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ममदानी की जीत ने भ्रष्ट कुलीन वर्गों द्वारा नियंत्रित व्यवस्था को बेनकाब किया

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ज़ोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा और न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर, स्वतंत्र उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो को हराया है। एंड्रयू कुओमो को चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भी समर्थन प्राप्त हुआ था।

ममदानी अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर आसीन होने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं।

ममदानी ने इस पद के लिए डेमोक्रेटिक प्रत्याशिता के प्राथमिक दौड़ में भी कुओमो को हराया था।

अमरीकी समाज, जो बेलगाम कॉरपोरेट पूंजी का अभयारण्य है, और जिसे उसके नये रहनुमाओं द्वारा अपने घोषित धर्मनिरपेक्ष, बहुलवादी उदार मूल्यों से हटाकर, पिछले दिनों संकीर्ण श्वेत-ईसाई राष्ट्रवाद की कट्टरता की दलदल में ले जाने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं, वहां ममदानी की इस जीत की गूंज दूर तक जाएगी।

ममदानी को जिताकर जीवनयापन के बढ़ते हुए खर्च और नौकरी की असुरक्षा के बोझ तले दबे हुए न्यूयॉर्कवासी युवाओं और श्रमिक वर्ग ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। न्यूयॉर्क शहर और अमेरिका ने एक नए राजनीतिक और वैचारिक युग में प्रवेश किया है, जिसमें पूंजीवाद के गढ़ के शीर्ष पर अब लोकतांत्रिक समाजवादी एजेंडे आ चुके हैं।

ममदानी ने अपने चुनाव अभियान में न केवल आजीविका-आधारित ‘रोटी-रोज़ी के आर्थिक मुद्दों’ को केंद्र में रखा, बल्कि गाज़ा में इज़राइल के ‘नरसंहार’ का कड़ा विरोध करते हुए अपने सिद्धांतवादी रुख़ को भी बरकरार रखा।

ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर की बढ़ती हुई महंगाई के नीचे पिस रहे आम आदमी को राहत देने वाले और उनके जीवन को सहनीय और आसान बनाने की व्यवस्था करने वाले वायदे किये, जैसे :

• सभी स्थायी किरायेदारों के लिए किराया तुरंत स्थिर कर देना तथा न्यूयॉर्कवासियों की जरूरत के अनुसार आवास बनाने और किराया कम करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग करके लगभग 10 लाख न्यूयॉर्कवासियों के लिए स्थिर किराये वाले अपार्टमेंट सुनिश्चित करना

• विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन बनाना, तेज, किराया-मुक्त, मुफ्त सिटी बसें प्रदान करना

• शहर के स्वामित्व वाली किराना दुकानों का एक नेटवर्क बनाएंगे, जिसका ध्यान कीमतें कम रखने पर होगा, न कि लाभ कमाने पर। ये दुकानें थोक खरीद और शहर की जमीन पर संचालन करके खाद्य सामग्री की क़ीमतों को कम रखेंगी

• परिवार को पालना आसान बनाने के लिए 6 सप्ताह से 5 वर्ष की आयु के प्रत्येक न्यूयॉर्कवासी के लिए निःशुल्क बाल देखभाल की व्यवस्था

ममदानी ने विधायक के रूप में भी विधायिका के अंदर और बाहर श्रमिक वर्ग के लिए काफी संघर्ष किया है। वे टैक्सी चालकों के साथ उनकी भूख हड़ताल में शामिल हुए थे, जिसमें उन चालकों को 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की ऋण राहत प्राप्त हुई थी।

उन्होंने संघर्ष करके मेट्रो सेवा में वृद्धि और एक सफल किराया-मुक्त बस की व्यवस्था के लिए राज्य के बजट में 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि का प्रावधान कराया। ममदानी ने न्यूयॉर्क में प्रस्तावित एक प्रदूषणकारी बिजली संयंत्र को रोकने के लिए न्यूयॉर्कवासियों को संगठित किया और उसे रुकवाया।

