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इंस्टैंट देशभक्त….!

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सहमत हो नहीं हो
हां में हां मिलाओ
माताओं को पूछो न पूछो
बंदे मातरम् खूब बोलो
भारत को मानो न मानो
भारत माता की जय
जरुर करते रहो

ये कुछ पासवर्ड हैं
जिसे हमेशा याद रखना है
जय श्रीराम के नारे कभी मत भूलो
छाते की तरह धूप हो या बारिश
लगातार लगाये रहो

और अंत में
गर्व से कहो हम हिंदू हैं
का गर्म तड़का जरुर लगाना
सात खून ही नहीं
सारा खून माफ
सारा केस वापस
और क्लीन चिट लेकर
बेदाग़ सीना तान
सुनाम बदनाम गली में
घूमते रहो, जन आशीर्वाद लेते रहो
और इंस्टैंट कॉफ़ी की तरह
इंस्टैंट टेस्टी देशभक्त बन कर
तैयार
और अब जब चाहो
चुस्कियां ले कर
बिना किसी डर
बिना किसी शर्म
देश की देशभक्ति ही नहीं
पूरा देश पीते रहो

राम प्रसाद यादव

प्रतिभा एक डायरी’ से

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