धनतेरस, रूप चौदस और दीपावली के त्यौहार का विशेष महत्व माना गया है। दीपावली का पर्व वैसे तो एकादशी से शुरू हो जाता है लेकिन मुख्य तौर पर इसे धनतेरस से मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजन करने का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन सोना चांदी और कुछ चीजों की खरीदी करना भी बहुत शुभ माना गया है।
इस बार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि कई मंगलकारी संयोग लेकर आ रही है। इस दिन ब्रह्म योग समेत कई योग निर्मित हो रहे हैं। इनमें अगर भगवान धन्वंतरि की पूजन की जाएगी तो शुभ परिणाम की प्राप्ति होगी। चलिए हम आपको इन मुहूर्त के बारे में जानकारी देते हैं।
18 अक्टूबर के दिन धनतेरस है जो 12:18 पर शुरू होगी। यह 19 अक्टूबर को दोपहर 1:51 पर समाप्त होगी। इस तरह से 18 अक्टूबर को यह त्यौहार मनाया जाने वाला है। धनतेरस का पूरा दिन शुभ है और आप आराम से पूजा अर्चना और खरीदारी कर सकते हैं।
क्या है पूजा का समय
त्रयोदशी तिथि पर शाम 7:16 से 8:20 तक धनवंतरी पूजन का सबसे शुभ समय है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो व्यक्ति भगवान धन्वंतरि की पूजन अर्चन करता है। उसके जीवन में सुख, समृद्धि और बरकत आती है। इस दिन भक्ति भाव से पूजा करें तो आपको बहुत शुभ फल प्राप्त होंगे।
बन रहे हैं ये शुभ योग
धनतेरस पर बना रहे मंगलकारी योग की बात करें तो इस दिन सबसे दुर्लभ ब्रह्म योग का निर्माण हो रहा है। यह शुभ संयोग देर रात तक रहने वाला है और आप आसानी से और माता लक्ष्मी की पूजन कर सकते हैं। जो व्यक्ति भगवान धन्वंतरि की पूजन करता है उसे खुशहाली और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन की गई पूजन से शारीरिक और मानसिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।
इस दिन शिववास योग का शुभ संयोग भी निर्मित हो रहा है। ये ऐसा योग होता है, जब देवों के देव महादेव माता पार्वती के साथ कैलाश पर विराजमान होते हैं। इस दौरान वह नंदी की सवारी भी करते हैं। इस दौरान जो भी शुभ काम शुरू किया जाता है उसमें सिद्धि जरूर मिलती है। विशेष कामों में अगर सफलता चाहिए तो ये दिन बहुत ही खास है।
पंचांग के हिसाब से मुहूर्त
इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 6:24 रखा गया है और सूर्यास्त 5:48 पर होगा। सुबह 4:43 से 5:33 तक ब्रह्म मुहूर्त बहुत शुभ रहने वाला है। दोपहर 2:00 बजे से लेकर 2:46 तक विजय मुहूर्त रहेगा। शाम 5:48 से 6:14 तक गोधूलि मुहूर्त है, जिसमें पूजन करना बहुत शुभ माना गया है। अगर रात्रि पूजन करना चाहते हैं तो 11:41 से 12:31 तक निशिता मुहूर्त रहने वाला है।