 33 वर्षीय ज़ोहरान क्वामे ममदानी के पिता महमूद ममदानी, कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, एक प्रख्यात उत्तर-औपनिवेशिक सिद्धांतकार और शिक्षाविद रहे हैं, जिन्होंने अफ्रीका में उपनिवेशवाद की विरासत पर व्यापक लेखन किया है, और उनकी मां प्रख्यात फिल्म निर्देशिका मीरा नायर हैं, जिन्होंने सलाम बॉम्बे, मिसिसिपी मसाला, मॉनसून वेडिंग जैसी अनेक महत्वपूर्ण फिल्में निर्देशित की हैं।

उनके नाम का मध्य हिस्सा ‘क्वामे’, घाना के प्रख्यात अखिल-अफ्रीकावादी क्रांतिकारी नेता क्वामे नक्रूमा के नाम पर रखा गया है।

उनका जन्म और पालन-पोषण युगांडा के कंपाला में हुआ और जब वे 7 वर्ष के थे, तब वे अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर चले गए। ममदानी हाल ही में 2018 में अमेरिकी नागरिक बने।

ममदानी ने ब्रोंक्स हाई स्कूल ऑफ साइंस में शिक्षा प्राप्त की तथा बोडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना अध्ययन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। ममदानी एक खिलाड़ी भी हैं। वे अपने हाई स्कूल की पहली क्रिकेट टीम की सह-स्थापक रहे हैं।

उनकी आधिकारिक प्रोफ़ाइल के अनुसार, लोगों के आवास संकट से निबटने के मामलों में परामर्शदाता के रूप में काम करते हुए, उन्होंने क्वींस में निम्न आय वाले अश्वेत मकान मालिकों को बेदखली से लड़ने और अपने घरों में रहने में मदद की। उनके इस काम ने उन्हें विधायिका का चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया और वह पहली बार 2020 में न्यूयॉर्क राज्य विधानसभा के लिए चुने गए।

राज्य की राजधानी अल्बानी में, वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका से जुड़े सांसदों के एक छोटे से समूह में शामिल हो गए। यह एक प्रगतिशील और समाजवादी संगठन है जिसकी स्थापना 1982 में हुई थी, लेकिन 2016 में बर्नी सैंडर्स के राष्ट्रपति अभियान के दौरान इसे वास्तविक ताक़त मिली। तब से, यह डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह सक्रिय एक प्रमुख वामपंथी रुझान वाले दबाव समूह के रूप में उभरा है।

डीएसए के न्यूयॉर्क चैप्टर द्वारा संगठित 50,000 स्वयंसेवकों ने एक डोर-टू-डोर अभियान चलाया, जो आश्चर्यजनक रूप से 15 लाख घरों तक पहुंचा।

ममदानी की प्रोफाइल के अनुसार “उन्हे अपने काम के सिलसिले में हर दिन बैंकों के साथ बातचीत करनी पड़ती थी। ये बैंक इंसानों की तुलना में मुनाफे को महत्व देते थे।

उन्हें यह वास्तविकता समझ में आ गयी कि यह आवास संकट, जो इस महामारी से पहले का है, हमारे जीवन के लिए स्वाभाविक नहीं था, बल्कि इसे हमारे लिए एक विकल्प बना दिया गया था। एक ऐसा विकल्प जो हमारे देश और राज्य में दशकों से लागू की गई कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का परिणाम है। फिर भी, हर विकल्प की तरह, हमारे पास हमेशा एक बदलाव का अवसर होता है और ज़ोहरान इसका हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं।”

ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर पद के लिए अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर, प्राइमरी चुनाव में एक मज़बूत सत्ताधारी नेता, पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराकर, वैचारिक रूप से खंडित और आत्ममंथन कर रही डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर तीखी बहस को गति दे दी।

कुओमो पार्टी के भीतर दक्षिणपंथी एजेंडे का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वे प्राइमरी चुनावों में हारने के बाद भी मेयर के चुनाव में ममदानी के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़े। कुओमो का आरोप है कि डेमोक्रेटिक पार्टी में गृहयुद्ध चल रहा है। वे ममदानी और उनके समर्थकों पर आरोप लगाते हैं कि वे अतिवादी वामपंथी लोग हैं, जो समाजवादियों द्वारा संचालित हो रहे हैं।

