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कुणाल मर्चेंट….जिगरा, हिम्मत और हिमाक़त

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देश के टॉप मोस्ट डिज़ाइनर कहे जाने वाले कुणाल मर्चेंट ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए टेबल डिज़ाइन करने से मना कर दिया है, और वो भी तब जब पूरा देश फ़ासीवाद के सामने लिबिर लिबिर कर रहा और बड़े बड़े नेता एक पद की लालच में अपनी विचारधारा को एक राज्यसभा या कोई और पद की लालच में बेंच डे रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कुणाल को एक मेल द्वारा इस बारे में अप्रोच किया था कि पीएम मोदी की इच्छा है कि आप उनके लिए एक टेबल डिज़ाइन करें।
कुणाल ने पीएमओ को अपने ईमेल के माध्यम से लिखा कि-
ऐसे प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए टेबल डिज़ाइन करना अनैतिक होगा जहां अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उनके अधिकारों से वंचित रखने वाले क़ानूनों पार दस्तख़त किए जाएँगे”
कुणाल यहीं नही रुके उन्होंने कहा कि उनके स्टाफ़ में दलित, महिला, अल्पसंख्यक सभी  शामिल हैं और एक समाज को बांटने वाले कार्यालय के लिए कुछ करने का मतलब अपने लोगों के साथ एहसान फ़रामोशी करना है।उन्होंने आगे ये भी कहा कि वो नही चाहते कि कल इतिहास उन्हें फासीवाद के समर्थक के रूप में जाने।
सौजन्य से – मुहम्मद हसीब

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