सुसंस्कृति परिहार
देश इन दिनों अजब से दौर में है रोजाना जिस तरह की ख़बरें आती हैं उसे देख सुनकर तो लगता है बहुत कुछ बदलाव से हमें गुजरने के लिए तैयार रहना होगा ।हाल ही लोकसभा में भाषण देकर सुर्खियाँ बटोरने वाली टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के घर के बाहर कड़ा पहरा बिठा दिया गया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से भी की है। महुआ मोइत्रा ने कहा है कि बिना मांगे ही मेरे घर के बाहर हथियारबंद लोगों को तैनात कर दिया गया है। महुआ मोइत्रा ने पिछले दिनों बजट पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।सांसद और पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 के चौथे संस्करण में बोलते हुए कहा कि आज हम भय के माहौल में जी रहे हैं. लेकिन कोई जज और पूर्व जज हमलों से घबराता नहीं है. आज कोई जज बड़ा फैसला लेता है तो रिटायरमेंट के बाद उसे धमकी दी जाती है. ऐसे लोग चाहते हैं कि अगर उनके अनुसार फैसला नहीं होगा तो वे हमला करेंगे, लेकिन जज को इससे डरना नहीं चाहिए.
रंजन गोगोई ने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं उनके पास सही फैक्ट तक नहीं है. उन्होंने कहा कि संसद में एक महिला मेंबर ने आरोप लगाया लेकिन उनकी हिम्मत नहीं है कि वो मेरा नाम लें. मेरा भी नाम है, क्यों नहीं मेरा नाम लिया. इस सवाल पर कि राफेल, अयोध्या पर फैसलों के बदले उन्हें राज्यसभा सीट मिली? रंजन गोगोई ने कहा, ”लोग कहते हैं कि मैने बारगेनिंग की. क्या मैं बारगेनिंग करता तो इतनी छोटी चीज मांगता राज्यसभा की सीट? मैंने राज्यसभा से एक भी पैसा नहीं लिया ।पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने व्यू: द थर्ड पिलर: रोडमैप फॉर इंडियन ज्यूडिशियरी” सेशन में बोलते हुए दो दिन पहले संसद में लगे आरोप पर जवाब दिया । महुआ जी ने क्या गलत बोला और गोगोई जी को इतना चुभ गया कि उन्हें इतनी सफाई पेश करनी पड़ी ।उल्टा चोर कोतवाल को डांटे ।गजब है जी ।सच ही लोग कह रहा है कि न्याय भी शायद सरकार के इशारे पर मिल रहा है और वह सरकार के दबाव में हैं ।एक नई महिला सांसद ने जिस आक्रोश में सदन में साफ बात रखने का साहस दिखाया उसे जनता सलाम कर रही है भाषण के बाद उनकी लोकप्रियता का ग्राफ अचानक इतना बढ़ गया है कि सरकार ने या तो उसे डराने जवान लगाए हैं या उसकी जासूसी की जा रही है ।अभी तक तो विपक्ष के चुनिंदा नेताओं, आंदोलनकारियों पर ही नज़र रखी जाती थी अब जो बदलाव हुआ है उसमें सांसद भी घेरे में आ रहे हैं । महुआ जी का दो टूक कहना है कि यदि विशेषाधिकार हनन का मामला बनता तो कार्रवाई करे। यह निगरानी क्यों ? कहीं ऐसा तो नहीं बंगाल चुनाव के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस की इस ओजस्वी जुझारू वक्ता को बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश में है या दिनेश त्रिवेदी बनाने की।
ऐसा लगता है उधर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली पुलिस ने निगरानी करने की जो व्यवस्था की है। उसके पीछे महुआ जी का ये कहना कहीं भारी तो नहीं पपड़ गया -” जब देश की संसद चालू है तो गृहमंत्री बंगाल में क्या कर रहे हैं ?” चुभ गया हो तभी तो शाह जी फड़फड़ाए हुए हैं। महुआ मोइत्रा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं और पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से लोकसभा में सांसद हैं। उन्होंने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 2019 के भारतीय आम चुनाव में चुनाव लड़ा और जीता।वे एक सशक्त वक्ता हैं ।उनके साथ यदि कोई अवांछित घटना होती है तो वह नारी सशक्तिकरण के और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के ख़िलाफ़ होगी।

