*_-निर्मल कुमार शर्मा
अभी पिछले दिनों सोशल मिडिया पर एक विडिओ वायरल हुई है,जिसमें हरीश साल्वे नामक एक वकील दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जैसे जनोन्मुखी व जनहित के कार्य करने वाले मुख्यमंत्री को लक्ष्य करके,उनकी कटु आलोचना करते हुए,मोदी,उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों क्रमशः योगी और नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए,मार्क्सवाद व समाजवादी व्यवस्था को जमकर गालियाँ दिया है। यह व्यक्ति परोक्ष रूप से वर्तमानकाल में फॉसिज्म के वाहक घोर दक्षिणपंथी और पूँजीवादी व्यवस्था द्वारा पूरे भारत भर में मजदूरों,आम आदमी,गरीब-गुरूबों,ठेले-पटरी वालों,छोटे दुकानदारों को भूखों-प्यासे-पुलिस द्वारा लाठियों से अकारण प्रताड़ित होने,जुल्म होने,ट्कों से,कारों से,ट्रेनों से,लू से,भूख से,बिमारी से,ट्रेनों को जानबूझकर लेट किए जाने से सैकड़ों लोगों को मरने पर खुशियाँ मनाने जैसा विद्रूप व्यवहार कर रहा है।
यह व्यक्ति बड़े बाप का बेटा है,यह कांग्रेस के जानेमाने नेता एन.के.पी.साल्वे का अमीर बेटा है,जिसकी शैक्षिक योग्यता मात्र एलएलबी और सीए ही है,यह 1980 में नागपुर से अपनी पढ़ाई पूरी करके,रसूखदार बाप की औलाद होने के कारण वह मात्र 12 वर्षों में ही 1992 में दिल्ली हाईकोर्ट का सीनियर एडवोकेट नियुक्त कर दिया गया। बड़े बाप की औलाद के बल पर यह साधारण सा शिक्षित वकील भारत सरकार का 1999 से 2002 के बीच सॉलीसिटर जनरल बना दिया गया !_*
*_केवल एक केस में,जिसमें पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में,इस व्यक्ति ने बगैर अपनी फीस के मुकदमा लड़कर जाधव को अन्तर्राष्ट्रीय अदालत के द्वारा पाकिस्तानी मिलिट्री कोर्ट से मिली मौत की सजा को तत्काल प्रभाव से रोक दी गई थी,लड़ा है। इसके अतिरिक्त आज तक यह व्यक्ति आम जन के हित,कल्याण और भलाई के लिए एक भी काम नहीं किया है,यह बड़े-बड़े धन्नासेठों और कार्पोरेट घरानों और साम्राज्यवादियों यथा सलमान खान,मायावती,जयलिलता,आईटीसी लिमिटेड,मुकेश अंबानी के लिए कृष्णा-गोदावरी गैस बेसिन केस,टाटा संस,इटली की सरकार, ब्रिटिशसाम्राज्यवाद की मलिका एलिजाबेथ द्वितीय का काउंसलर बनकर,उक्त सभी बड़े-बड़े रईसों,भ्रष्ट नेता-नेत्रियों,राजा-रानियों की अकूत सम्पत्ति,पूँजी,रूतबे,शानोशौकत और दबदबे को अक्ष्क्षुण रखने के लिए,उनसे करोड़ों की फीस और सुविधा लेकर साधारण जनता,मजदूरों आदि के हक-हूकूक को कुचलने और मर्दित करके अब तक गरीबों,निर्धनों,मजदूरों आदि के खिलाफ मुकदमों को लड़कर,हमेशा अपनी वकालत को चमकाया है !_*
*_यह वही व्यक्ति है,जो सलमान खान के केस में,जिसमें सलमान ने राजस्थान के पर्यावरण व जीव रक्षक विश्नोई समाज द्वारा संरक्षित काले हिरनों को अवैध रूप से अपने महिला मित्रों और अन्यों द्वारा मिलकर,उनकी निर्मम हत्या करके, उन्हें भूूूनकर खा गया था,तथा मुबंई के सड़कों की पटरी पर सो रहे गरीब लोगों पर अपना लैंड क्रूजर जैसी गाड़ी तेज रफ्त़ार में चलाकर उन पर चढ़ाकर एक आदमी को मार डाला था ! ऐसे लोगों और बिगड़ैल संतानों के पक्ष में यह करोड़ों रूपये मेहनताना लेकर उन्हें कोर्ट से जमानत कराने जैसा कुकृत्य करता रहा है,भले ही निर्धन,कमजोर मृतक की पीड़ित विधवाएँ रोती-घिघियाती रहें, इससे इसे कुछ फर्क नहीं