वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों में मंगल को खास स्थान दिया गया है। इसे युद्ध का देवता माना जाता है। कुंडली में मंगल की मजबूत स्थिति सफलता के द्वार खोल सकती है। व्यक्ति साहसी, तेज, पराक्रमी और निडर बनता है। साथ ही कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने में सक्षम होता है। ऊर्जा और आत्मविश्वास से भी भरपूर होता है।
मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। इन्हें पराक्रम, ऊर्जा, भाई, रक्त इत्यादि का कारक माना जाता है। 7 दिसंबर को वे अपनी नीच राशि कर्क में वक्री होने जा रहें हैं। मंगल के चाल में बदलाव होने से सभी 12 राशियाँ प्रभावित होंगी। उनके जीवन में बदलाव आएंगे। कई राशियों को नुकसान होगा। आइए जानें किन-किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है-
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का वक्री होना शुभ नहीं रहेगा। धन खर्च बढ़ सकता है। आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। रिश्तो में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। सेहत का खास ख्याल रखें। कहीं भी निवेश करने से बचें। मन को शांत रखने की कोशिश करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए भी मंगल की यह चाल शुभ नहीं रहेगी। जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक पक्ष कमजोर पर सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्य क्षेत्र में परेशानियां हो सकती हैं। तनाव भी बढ़ सकता है। कोई भी फैसला लेने से पहले सोच विचार जरूर करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी मंगल का वक्री होना अनुकूल नहीं रहेगा। धन की हानि हो सकती है। यह समय छात्रों के लिए भी मुश्किलों से भरा हो सकता है। अधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी। विवादों में न पड़ें। मानसिक तनाव हो सकता है। इस दौरान धैर्य रखें। बड़े बुजुर्गों की सलाह पर कोई बड़ा फैसला लें। सेहत का ख्याल रखने की जरूरत है।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। agnialok.com इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।

