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*आंतों का कैंसर :  जिंदगी का न छूटे साथ, मान लें हमारी बात*

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     डॉ. नीलम ज्योति

खराब लाइफस्टाइल की वजह से आजकल दुनिया में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ये कैंसर भी अलग-अलग रूप में सामने आ रहे हैं. मसलन इंग्लैंड में 50 साल से कम उम्र के लोगों में आंत्र कैंसर (Bowel Cancer) होने की दर यूरोप के किसी भी अन्य स्थान की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. 

    द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर का खतरा बढ़ाने में हमारा आहार एक बड़ी भूमिका निभा रहा है.  हम अपने पारंपरिक आहार को छोड़कर ऐसी चीजों की ओर मुड़ गए हैं, जो हमारे शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ाकर हमें इस बीमारी की ओर धकेल रही हैं.

    आज मैं आपको बॉवल कैंसर का खतरा घटाने के लिए 4 अहम उपाय बताने जा रही हूँ. इन्हें अपनाकर आप इस जानलेवा बीमारी से खुद को बचा सकते हैं. 

आंत्र कैंसर से बचाने के लिए आपको फिजिकल एक्टिविटी बढ़ानी होगी. जो लोग नियमित रूप से भागदौड़ करते रहते हैं, उन्हें यह कैंसर होने का खतरा 20 प्रतिशत घट जाता है.

      इसके रोजाना करीब आधे घंटे की तेज वॉक करें या भागदौड़ वाले खेल से अपना नाता जोड़ लें. हफ्ते में 150 मिनट तक जॉगिंग या वॉकिंग करने से आपका शरीर कैंसर सेल्स को तोड़ने में काफी हद तक कामयाब रहता है. 

*बढ़ाएं फाइबर का सेवन*

     कैंसर के खतरों से बचने के लिए अपने आहार में फाइबर का सेवन बढ़ाएं और रेड मीट कम खाएं. कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, फाइबर का सेवन बढ़ाने से आंत्र कैंसर का खतरा कम होता है क्योंकि इससे नियमित मल त्याग को बढ़ावा मिलता है. फाइबर के लिए फल-सब्जी, दाल, साबुत अनाज की ब्रेड और उच्च फाइबर वाले अनाज खाए जा सकते हैं. 

    इसके साथ ही रेड मीट से वक्त रहते तौबा कर लें. ऐसा न करने पर कैंसर की आशंका 32 प्रतिशत बढ़ जाती है. 

*शराब छोड़ दें*

शराब पीने से आतों की कोशिकाओं को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे कैंसर विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए बेहतर है कि शराब का सेवन छोड़ दें. अगर ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हों तो उसे पीना धीरे-धीरे कम कर दें.

     कई रिसर्च से पता चला है कि शराब के प्रत्येक गिलास के सेवन से कोलन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है. ड्रिंक अवेयर के अनुसार, यू.के. में आंत्र कैंसर के हर 17 मामलों में से एक शराब पीने से होता है.

*प्रोसेस्ड फूड से रहें दूर*

डायबिटीज, ओबेसिटी एंड मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा प्रोसेस्ड फूड वजन बढ़ाते हैं. यह मोटापा आंत्र कैंसर का कारक बनता है. 

    जैसे-जैसे आबादी अधिक मोटापे से ग्रस्त होती जाएगी, आंत्र कैंसर की दर बढ़ती जाएगी क्योंकि मोटापे के कारण आंत में पॉलीप्स [कोलन या मलाशय की परत में वृद्धि] बनते हैं और ये पॉलीप्स अंततः कैंसर में बदल सकते हैं. इसलिए बाहर के पैक्ड फूड के बजाय घर का ताजा भोजन खाना शुरू कर दें.

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