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*रसोई : आरोग्य के लिए डाइट में शामिल करें पान का पत्ता*

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     सोनी तिवारी 

पान के पत्ते का इस्तेमाल अलग-अलग रूपों में किया जाता है, कहीं इसे पान के तौर पर खाया जाता है, तो कहीं इसे शुभ कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है।

     आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल इसकी मेडिसिनल प्रॉपर्टीज को देख सेहत संबंधी समस्याओं को ट्रीट करने के लिए किया जाता है। बहुत से लोगों को पान के पत्तों के स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी जानकारी नहीं होती।

    यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो चिंता न करें आज हम आपको बताएंगे कि आखिर सेहत संबंधी किन समस्याओं के उपचार के तौर पर पान के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही जानेंगे इन्हें डाइट में शामिल करने का सही तरीका भी।

  बस आपको एक छोटी सी जगह पर या गमले में इसका पौधा लगाना है,  जिससे कि आप आसानी से इन्हें तोड़ कर अपनी डाइट में शामिल कर पाएं। 

यह हैं पान के पत्तों के फायदे :

   *1. रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स में कारगर :*

     आयुर्वेद में पान के पत्तों का उपयोग विशेष रूप से खांसी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम के इलाज के लिए किया जाता है।

   इन पत्तियों में पाए जाने वाले कंपाउंड चेस्ट कंजेशन से राहत प्रदान करते हैं। यदि किसको सांस लेने में परेशानी होती है, या अन्य किसी प्रकार की रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम है, तो उन्हे पान के पत्तों का सेवन जरूर करना चाहिए।

*2. स्ट्रेस मैनेजमेंट :*

     तनाव और एंजायटी की स्थिति में पान के पत्ते चबाने से आपको राहत मिल सकती है। यह शरीर और दिमाग को आराम पहुंचाता है। पान के पत्तों में पाए जाने वाले फेनोलिक कंपाउंड शरीर से कार्बेनिक कंपाउंड कैटेकोलामाइन को मुक्त करते हैं।

    ऐसे में पान के पत्ते चबाने से मूड स्विंग से बचा जा सकता है। तनाव की स्थिति में यह आपके लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है।

*3. ओरल हेल्थ मेंटिनेन्स :*

      पान के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीमाइक्रोबॉयल प्रॉपर्टीज पाई जाती है। जो सांसों की दुर्गंध को दूर करती है, दांतों का पीलापन कम करती है, प्लाक और दांतों की सड़न से राहत प्रदान करती है।

    खाना खाने के बाद पान के पत्ते को माउथ फ्रेशनर के तौर पर इस्तेमाल करें। इसके इस्तेमाल से मुंह में बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं, साथ ही सांसों की बदबू से भी छुटकारा मिलता है। यह दांत दर्द, मसूड़ों के दर्द, सूजन और मुंह के संक्रमण से भी राहत प्रदान करता है।

    पान के पत्तों में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो मुंह में बैक्टीरिया के विकास को रोकने और ओरल हाइजीन को मेंटेन करने में मदद करते हैं।

*4. कब्ज निवारक :*

     पान के पत्तों को एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस माना जाता है, जो बॉडी के पीएच लेवल को सामान्य रहने में मदद करते हैं। इसका सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत प्रदान करता है। खास कर ये कब्ज पीड़ितों के लिए एक बेहद कारगर घरेलू नुस्खा साबित हो सकता है।

    यह मल को आराम से बाहर निकलने में मदद करता है। पेट की समस्याओं से राहत पाने के लिए पान के पत्तों को कुचलकर रात भर पानी में भिगो दें। सुबह पानी को छान लें और खाली पेट पिएं।

*5. डायबिटीज नियंत्रक :*

   पान के पत्तों में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक प्रॉपर्टी पाई जाती है, जो डायबिटीज की स्थिति में कारगर होते हैं। पान के पत्ते का सेवन खून में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ने से रोकता है।

    टाइप 2 डायबिटीज के लोगों को नियमित रूप से सुबह उठकर पान का पत्ता जमाना चाहिए।

*6. केश रक्षक :*

     पान के पत्तों के इस्तेमाल से बालों को कई फायदे मिलते हैं, ये हेल्दी हेयर ग्रोथ को बढ़ावा देता है। यह बालों को घना बनाने में मदद करते हैं।

    आप इनके सेवन के साथ ही टॉपिकली भी बालों पर अप्लाई कर सकती हैं। इनसे हेयर मास्क तैयार करें या पान के पानी से बालों को धोएं।

अब जानें पान के पत्ते को डाइट में शामिल करने का सही तरीका :

   *1. पान रैप :*

   नारियल, सौंफ, गुलकंद और अन्य सामग्री के चारों ओर पान के पत्तों को लपेटकर पारंपरिक पान बनाएं, और इसे अपनी डाइट में शामिल करें।

*2. सलाद :*

    ताज़े, चटपटे स्वाद के लिए पान के पत्तों को बारीक काट लें और उन्हें सलाद में शामिल करें।

*3.  चाय :*

    सुदिंग और सुगंधित चाय बनाने के लिए पान के पत्तों को गर्म पानी में डालें, अतिरिक्त स्वाद के लिए आप इसमें गुड़ या अन्य जड़ी-बूटियां मिला सकती हैं।

*4. स्मूदी :*

    आप इसके न्यूट्रिशियस ड्रिंक तैयार कर सकती हैं। इसके लिए पान के पत्तों को फल, दही और मेपल या गुड़ के सिरप के साथ मिलाकर स्मूदी तैयार करें।

*5. चटनी :*

    पान के पत्तों को नारियल, हरी मिर्च और इमली के साथ मिलाकर एक स्वादिष्ट चटनी तैयार कर, इन्हे अन्य व्यंजनों के साथ डाइट में शामिल कर सकती हैं।

*6. ऐपेटाइज़र :*

   पान के पत्तों को टोफू या मशरूम जैसी सामग्री के चारों ओर लपेटकर ऐपेटाइज़र के आधार के रूप में उपयोग कर सकती हैं।

*7. माउथ फ्रेशनर :*

पान के पत्तों को सौंफ, इलायची, अलसी और गुड़ के मिश्रण के साथ लेप करके एक घरेलू माउथ फ्रेशनर तैयार कर इसे डाइट में शामिल कर सकती हैं।

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