शिफ़ा ख़ान
मौसम में गर्मी बढ़ने लगी है। अगर इस बढ़ते तापमान में शरीर का ध्यान न रखा जाए तो कई बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए आयुर्वेद में इस मौसम में कुछ खास फल, सब्जियों और पत्तियों के सेवन की सलाह दी गई है। नीम इनमें सबसे ऊपर है।
नीम की पत्तियों को इसके औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। एंटीसेप्टिक और इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज वाली नीम की पत्तियां शरीर को गर्मी के मौसम में होने वाली बहुत सारी बीमारियों से बचाती हैं।
हमारे घर में नीम की पत्तियों को सिर्फ स्किन केयर ही नहीं, बल्कि बॉडी डिटॉक्स के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। और इसके लिए बनाई जाती है एक खास सब्जी।
बिहार की ये लोकप्रिय नीम–बैंगन की सब्जी न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए एक औषधि भी है। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका और फायदे।
नीम की पत्तियां
बैंगन
सरसो का तेल
सरसो के बीज
नमक
हल्दी पाउडर
सबसे पहले नीम के पत्तों को धोकर इसे डंठल से अलग कर लें।
बैंगन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें, उसमें सरसों के बीज डालकर भून लें।
फिर पैन में नीम के पत्ते डालें। पत्तियों के कुरकुरे होने तक भून लें।
बैंगन डालकर अच्छी तरह से भूनें।
नमक और हल्दी पाउडर डालें सभी को एक साथ अच्छी तरह मिक्स करें।
अब ढककर 5 से 6 मिनट तक पकाएं ताकि नीम का स्वाद बैंगन में पूरी तरह अवशोषित हो जाए।
आपका नीम बैंगन बनकर तैयार है, इसे उबले हुए चावल के साथ गरमागरम एन्जॉय करें।
*नीम- बैगन के फायदे :*
नीम के पत्तों का सेवन करने से ब्लड डिटॉक्स करने, टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर को शुद्ध करने में मदद मिलती है, जो बदले में शरीर के महत्वपूर्ण अंग के कार्यों का समर्थन करके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
नीम के पत्तों के सेवन से आपका शरीर बैक्टीरिया और फंगी से लड़ने के लिए तैयार रहता है, जिससे वे संक्रमण के इलाज और रोकथाम और तेजी से उपचार को बढ़ावा देने में उपयोगी होते हैं।
नीम की पत्तियां रक्त कोशिका के उत्पादन को उत्तेजित करके प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देती हैं, जिससे शरीर संक्रमण और बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधी बन जाता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। नीम के पत्तों में मजबूत एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव, जो गठिया और अन्य सूजन संबंधी बीमारियों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
नीम के पत्ते ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखते हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए अपनी स्थिति मैनेज करना अधिक आसान हो जाता है। इस प्रकार डायबिटीज के मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है, और वे स्वस्थ रहते है।
बैगन फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, इसका सेवन से स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम में योगदान कर सकता है। वहीं इनमें एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से उबरने में मदद कर सकते हैं, जिससे पुरानी बिमारियों का खतरा कम हो जाता है।
बैंगन शरीर को विटामिन सी, विटामिन बी 6,और आयरन सहित आवश्यक विटामिन और मिनरल प्रदान करते हैं। बैंगन कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट में कम होते हैं, जो उन्हें वेट मैनेजमेंट के लिए एक अच्छा विकल्प बनाते हैं। बैंगन को “कूलिंग” फ़ूड माना जाता है, जो गर्मियों के महीनों में आपके टेस्ट बड्स को संतुष्ट कर आपके बॉडी तापमान को नियंत्रित रहने में मदद करते हैं।
नीम और बैगन दोनों ही सेहत के लिए भिन्न रूपों में फायदेमंद हो सकते हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की गुणवत्ता पाई जाती है, जो गर्मी में शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। अगर आप भी इनकी गुणवत्ता का लुफ्त उठाना चाहती हैं, तो पोषक तत्वों से भरपूर बैगन और नीम के पत्ते की सब्जी जरूर ट्राई करें। (चेतना विकास मिशन).
*सामान और बनाने की विधि :*
यह रेसिपी इम्युनिटी बूस्टिंग है, खास तौर पर बदलते मौसम के दौरान अत्यधिक सक्रिय हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से बचाव में मदद कर सकती है। इतना ही नहीं यह किसी लंबी बीमारी के कारण भूख न लगने की स्थिति में भी कारगर होती है।
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए :

