर, दोनों बहनों ने बैडमिंटन में एक अलग पहचान बनाई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अनुभूति मैडम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
नवनीत कौर ने खगड़िया को दिलाई पहचान
संसाधन के अभाव के बावजूद आज खगड़िया हॉकी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। महिला हॉकी में नवनीत कौर बड़ा नाम है। नवनीत कौर 12 नेशनल खेल चुकी हैं।

नवनीत कौर।वह राष्ट्रीय अंपायर भी हैं। खगड़िया में महिला हॉकी को सशक्त बनाने, पहचान दिलाने में नवनीत कौर सबसे बड़ा नाम है।
दिल को छूती हैं स्वराक्षी स्वरा की कविताएं
साहित्य के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से सम्मानित स्वराक्षी स्वरा नित्य नए रचनाओं से जिले का मान बढ़ा रही हैं। वह साहित्यकार के साथ-साथ एक शिक्षिका भी हैं। वह खेल-खेल में, कविताओं और गीतों के माध्यम से बच्चाें को पढ़ाने में माहिर हैं। साहित्य का सुफल पठन-पाठन में दिखता है।
स्वराक्षी स्वरा।वह नवाचार से शिक्षित समाज रच रही हैं। जिले के बेलदौर प्रखंड के मध्य विद्यालय हनुमान नगर में पदस्थापित हैं और अंग्रेजी पढ़ाती हैं। स्वराक्षी स्वरा खेल-खेल में पढ़ाने के लिए, पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी से सम्मानित हो चुकी हैं।बता दें कि स्वराक्षी स्वरा माचिस के खाली डिब्बे का भी शिक्षा के नवाचार में प्रयोग कर विषय-वस्तु को आसान बना देती हैं।
जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाती हैं अनुभूति मैडम
इंटर स्कूल मेहसौड़ी में कार्यरत शिक्षिका अनुभूति को आज जिले में हर कोई जानता है। वह स्कूल में ज्ञान बांटने के साथ-साथ स्कूल का समय खत्म होने के बाद जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क पढ़ाती हैं। वह उन बच्चों को पोषाक देने के साथ- साथ स्वच्छ जीवन जीने के गुर भी सिखाती हैं।
अनुभूति मैडम।वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के बीच ज्ञान बांट रही हैं। उन्हें स्कूलों से जोड़ने का भी काम कर रही हैं। वहीं, इंटर स्कूल मेहसौड़ी की छात्राओं को हुनरमंद भी बना रही हैं। उन्हें कढ़ाई-बुनाई, ब्यूटीशियन, मेंहदी लगाने, खिलौने बनाने आदि के गुर सिखा सशक्त बना रही हैं। इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है।
बैडमिंटन में सगी बहनें तनिष्का और परिणीता रच रही हैं इतिहास
बैडमिंटन में सन्हौली की सगी बहनें तनिष्का रणधीर और परिणीता रणधीर ने जिले का नाम रौशन किया है। दोनों का सफर 2018 में शुरू हुआ।
परिणीता रणधीर।इसके बाद से दोनों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। 2025 जनवरी में राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंडर-15 बालिका वर्ग में परिणीता रणधीर उपविजेता रही।
तनिष्का रणधीर।2024 में मुजफ्फरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता (एसजीएफआई) में, बालिका वर्ग में, अंडर-14 में परिणीता रणधीर चैंपियन बनीं। जबकि अंडर-17 में तनिष्का रणधीर विजेता रहीं।