पड़ता है ! इस व्यक्ति को निर्भया केस के चारों दरिंदे बलात्कारियों को उनके किए वहशी कुकृत्यों के लिए निर्भया के माँ-बाप को निःशुल्क केस लड़ने वाली बहादुर,मानवीय, न्याय के लिए संघर्षरत वीरांगना एडवोकेट सीमा कुशवाहा से प्रेरणा लेनी चाहिए,जो निर्भया के माँ-बाप से बगैर एक भी पैसा लिए उन दरिंदों को सुप्रीमकोर्ट में केस लड़कर,फाँसी के फंदे तक पहुँचा दिया ! वकालत का पेशा केवल पैसा कमाने तक ही सीमित पेशा नहीं होना चाहिए, बहुत से वकील इस देश और समाज की भलाई के लिए भी लड़ते हैं,जिसमें सीमा कुशवाहा जैसे वकील लोग भी हैं इसके अतिरिक्त इस देश को स्वतंत्र कराने में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देेेने वालों में गाँधी,नेहरू,पटेल,भूलाभाई देसाई,सप्रू जैसे लोग भी वकील ही थे,जो चाहते तो श्रीयुत् श्रीमान हरीश साल्वे जैसों की तरह अकूत सम्पत्ति और धन कमाकर चुपचाप सुख से रह सकते थे,लेकिन उन्होंने अपनी वकालत से अकूत धन अर्जित कर श्रीमान साल्वे महोदय जैसे विलासिता का जीवन जीने से बेहतर इस देश के अरबों लोगों के जीवन में बेहतरी लाने के लिए ब्रिटिशसाम्राज्यवादियों द्वारा पददलित व आक्रांत इस देश को परतंत्रता की बेड़ियों को काट देने में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, अपना जीवन कुर्बान कर दिया ! श्रीमान् हरीश साल्वे महोदय ! मानव जीवन का एकमात्र लक्ष्य केवल पैसा कमाना ही नहीं होता है,ये बहुत ही तुच्छ और नगण्य चीज है। मानव जीवन की सार्थकता अपने देश,अपने राष्ट्र और अपने समाज की कुरूपताओं, विषमताओं, अन्यायों,जुल्मों, भेदभावों आदि अमानवीय व्यवस्था के विरूद्ध लड़ने और उसी के निमित्त मर-खप जाने में ज्यादे सार्थकता,अमरता और उपादेयता है।_*
*_समाचार पत्रों की सूचना के अनुसार यह व्यक्ति एक दिन के लिए 30 लाख तक रूपये ले लेता है ! विलासिता और मंहगे शौक इतने कि एप्पल के लाखों रूपये के उत्पाद को उसके निर्माण होने के 48 घंटों के अन्दर इसे मिलना चाहिए होता है ! ब्रिटेन निर्मित बेंटले कॉटिनेंटल कार जिसकी कीमत की शुरूआत ही 3.29 करोड़ रूपयों से होती है,उसकी सवारी करता है। जहाँ तक भारत को समाजवादी राज्य और लाल झंडा फहराने की केजरीवाल को नसीहत देने की बात है,तो हरीश साल्वे जैसों को शर्म से डूब मरना चाहिए,जिसे वर्तमान दौर की शर्मनाक फॉसिस्ट, दक्षिणपंथी और घोर पूँजीवादी मोदी के दुर्नीतियों के चलते भारत की सड़कों पर दर-दर ठोकर खाते भूखे-प्यासे,मरते-कुचलते,बेबस,निरीह मजदूर, उनकी बिवियाँ और बच्चे नहीं दिखाई देते ! कम से कम समाजवादी शासन व्यवस्था और लाल झंडे के शासन के तहत इन भूखों मरते आम गरीबों और मजदूरों को भूख से तड़प-तड़पकर मौत तो नहीं ही होती ! हमें बेहद आश्चर्य है इतने कुरूप,क्रूर,वीभत्स,अमानवीय पूँजीवादी व्यवस्था की वजह से भारत की करोड़ों जनता को अपनी आँखों के सामने सड़कों पर भूख से मरते देखकर भी हरीश साल्वे जैसों को आमजनहितैषी, कल्याणकारी,समाजवादी शासन व्यवस्था और लाल झंडा के प्रति अभी भी विस्तृणा है ! शर्म है ऐसी अमानवीय बुद्धि पर !_
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*_-निर्मल कुमार शर्मा, ‘
गौरैया एवंम् पर्यावरण संरक्षण तथा लेखन ‘, उप्र,पिनकोड नंबर-201009,संपर्क -9910629632,ईमेल-nirmalkumarsharma3@gmail.com_*

