~ रीता चौधरी
घटते- बढ़ते वजन के बीच फिटनेस की जांच करना जरूरी है। घर पर रहकर भी इसकी जांच की जा सकती है। इससे पता चल पाता है कि हम कितने स्वस्थ हैं।
*क्यों जरूरी है फिटनेस मापन :*
जर्नल ऑफ़ एथलेटिक ट्रेनिंग के अनुसार, फ़िटनेस को सबसे पहली प्राथमिकता देनी चाहिए। यह फिजिकल और मेंटल फिटनेस के लिए जरूरी है।
यदि आप फिजिकल रूप से फिट हैं, तो 40 से अधिक पुरानी बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है।
मधुमेह (Diabetes), हृदय रोग (Heart Disease), मोटापा (Obesity), उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) और यहां तक कि कैंसर (Cancer) जैसे गंभीर रोगों से भी बचाव हो सकता है।
ये हैं सेल्फ फिटनेस टेस्ट के सहज सुलभ, निःशुल्क तरीके :
*(1). एक पैर पर खडे रहने की केपेसिटी :*
यदि आप 30 सेकंड या उससे अधिक देर तक एक पैर पर खड़ी हो जाती/जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर का संतुलन सही है।
स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग जर्नल में शोधकर्ता डेविड पीटरसन बताते हैं कि फिटनेस की जांच करना सिर्फ एथलीट के लिए ही जरूरी नहीं है। आम आदमी को भी इसकी जांच करनी चाहिए।
यदि आप लेफ्ट हैंडर हैं, तो दाहिने पैर पर खड़ी हो जाएं। यदि आप राइट हैंडर हैं, तो बाएं पैर पर खड़ी हो जाएं। यदि आप 30 सेकंड या उससे अधिक देर तक एक पैर पर खड़ी हो जाती हैं, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर का संतुलन सही है।
65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं 5 सेकंड तक भी खड़ी हो सकती हैं। यदि शरीर का संतुलन ठीक नहीं है, तो एक पैर पर खड़े होने का नियमित अभ्यास करें। एड़ी और अंगूठे पर चलने का अभ्यास भी सहायक हो सकता है।
*(2). द स्टेप टेस्ट :*
जर्नल ऑफ़ एथलेटिक ट्रेनिंग में प्रकाशित शोध आलेख के अनुसार, हृदय शक्ति का परीक्षण करने का सबसे सरल तरीका स्टेप टेस्ट है।
12 इंच की ऊंचाई वाले स्टेप को प्रयोग में लायें। अपने दाहिने पैर से किसी एक ब्लॉक पर चढ़ें। फिर बाएं पैर को रखें।
फिर रिवर्स गतिविधि करें। मुड़ जाएं और नीचे उतरने के लिए पहले दाहिने पैर को आगे बढायें और फिर बाएं को। इस प्रक्रिया को लगातार तीन मिनट तक दोहराएं। एक मिनट के लिए कुर्सी पर आराम करें।
फिर छह सेकंड बाद पल्स रेट चेक करें। एक मिनट के लिए अपनी हृदय गति निर्धारित करने के लिए उस संख्या को 10 से गुणा करें।
एरोबिक व्यायाम सबसे जरूरी
18 से 25 वर्ष की महिलाओं के लिए 60 सेकंड के बीच 94 और 110 के बीच की पल्स रेट औसत से ऊपर है। 93 या उससे कम अच्छा है।
46 से 55 वर्ष की महिलाओं के लिए 101 या उससे कम का पल्स रेट अच्छा है।
सुधार के लिए नियमित एरोबिक व्यायाम करें। तेज चलने, तैराकी, जॉगिंग, बाइकिंग, सीढ़ियां चढ़ने, टेनिस या बास्केटबॉल जैसे एक्टिव टीम खेल खेलने की कोशिश करें।
*(3). स्मार्ट वाच का उपयोग :*
स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित शोध आलेख बताते हैं कि फिटनेस का मतलब है आपका दिल, फेफड़ा या सर्कुलेशन सिस्टम अच्छी तरह ऑक्सीजन का उपयोग करती है।
इन दिनों कई अलगअलग तरह के स्मार्टवाच उपलब्ध हैं, जो हार्ट बीट को मापकर बता देती है।
*(4). फ्लेक्सिबिलिटी टेस्ट :*
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, फ्लेक्सिबिलिटी टेस्ट के लिए पीठ के बल लेट जाएं और दाहिने पैर को चेस्ट की ओर उठाएं। 10 – 30 सेकंड तक रूकें।
पैर को छाती के करीब लाने के लिए जांघ को पकड़ सकती हैं। दूसरे पैर से दोहराएं। बैठ जाएं और पैरों को सामने फैला लें। बाएं पैर को घुटने पर मोड़ें, ताकि पैर दाहिनी जांघ को छुए। अपने हाथों को अपने फैलाए हुए पैर के नीचे ले जाएं।
दूसरी तरफ दोहराएं। कुछ स्ट्रेच के बाद एक से तीन मिनट के लिए तेज गति से टहलें। यदि आप ऐसा कर लेती हैं, तो आपका शरीर फ्लेक्सिबल है। यदि नहीं कर पाती हैं, तो नियमित रूप से स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
इसमें अधिकांश जॉइंट्स शामिल हों। शोल्डर, अपर आर्म स्ट्रेच और काफ स्ट्रेच शामिल करें।
*(5 ). रोजमर्रा के काम :*
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, रोजमर्रा के काम करने में आप कितनी सक्षम हैं, इससे भी आपकी फिटनेस का पता चलता है।
जमीन पर किसी गिरे हुए सामान को आसानी से उठाना, हर तरह से शरीर को स्ट्रेच कर काम कर लेना, आसानी से सीढियां चढना-उतरना, छोटे बच्चे को गोद में लेकर टहलना और सीढियां चढने से भी फिटनेस मापा जा सकता है।
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