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भारत बंदऔर 28को नए किसान कानून का दहन…!

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सुसंस्कृति परिहार 

किसान संयुक्त मोर्चे के आव्हान पर 26मार्च को भारत बंद का ऐलान किया गया है आगे की योजना के मुताबिक वे तीनों किसान विरोधी काले कानूनों का 28मार्च होलिका दहन के साथ दहन करेंगे ।आंदोलन के 120वें दिन बंद का आयोजन सरकार का ध्यान आकृष्ट करने बड़े स्तर पर होगा।रेल, सड़क यातायात बाधित रहेगा।सुबह 6बजे से शाम 6तक पूरे 12घंटे बंद रहेगा । दूकान,बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे ।किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा कि कल भारत बंद है और इसे सफल करने के लिए हम यहां सभी लोगों को सूचित कर रहे हैं। कल सभी तरह का व्यापार बंद रहेगा। व्यापार मंडल के लोग, ट्रांसपोर्ट यूनियन और ट्रेड यूनियन के लोगों ने इस बंद का समर्थन किया है। आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी जिन राज्यों में चुनाव हैं वे इससे मुक्त रहेंगे। किसान नेता इस बार यह दावा भी कर रहे हैं कि दिल्ली में अंदर बंद कराएंगे भले ही बेरीकेट्स तोड़ने पड़ें।इसे वामदल , कांग्रेस  और आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिला हुआ है।   मतलब  साफ  है किसान आंदोलन आहिस्ते आहिस्ते सम्पूर्ण देश को अपने आगोश में ले रहा है । महापंचायतों में आई भीड़ बराबर सरकार को ये संकेत दे रही है कि वे बिना मांग पूर्ति के टस से मस होने वाले नहीं हैं। सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही।स्पष्ट है कि उसकी मंशा जनता और किसानों के बीच टकराव को बढ़ावा देने की इच्छा रखती है ।जबकि किसान मुकाम पर डटे हैं तकरीबन दिल्ली से लगे 35 किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह आंदोलन ग्राम बढ़ता ही जा रहा और बढ़ता ही जा रहा है उनका कारवां।उनकी बात उन राज्यों तक भी पहुंची है जहां चुनाव हो रहे हैं ।इसका असर मतदान पर भी पड़ेगा। 

           लगता है, किसान आंदोलन और उसके दौरान हुई तीन सैकड़ा किसानों की मौत आगत समय में केंद्रीय सरकार के लिए चुनौती बनकर खड़ी होने वाली है ।आंदोलन को मिलने वाला जन समर्थन भी इस बात को पुष्ट करता है। किसानों को भरपूर समर्थन दें क्योंकि वे आपके हित की भी लड़ाई शिद्दत से लड़ रहे हैं ।

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