Site icon अग्नि आलोक

जिंदादिल इंसान

Share

खुशनसीब है वो लोग
जो खुशियां बांटते हैं।
मोहब्बत का राग और
मोहब्बत के गीत
सब को सुनाते हैं।
कोई फर्क नहीं पड़ता उनको
कि लोग
उनको हँसाते हैं
या फिर रुलाते हैं।
वो बस चेहरे पर
हल्की-हल्की मुस्कान लिए
जिंदगी बिताते हैं।
वो नहीं देखते
कि राह में फूल पड़े हैं
या फिर चुभते कांटे,
वो बस
मस्ती के आलम में खोए,
कांटों को भी
फूल समझ निकल जाते हैं।

राजीव डोगरा (युवा कवि और लेखक)
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 176029

Exit mobile version