Site icon अग्नि आलोक

किसी किताब  किसी  स्कूल से न सीखेंगे  वो

Share

सरल कुमार वर्मा

किसी किताब किसी स्कूल से न सीखेंगे वो
लगेगी ठोकर जमाने की तो सब सीखेंगे वो

औेरों के होनहार से तुलना न करो उसकी
तुम्हारी सीख और अपने हुनर से सीखेंगे वो

न उदास हो अपनी उम्मीद उनकी बेरुखी से
नकारे नहीं है मिले मौका तो सब सीखेंगे वो

किसी मजबूर के कंधे पर पैर रखकर बढ़े थे
तुम्हारे दांव को तुमसे बेहतर दिखेंगे वो

बदल गया जमाना अब वक़्त नहीं रहा वो
इस दौर की रफ्तार में हार कर जीतेंगे वो

कमाया क्या है जो खोने से डरते हो तुम
चन्द मक्कारिया है नोटों के लिए सीखेंगे वो

“सरल” सी जिंदगी पेचीदा बना दिया तुमने
इंसा रहे होगे तो इंसानों सा जी लेंगे वो
सरल कुमार वर्मा
उन्नाव,यूपी
9695164945

Exit mobile version