Site icon अग्नि आलोक

क्या दलबदलू नेताओं से ज्यादा फायदेमंद है इन IAS-IPS अफसरों की जातीय पृष्ठभूमि?

Share

हर छात्र अपने कॉलेज लाइफ में एक सपना देखता है ‘सिविल सर्विसेज’ की परीक्षा पास करने का। डीएम, एसपी जैसे पद युवाओं को असीम ताकत दिलाने की तरफ इशारा करते हैं। समाज बदलने के जज्बे के साथ प्रशासनिक सेवा में प्रवेश करने वाले अधिकारी जब नेता बनने की तरफ आकर्षित होने लगते हैं तो आश्चर्य होता है। हाल के समय में यह प्रचलन काफी बढ़ा है। असीम अरुण ने पिछले दिनों जब भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की तो एक बार फिर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के समाज सेवा के दूसरे माध्यम यानी राजनीति की तरफ रुझान पर बहस छिड़ी है। हालांकि, समाजशास्त्री प्रो. रणधीर कुमार सिंह कहते हैं, दो-चार उदाहरणों को आप समग्र रूप से नहीं देख सकते। वे बताते हैं कि राजनीति के माध्यम से सत्ता में आने वाले लोग पॉलिसी बनाते हैं और प्रशासनिक पदाधिकारी उन पॉलिसी को आम जनता तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाते हैं। प्रशासनिक पदाधिकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कराता है। पुलिस पदाधिकारी कानून की स्थापना करता है। कुछ अधिकारियों को जब लगता है कि चीजें उनके हिसाब से नहीं चल रही हैं या वे उन पॉलिसी या कानून में बदलाव की तरफ सोचने लगते हैं तो उनका रुझान राजनीति की तरफ बढ़ता है। असीम अरुण तो उदाहरण हैं, यूपी में कई प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने पहले राजनीति को चुना है। आइए उनके बारे में जानते हैं..

असीम अरुण

कानपुर पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत असीम आयुक्त के इस्तीफे ने हर किसी को चौंका दिया। 51 वर्षीय यह सीनियर आईपीएस पदाधिकारी उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते का नेतृत्व कर चुके हैं। एडीजीपी स्तर के इस पदाधिकारी ने 112 सेवाओं के अलावा अलीगढ़, गोरखपुर और आगरा जैसे जिलों में पुलिस बल का नेतृत्व किया। उनके कार्य की काफी सराहना हुई है। उनके पिता राम अरुण वर्ष 1997 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के डीजीपी बने थे। राम अरुण ने ही प्रदेश में एसटीएफ के गठन की परिकल्पना की थी। वर्ष 2018 में उनका निधन हो गया। अब उनके पुत्र असीम अरुण प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ता बन गए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी की ओर से उन्हें कन्नौज सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। उन्होंने आईपीएस सेवा से वीआरएस लेकर राजनीति तक का सफर तय किया है।

Exit mobile version