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असुरक्षा-बोध से मुक्त केरल की बालाएं

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पुष्पा गुप्ता

      _लड़कियां, बच्चियां निशंक भाव से राहुल से मिलने आ रही हैं। उसी सहजता, स्त्री सम्मान के साथ राहुल उनसे मिल रहे हैं। यह बात मीडिया से लेकर भाजपा तक को हजम नहीं हो रही है। राहुल की यात्रा पर हमले बढ़ाए जा रहे हैं। अब कर्नाटक आएगा, जहां भाजपा का नाटक लगातार चलता रहता है._

           ~दैनिक देशबंधु.

      केरल में लोग जगह जगह पूछ रहे हैं कि क्या कन्याकुमारी में तमिलनाडु में यहां से ज्यादा भीड़ थी? यह पूछना इस तरह चैलेन्जिंग होता है जैसे अगर आप कह दो कि हां, वहां ज्यादा भीड़ थी तो लोग कहेंगे कोई बात नहीं हम यहां और ज्यादा कर देते हैं। 

       _राहुल का केरल में जैसा स्वागत हो रहा है वह अभूतपूर्व है। केवल लोगों की भीड़ ही नहीं है, बल्कि उनमें जोश और उत्साह भी है। ऐसा नहीं है कि वहां के वाम दल इसको समझ नहीं रहे। उन्होंने भी अपने झंडे लगाए हैं। मगर वहां लोग बता रहे हैं कि यह पहली बार है जब कांग्रेस के झंडे, लेफ्ट के झंडों से बहुत आगे निकल गए।_

       भाजपा का तो यहां कोई नाम लेने वाला भी नहीं है। पूछने पर कहते हैं कि भाजपा की वजह से तो यहां श्रीधरन जैसा आदमी हार गया। श्रीधरन पर कोच्चि के लोगों को बहुत गर्व है। उन्होंने यहां मेट्रो बनाई है। मेट्रो बनाने की जिम्मेदारी 2012 में उन्हें कांग्रेस की ओमान चांडी सरकार ने सौंपी थी।

मेट्रो मेन कहलाने वाले श्रीधरन ने केरल की पहली मेट्रो कोच्चि में बनाकर यहां के लोगों के दिल में बहुत खास स्थान बना रखा है। इसीलिए उनके विधानसभा क्षेत्र पल्लकड़ के रहने वाले और यहां कोच्चि मेट्रो में काम करने वाले रमेश नायर कहते हैं कि यहां सबको श्रीधरन के विधानसभा चुनाव हारने का बहुत दुःख हुआ। मगर हम क्या कर सकते थे। वे गलत पार्टी से चुनाव लड़े थे। 

       _केरल शायद देश का एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां भाजपा का एक भी विधायक नहीं है। पिछली साल 2021 में भाजपा ने यहां बहुत कोशिश की। देश में सबसे ज्यादा सम्मानित गैर राजनीतिक शख्सियतों में से प्रमुख श्रीधरन को अपनी पार्टी ज्वाइन करवाई, चुनाव लड़वाया।_

         उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बताया। मगर केरल के पढ़े लिखे लोगों ने उन्हें नकार दिया। यहां के मिलीजुली संस्कृति ने भाजपा से लड़ने के कारण मेट्रोमेन को भी स्वीकार नहीं किया। 

केरल भारत का सच्चा प्रतिनिधित्व करने वाला प्रदेश है। जहां देश के तीनों प्रमुख धर्मों के लोग रहते हैं। सबसे ज्यादा करीब 55 प्रतिशत हिन्दू हैं। 27 प्रतिशत के आसपास मुसलमान और 18- 19 प्रतिशत ईसाई हैं।

       _तीनों समुदाय जिस तरह मिलजुल कर रहते हैं वह यहां भाजपा की राजनीति को सफल  नहीं होने देता। इसके अलावा प्रमुख कारण यहां शिक्षितों की संख्या है। जो देश में सबसे ज्यादा है। यहां की साक्षरता दर 96. 2 है। जो हिन्दी प्रदेशों के लिए एक बड़ी चुनौती है। पढ़ाई लिखाई ज्यादा और बेरोजगारी कम होने के कारण ही यहां दंगा फसाद नहीं होता है। सुरक्षा का वातावरण है।_

         यहां तक कि होटल में लड़कियों को रूम सर्विस करने में भी कोई असुरक्षा बोध नहीं होता। जबकि अभी सबने देखा कि :

     _उत्तराखंड में होटल में रिसेप्शनिस्ट जैसे सार्वजनिक स्थान पर काम करने वाली लड़की अंकिता भंडारी लगातर असुरक्षित वातावरण में रही और आखिर में अपनी जान बचाने में भी कामयाब नहीं हो सकी।_

         ये महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने वाले उनका सम्मान करने वाले दक्षिणी राज्यों का सच है। इसीलिए लड़कियां, बच्चियां निशंक भाव से राहुल से मिलने आ रही हैं। और उसी सहजता, स्त्री सम्मान के साथ राहुल उनसे मिल रहे हैं। यह बात मीडिया से लेकर भाजपा को भी हजम नहीं हो रही है। इसी बहाने राहुल की यात्रा पर हमले बढ़ाए जा रहे हैं। 

         अब यहां से कर्नाटक आएगा। जहां भाजपा की सरकार है। फिर आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र। और फिर हिन्दी प्रदेशों की शुरूआत जहां राजनीति किस रंग में जाती है यह देखना दिलचस्प होगा।

         _मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब। कांग्रेस के धैर्य की असली परीक्षा। राहुल में तो है। मगर कांग्रेस भाजपा के हमलों का कैसे सामना करती है और जनता की क्या प्रतिक्रिया होती है यह देखना होगा।_

      {चेतना विकास मिशन)

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