गोदी मीडिया और सरकार युटयुबर्स से हलकान है। युटयुबर्स ने सरकार का जीना हराम कर दिया है। सरकार जो नैरेटिव बनाती है उसको युटयुबर्स तत्काल पंचर कर देते हैं । सरकार की मनमानी नहीं चल पा रही है। इसी कारण केंद्र सरकारी और राज्य सरकारें मिलकर लोकप्रिय यूट्यूबर्स पर एफआईआर दर्ज करा रही है तथा यूट्यूब चैनलों को बंद करने का घिनौना हथकंडा अपना रही है। मशहूर भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौड़ पर 11 धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर माद्री काकोटी, जिन्हें ऑनलाइन व्यंग्यकार डॉ. मेडुसा के नाम से जाना जाता है, पर पहलगाम हमले पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के कारण आईटी अधिनियम के प्रावधानों के अलावा बीएनएस धारा 197(1), 152, 302, 352, 353 (2) और 196(1) (ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पहलगाम आतंकी हमले पर सरकार से सवाल पूछे जाने पर
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए संजय शर्मा के 4PM यूट्यूब चैनल को ब्लॉक कर दिया गया है।
सवाल यह है कि क्या सरकार से सवाल पूछना राष्ट्रद्रोह है ? सरकार द्वारा की गई कार्यवाहियां लखनऊ केंद्रित क्यों है? क्या सरकार यूट्यूबर्स को डराने में सफल हो पाएगी? क्या सरकार यूट्यूबर्स पर एफआईआर दर्ज कराने के बाद सजा दिलाने का प्रयास करेगी?

