( आखिर एक्जिट पोल में अचानक रातों-रात बीजेपी इतना आगे कैसे हो गई ? कुछ यक्षप्रश्न )
-निर्मल कुमार शर्मा,
अभी तक जब तक चुनाव हो रहा था पूरे उत्तर प्रदेश में बीजेपी,मोदी,कथित योगी आदि सभी की हवा खराब चल रही थी और अखिलेश यादव व जयंत चौधरी की चहुंओर विजय की डुगडुगी बज रही थी अचानक रातों-रात क्या परिवर्तन आ गया कि बीजेपी पूर्ण बहुमत से जीतने लगी ! इग्जिट पोल में अचानक बीजेपी आगे क्यों हो गई ! इसे ठीक से समझिए,मीडिया द्वारा भाजपा की यूपी में सत्ता वापसी से ज्यादा प्रचंड लहर जैसा प्रदर्शन का अनुमान किसी चंडू खाने की आयरन वाली आइसक्रीम से कम नहीं। सारे जमीनी समीकरणों को दरकिनार कर बनायी गयी यह एग्जिट पोल विपक्ष के साथ – साथ जनता का ध्यान भटका कर प्रशासनिक लफड़ेबाजी के बीच मतगड़ना में हेरा फेरी की रणनीति का हिस्सा है। युद्ध से पहले मनोवैज्ञानिक दबाव युद्ध से पहले ही जीत की गारंटी देता है। बस यही काम कॉर्पोरेट्स का मोदी मीडिया कर रहा है। शासन प्रशासन का दबाव, केंचुआ का घुटना टेक प्रदर्शन और भाजपा का षड्यंत्र ये 3 गठबंधन मतगणना में वो भूमिका निभा सकते है जो विपक्ष के सामने परसी हुई थाली सामने से खींचने जैसा होगा जैसे बिहार में ये तिकड़मबाज किए थे और उसके बाद कथित तेजस्वी यादव चुप बैठ गया !
बाकी विपक्ष भी यदि अपने अतिउत्साह के कारण उत्तर प्रदेश में भी जरा सी भी चूक करेगा तो उसकी भी नियति बिहार वाली होकर रह जाएगी !यक्षप्रश्न है लाकर रूम,जिसमें ईवीएम मशीनों को रखा गया है,उसके पहरेदार उस जिले के दारोगा से लेकर लेखपाल,जिलाधिकारी,कमिश्नर आदि सभी चाकर सत्तारूढ़ दल के मोहरे ही तो हैं ! इसलिए सभी विपक्षी पार्टियों और जागरूक किसानों, वालंटियर्स,शिक्षकों,विद्यार्थियों,वकीलों और इस देश के सभी जागरूक लोगों को आज 8-3-2022 और 9-3-2022 को तथा विशेष रूप से इन दो रातों को संगठित और सशक्त तौर पर लाकर रूम्स के दरवाजे पर,जिसमें उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र की कुंजी ईवीएम मशीनों को रखा गया है, बिल्कुल सजग, चौकन्ना और सतर्क रहकर पहरेदारी करने की जरूरत है !जरा सी लापरवाही से ये तिकड़मबाज,जुमलेबाज अपने चमचे और पत्तलचाट पत्रकारिता के एजेटों द्वारा की गई एक्जिट पोल की भविष्यवाणी को सच साबित करने के लिए कुछ भी कुकृत्य करने से बाज नहीं आएंगे !
-निर्मल कुमार शर्मा, 'गौरैया एवम् पर्यावरण संरक्षण तथा देश-विदेश के समाचार पत्र- पत्रिकाओं में पाखंड, अंधविश्वास,राजनैतिक, सामाजिक,आर्थिक,वैज्ञानिक, पर्यावरण आदि सभी विषयों पर बेखौफ,निष्पृह और स्वतंत्र रूप से लेखन ', गाजियाबाद, उप्र

