भोपाल। खरगोन जिले में शिवरात्रि के दिन जिस प्रकार दलितों के साथ मारपीट और उनके मंदिर प्रवेश को लेकर विवाद हुए हैं, उससे एक बार फिर साबित हो गया है कि भाजपा और संघी गिरोह का मनुवादी हिंदुत्व सिर्फ मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के ही खिलाफ नहीं है, बल्कि दलितों के भी खिलाफ है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि पिछले साल रामनवमी के अवसर पर जिन साम्प्रदायिक तत्वों ने मुसलमानों को निशाना बनाया था अब उन्हीं वर्णवादी तत्वों ने शिवरात्रि के अवसर पर दलितों को मंदिर प्रवेश से रोका है और मारपीट की है। तब भी भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने अपराधियों को संरक्षण दिया था और कब भी यही हो रहा है।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि जब इस मारपीट और लहूलुहान मासूम बच्चों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं तब भी सरकार की चुप्पी से साफ है कि वह वर्णवादी तत्वों के साथ है, पीड़ित दलितों के साथ नहीं है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि खरगोन जिले के सनावद के छपरा गांव में जलाभिषेक करने गए दलित परिवारों को पहले रोका गया और फिर उनके साथ मारपीट की गई। दूसरा घटना कसरावद पुलिस थाने के अंतर्गत छोटी कसरावद में हुई है, जहां शिवरात्रि की पूजा करने वाले दलितों को रोका गया। वहां एक ग्यारह वर्ष के बच्चे का लहूलुहान चेहरे के साथ वीडियो वायरल हो रहा है। मगर प्रशासन और पुलिस खामोश हैं।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि संविधान में उल्लेखित नागरिकों के सामान्य नागरिक अधिकारों की भी रक्षा न करना सरकार की मनुवादी सोच को उजागर करता है।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि हमें यह समझना होगा कि यदि मनुवादी हिंदुत्व दलितों और मुसलमानों व अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ है तो इसके खिलाफ लड़ाई भी मिल कर ही लड़नी होगी।

