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*छोडें लत, गैस पर रोटी सेंके तो कैंसर* 

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   डॉ.  प्रिया

 आजकल लगभग हर घर में रोटी को गैस के चूल्हे पर बनाया जाता है। रोटी बनाने का एक ही तरीका इस्तेमाल किया जाता है तवे पर आधा सेंकने के बाद सीधे गैस की आंच पर फुलाना। लेकिन रोटी बनाने का यह तरीका धीरे-धीरे आपको कैंसर का मरीज बनाता है।

      कुछ रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ज्यादा गर्म तापमान पर रोटी पकाने से हानिकारक केमिकल्स बनते हैं, जैसे HCA (हेट्रोसाइक्लिक एमीन्स) और PAH (पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन्स), जो कैंसर पैदा करते हैं।

      ‘एनवायर्नमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ नामक जर्नल में छपी एक स्टडी (ref.) के मुताबिक, नेचुरल गैस से चलने वाले चूल्हे से कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सूक्ष्म कण जैसी खतरनाक गैसें निकलती हैं जो WHO के मानकों से ज्यादा हैं। ये गैस सांस संबंधी बीमारियों, हार्ट की दिक्कतों और कैंसर जैसी समस्याओं से जुड़ी होती हैं।

      ‘HCA, PAH और एक्रिलामाइड जैसे केमिकल खासकर स्टार्च और मांस पकाने में बनते हैं। इनका सीधा लिंक कैंसर से नहीं है, लेकिन सावधानी के तौर पर हमें चारकोल या खुले चूल्हे पर पकाने से बचना चाहिए। पहले रोटी को तवे पर एक कपड़े की मदद से दबाकर धीमी आंच में पकाया जाता था, जिससे वह सभी ओर से अच्छे से पक जाती थी और गैस की सीधी आंच से बचा जा सकता था। लेकिन अब रोटियों को सीधी आंच पर फुलाने का चलन ज्यादा हो गया है।

*नए तरीके हानिकारक*

 नया तरीका समय तो बचाता है लेकिन कई बार रोटी जल जाती है, जिससे वह काली हो जाती है और हानिकारक हो सकती है। साथ ही, गैस की सीधी आंच से उसमें चूल्हे की गंदगी और जहरीली गैसें भी लग सकती हैं। इसलिए तवे पर पकाना ज्यादा सुरक्षित और सेहतमंद तरीका है।

अधिकतर लोग रोटी को तवे पर कम पकाते हैं और आंच पर ज्यादा देर तक सेंकते हैं। ऐसा करने से रोटी अंदर से कच्ची रह जाती है। कच्ची रोटी खाने से सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। शिखा ने बताया कि रोटी पकाने से पहला आधे घंटा पहले आटा गूंथ लें। रोटी को तवे पर हल्की आंच पर अच्छी तरह पकाएं। इसके बाद थोड़ी देर ही सीधे आंच पर सेंके। इससे रोटी अंदर से अच्छी तरह पक जाती है।

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