इसलिए ममदानी की जीत और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि उन्होंने न केवल रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया, बल्कि अपनी ही पार्टी के बाग़ी धड़े को भी परास्त किया, और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा जैसे वामपंथी एजेंडों को पार्टी की बहस के केंद्र में ला दिया।

यहां तक कि ट्रम्प ने मेयर चुनावों के ठीक पहले, अंतिम समय में हस्तक्षेप करते हुए श्री ममदानी को “यहूदी विरोधी” कहा, ताकि ममदानी की बढ़त को रोका जा सके। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, “ज़ोहरान ममदानी, जो एक सिद्ध और स्वयंभू यहूदी विरोधी है, उसे वोट देने वाला कोई भी यहूदी एक मूर्ख व्यक्ति है!!!”

बिल एकमैन सहित प्रमुख व्यवसायियों ने भी ममदानी पर जोरदार हमला किया और उनके प्रतिद्वंद्वियों को खूब धन दिया। रूढ़िवादी मीडिया ने भी ममदानी के खिलाफ पूरी तरह से नकारात्मक कवरेज प्रकाशित किया।

ममदानी के अभियान ने मज़दूर वर्ग और दक्षिणपंथियों का निशाना बन रहे अप्रवासियों और हाशिए के समूहों की हताशा को सही अपराधियों की पहचान करायी, कि असली अपराधी हर सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा-व्यवस्था का खात्मा करके मुनाफा बटोरने वाले अरबपति हैं।

ममदानी ने बिना किसी खेद के फिलिस्तीन समर्थक रुख अपनाते हुए एक मजबूत जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने इजरायल पर “गाजा में रंगभेद और नरसंहार” करने का आरोप लगाया। उन्होंने इजरायल के बहिष्कार, विनिवेश और प्रतिबंधआंदोलन का समर्थन किया और खुले तौर पर अपनी मुस्लिम पहचान को अपनाया।

जबकि 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति अभियान की उम्मीदवार कमला हैरिस ने दक्षिणपंथी रुख किया था, उन्होंने इजरायल को हथियारों की बिक्री रोकने से इनकार कर दिया था और डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में एक फिलिस्तीनी आवाज को बोलने की अनुमति नहीं दी।

ममदानी की जीत संभवतः उस लोकतांत्रिक समाजवादी आंदोलन की सबसे बड़ी जीत हो सकती है जिसने श्री सैंडर्स के राष्ट्रीय अभियान के बाद से अमेरिकी शहरों में अपनी जगह बना ली है। इसने ट्रंप के आक्रामक दक्षिणपंथी लोकलुभावनवाद और डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिष्ठान के निरर्थक मध्यमार्गीवाद के बीच फँसे हतोत्साहित अमेरिकी वामपंथ को प्रोत्साहित किया है।

ममदानी की यह जीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, व्यापारिक अभिजात वर्ग और रूढ़िवादी मीडिया द्वारा उनकी नीतियों और मुस्लिम विरासत पर किये गए तीखे हमलों के बावजूद हुई।

ममदानी के साथ ही कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी और वर्जीनिया के गवर्नर की सीटें भी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने जीती हैं, जो कि ट्रंपवाद के लिए एक झटके से कम नहीं है।

ममदानी का आकर्षण उनकी वैचारिक स्पष्टता है। उन्होंने समझौतावादी मध्यमार्गी राजनीति को नकार दिया। उन्होंने कॉरपोरेटपरस्त नीतियों की जगह जनपक्षधर नीतियों की खुलकर वकालत की। उनके अभियान की ज़मीनी लामबंदी ने जातीय समूहों के एक व्यापक गठबंधन और एक सामाजिक न्याय ढाँचे को एक साथ लाया है। उन्होंने अपनी राजनीति से ट्रम्पियन अमेरिका का सही जवाब प्रस्तुत किया है।

ममदानी के अभियान ने ट्रंपवाद के रूप में एक ऐसी राज्य व्यवस्था को बेनकाब किया है, जो भ्रष्ट कुलीन वर्गों द्वारा नियंत्रित है और जो नस्लवादी तथा इस्लामोफोबिक है।ममदानी के अभियान ने आर्थिक पुनर्वितरण, सामाजिक न्याय और धार्मिक और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण के वादों को एक साथ जोड़ दिया है।

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