शशिकांत गुप्ते
सीतारामजी ने आज बहुत आश्चर्य जनक बात बताई।
सीतारामजी ने कहा कुछ दिनों पूर्व एक फ़िल्म निर्माता ने मुझसे संपर्क किया।
फ़िल्म निर्माता को एक फ़िल्म बनानी है।
मुझसे फ़िल्म की कहानी पटकथा और संवाद लिखने के लिए सम्पर्क किया है।
मैने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि, मै व्यंव्यकार हूँ।
एक व्यंग्यकार से फ़िल्म की कहानी, पटकथा और संवाद लिखवाओगे तो निश्चित ही फ़िल्म विवादित हो जाएगी।
हाँ आपको एक सलाह दे सकता हूँ। आप कोई भी फ़िल्म बनाओ।
उसमें हुस्न के लाखों रंगों में रंगा गीत किसी गीतकार से लिखवा लो? दर्शक वही रँग पसंद करतें हैं, जो उन्हें देखना है।
सेंसर बोर्ड भी फ़िल्म को हरी झंडी दे देगा।
इनदिनों फ़िल्म को हिट करना हो तो थोड़े बहुत विवादास्पद दृश्य फ़िल्म में फिल्मादो। वैसे तो देशी फिल्मों अभिनेत्रियां कपड़े पहनती है? यही आश्चर्य की बात है? इस मुद्दे पर एक व्यंग्यकार ने बहुत ही सटीक व्यंग्य करते हुए कहा है कि, आजकल की युवतियों को ओर देखकर बस इतना ही मुँह से निकलता है कि, कुछ तो पहना है या कुछ तो भी पहना है। इसे ही आधुनिक फैशन कहतें हैं।
फ़िल्म बिकती ही तब है जब बिकनी नामक परिधान पहन कर अभिनेत्री जलपरी का अभिनय करती है?
जब आपकी फ़िल्म के प्रदर्शन के पूर्व विवाद होगा। कुछ लोग इतने फुर्सत में होतें हैं कि, वे कोई ऐसा मुद्दा पसंद करतें हैं, जो वे नापसंद करतें हैं।
ऐसे मुद्दों को समाचार माध्यम भी पसंद करने लगतें हैं। समाचार माध्यमों के एंकर बुनियादी समस्याओं को ताक में रख देतें हैं,और आपनी टीआरपी बढाने के चक्कर में बेबुनियादी मुद्दों को कवर करने में व्यस्त हो जातें हैं।
जब आपकी फ़िल्म विवादों में फंसेगी तब आपको अपनी फिल्म को हिट करने के लिए विज्ञापन नहीं करना पड़ेगा।
आपके फ़िल्म के विरोधी ही फ़िल्म के विरोध में सक्रिय हो जाएंगे। आपके फ़िल्म का अपने आप प्रचार हो जाएगा।
निर्माता को मेरी सलाह अच्छी लगी। कारण का फ़िल्म निर्माता स्वयं को प्रगतिशील समझता है।
वह धन्यवाद देकर चला गया।
मै अपने सिद्धांत पर अटल रहा।
मैने गाँठ बांध रखी है कि,
मै किसी भी फ़िल्म की पटकथा नहीं लिखूंगा।
फ़िल्म की कहानी लिखना मतलब अपने देश की संस्कृति और तमाम आदर्शों को भूल कर कहानी लिखनी पड़ती है।
यह भी भूल जाना पड़ता है कि अपना देश अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधीजी का देश है।
मैने गाँठ बांध रखी है कि मैं फ़िल्म की कहानी नहीं लिखूंगा।
शशिकांत गुप्ते इंदौर

