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केजरीवाल 2-3 झूठ एक साथ बोल गए

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अंकित राज,

1 मुस्लिम देश नहीं है इंडोनेशिया

2 इंडोनेशिया की करेंसी पर नहीं है गणेश की तस्वीर

3 1998 में छपी थी  एक साल के गणेश की तस्वीर

जिस तरह भारत में हिंदुओं की आबादी सबसे अधिक है, लेकिन भारत हिंदू राष्ट्र नहीं है। वैसे ही इंडोनेशिया में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, लेकिन वह मुस्लिम राष्ट्र नहीं है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपनी अपील में इंडोनेशिया को एक मुस्लिम राष्ट्र बताया है। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। किसी भी अन्य देश की तुलना में इंडोनेशिया में सबसे अधिक मुस्लिम रहते हैं। वहां की आबादी का भी सबसे बड़ा हिस्सा इस्लाम को मानने वाला है। लेकिन इंडोनेशिया एक मुस्लिम राष्ट्र नहीं है। सऊदी अरब की तरह इंडोनेशिया का आधिकारिक धर्म इस्लाम नहीं है।

जिस तरह भारत में हिंदुओं की आबादी सबसे अधिक है, लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र नहीं है। वैसे ही इंडोनेशिया में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, लेकिन वह मुस्लिम राष्ट्र नहीं है। इंडोनेशिया बहुधार्मिक देश है जो समान रूप से छह धर्मों को मान्यता देता है-  इस्लाम, प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक, हिंदू, बौद्ध और कन्फ्यूशियस। इंडोनेशिया में मुस्लिम  87.2%, प्रोटेस्टेंट 6.9%, कैथोलिक 2.9%, हिंदू 1.7%, बौद्ध 0.7%, कन्फ्यूशियस 0.05%

इंडोनेशिया की करेंसी पर नहीं है गणेश की तस्वीर

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अपनी अपील में दावा किया है कि इंडोनेशिया की करेंसी पर गणेश की तस्वीर छपी है। केजरीवाल का यह कथन भी तथ्यात्मक रूप से गलत है। बैंक इंडोनेशिया की वेबसाइट के मुताबिक, इंडोनेशिया में फिलहाल 100,000 Rp, 50,000 Rp, 20,000 Rp, 10,000 Rp, 5000 Rp, 2000 Rp, 1000 Rp के नोट चलन में हैं। किसी नोट पर गणेश की तस्वीर नहीं छपी है। सबसे अधिक मूल्य की करेंसी (100,000 Rp) पर इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सोएकर्नो की तस्वीर छपी है। अन्य नोटों पर भी अलग-अलग चेहरे चस्पा हैं लेकिन किसी पर भी गणेश की तस्वीर नहीं है।

1998 में छपी थी गणेश की तस्वीर

इंडोनेशिया में गणेश को कला और बुद्धि का ईश्वर माना जाता है। 1998 में छपे 20,000 मूल्यवर्ग के इंडोनेशियाई रुपिया पर स्वतंत्रता सेनानी Ki Hajar Dewantara और गणेश की तस्वीर छापी गई थी। करेंसी नोट के पिछले हिस्से पर कक्षा में बैठे बच्चों की तस्वीर थी। इस एक वर्ष के अलावा कभी भी इंडोनेशिया के नोट पर गणेश की तस्वीर नहीं छपी।

अंकित राज, जन सत्ता

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