डॉ. नेहा
सभी फास्ट फूड, पैकेज्ड फूड आपको जहर दे रहे हैं. आजकल बहुत से लोग हैं जिन्हें पिज्जा खाने में बड़ा मज़ा आता है। चलिये पिज्जा पर ही एक नज़र डालें :
पिज्जा बेचने वाली कंपनिया :
“Pizza Hut,
Dominos,
KFC,
McDonalds,
Pizza Corner,
Papa John’s Pizza, California Pizza Kitchen, Sal’s Pizza”
इन सब मशहूर कम्पनियाँ के द्वारा पिज्जा में टेस्ट लाने के लिये E-631 flavour Enhancer नाम का तत्व मिलाया जाता है. यह सुअर के मांस से बनता है.
जब इतनी नामचीन कंपनियों का ये हाल है तो स्ट्रीट फूड या गली बाजार के ठेले वाले से सफाई, गैर मिलावट उम्मीद करना क्या अपने आप से धोखा नहीं है ?
अगर खाने पीने की चीजों के पैकेटों पर निम्नलिखित कोड लिखे हैं तो उसमें ये चीजें मिली हुई है :
E 322 – गाय का मांस
E 422 – एल्कोहल तत्व
E 442 – एल्कोहल तत्व और केमिकल
E 471 – गाय का मांस और एल्कोहल तत्व
E 476 – अल्कोहल तत्व
E 481 – गाय और सुअर के मास का संगटक
E 627 – घातक केमिकल
E 472 – गाय + सुअर + बकरी के मिक्स मांस के संगटक
E 631 – सुअर की चर्बी का तेल
E 635 – सुअर के मांस से बना पदार्थ
नोट – ये सभी कोड आपको ज्यादातर पैकेट में बंद उत्पादन जैेसे : चिप्स, बिस्कुट, च्युंगम, टॉफी, कुरकुरे ओर मैगी आदि मेंl
ये अफवह नही बिलकुल सच है. अगर यकीन नही हो तो इंन्टरनेट गुगल पर सर्च कर लो.
मैगी के पैक पे ingredient में देखें, flavor (E-635) लिखा मिलेगा. यह जानकर भी आप मैगी खाते हैं तो आश्चर्यजनक बात है।
google पर सर्च करके देख सकते हैं इन सब नम्बर्स को :
E100, E110, E120, E140, E141, E153, E210, E213, E214, E216, E234, E252, E270, E280, E325, E326, E327, E334, E335, E336, E337, E422, E430, E431, E432, E433, E434, E435, E436, E440, E470, E471, E472, E473, E474, E475, E476, E477, E478, E481, E482, E483, E491, E492, E493, E494, E495, E542, E570, E572, E631, E635, E904.
आप हानिकारक कोका कोला या पेप्सी आदि पीते हैं. करोड़ो बच्चे भी इनमें शामिल हैं. बड़े चाव से रुपये कोल्ड ड्रिंक के ऊपर खर्च करके अपनी सेहत बर्बाद करते हैं.
कोका कोला, पेप्सी जैसी कंपनियाँ प्रतिदिन 7000 करोड़” से ज्यादा लूट लेती हैं. जहरीला पानी पिलाकर।
गन्ने का जूस, नारियल पानी, आम, फलों के रस, सत्तू आदि को अपनायें. देश का 7000 करोड़ रूपये बचा कर हमारे किसानों को दें. अपनी सेहत भी ठीक रखें। किसान भी आत्महत्या नहीं करेंगे.
(राजेन्द्र प्रसाद, दिल्ली की प्रस्तुति)

