अग्नि आलोक

*गोएबेल्स था खून का प्यासा, अपने छह बच्चों को मारकर की थी खुदकुशी*

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अपने छह बच्चों हेल्गा, हिल्डा, हेलमट, होल्डे, हेडा और हीडे की लाशों के बीच खड़ी उसकी मां मैग्डा किसी मूर्ति की तरह जड़ हो गई थी। साइनाइड की बूंदों के गले में उतारे जाने के बाद पलभर में मौत की नींद सो जाने वाले बच्चों की तरफ देख रही मैग्डा अपनी जगह से नहीं हिल पा रही थी। बाद में जब वह अपने बंकर में गई, तो सामने खड़े पति गोएबेल्स की ओर देखा। गोएबेल्स ने इशारों में पूछा कि क्या हुआ। मैग्डा उसके नजदीक जाकर काम हो जाने की बात कहते ही फफक-फफककर रोने लगी।

मैग्डा और गोएबेल्स ने भी चखा साइनाइड

जो साइनाइड गोएबेल्स के छह बच्चों की मौत का कारण बना, अब उसका स्वाद चखने के लिए खुद गोएबेल्स और उसकी पत्नी तैयार थे। गोएबेल्स को पता था कि जर्मनी में हिटलर की तानाशाही के अंत के बाद अब उसके पास को कोई रास्ता नहीं बचा था। रात में गोएबेल्स और उसकी पत्नी मैग्डा ने बंकर में ही साइनाइड निगल लिया। कुछ ही पल में दोनों मौत के आगोश में समा गए। बाद में उन दोनों की लाशों को ठीक उसी तरह आग के हवाले किया गया, जैसे हिटलर के शव को किया गया था।

हिटलर हुआ राख, लेकिन गोएबेल्स का शव रहा अधजला

सोवियत सैनिकों की जीत से भयभीत हिटलर ने आत्महत्या के बाद खुद को जला देने का हुक्म दिया था। हिटलर के शव को जला दिया गया, लेकिन उसके बाद पेट्रोल नाम मात्र का ही बचा था। इतने कम पेट्रोल से गोएबेल्स को पूरी तरह जलाना असंभव था, इसलिए उसका शव अधजला ही रह गया। मैग्डा की लाश भी अधजली थी। बाद में सोवियत सैनिक जब उनकी लाशों के पास पहुंचे, तो अधजली लाशों की पहचान करना कोई मुश्किल काम नहीं था।

पढ़ा-लिखा होने के बावजूद गोएबेल्स था खून का प्यासा

गोएबेल्स ने हिटलर की नाजी पार्टी जॉइन करने से पहले पीएचडी की हुई थी। उसने कुछ किताबें भी लिखी थी, लेकिन इसमें वह सफल नहीं रहा था। इतना पढ़े-लिखे होने के बावजूद गोएबेल्स ने अपने छह बच्चों की हत्या और अपनी पत्नी सहित खुदकुशी की। अपने सियासी कैरियर में वह यहूदियों के खून का प्यासा मंत्री कहलाता रहा, लेकिन अंत में उसके हाथ विध्वंस और विनाश ही आया। हिटलर के यहूदी विरोधी हिंसक राजनीति का सिरमौर बनने में भरपूर मदद करने वाले गोएबेल्स ने आखिरकार अपने ही हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया था।

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