Site icon अग्नि आलोक

*आओ स्कूल चले*

Share

आओ हम स्कूल चले
नव भारत का निर्माण करें।

छूट गया है जो
बंधन भव का
आओ मिलकर उसको
पार करें,
आओ हम स्कूल चले …..

जाकर स्कूल हम
गुरुओं का मान करें
बड़े बूढ़ों का कभी न
हम अपमान करें,
आओ हम स्कूल चले…….

जाकर स्कूल हम
दिल लगाकर पढ़ेंगे
मौज मस्ती और खेलकूद भी
खूब करेंगे,
आओ हम स्कूल चले…….

क ख ग का गान कर
हम हिंदी का मान बढ़ाएंगे।
एक दो तीन चार पढ़ कर
गणित का ज्ञान भी करेंगे।
आओ हम स्कूल चले…….

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
rajivdogra1@gmail.com

Exit mobile version