जब पत्रकार बालाराव इंगळे ने जयंत भिसे (सानंद न्यास के अध्यक्ष ) को उनकी निष्क्रियता को लेकर कड़ा पत्र लिखकर इस्तीफा मांगा था,,,
घटना आज से कोई 45 साल पुरानी 1980 की है / तब इंदौर की 110 वर्ष पुरानी और इंदौर में
दो अ.भारतीय मराठी साहित्य संमेलन, वर्ष 1935 और 2001 में सफलतापूर्वक आयोजित कर चुकी महाराष्ट्र में भी सर्वज्ञात – प्रतिष्ठित संस्था महाराष्ट्र साहित्य सभा, इंदुर के अध्यक्ष,पद्मभूषण तात्या साहेब सरवटे के बेटे पुर्व राज्य सभा सदस्य स्व.अण्णा साहेब सरवटे थे /और इंदौर प्रेस क्लब के तत्कालीन सचिव स्व. बालाराव इंगळे सभा के भी सचिव थे / उस समय सभा की कार्यकारिणी मे स्व.मोहन
आचार्य, स्व. सतीश तराणेकर, स्व. प्रदीप मोघे, स्व.मुकुंद
भांडारी,स्व. वसंत लोंढे,सुभाष होलकर, पुरुषोत्तम जोशी, विजय निर्गुड़कर, और मै अनिल कुमार धडवईवाले थे /
उसी दौरान की बात है /सह सचिव जयंत भिसे ने सभा की कार्यकारिणी बैठक और कार्यक्रमों का बहिष्कार कर रखा था / इंदौर में रहते वे सभा भवन में भी नही आते थे / जिसकी कोई वजह भी उन्होंने जाहिर नही की थी / तभी राज्य स्तरीय मराठी नाट्य स्पर्धा और शारदोत्सव आयोजन भी करीब थे / उसकी तैयारियां जोरों पर थी /
इसी में दिनांक 31 दिसंबर 1980 की कार्यकारिणी बैठक में भिसे की सभा के प्रति निष्क्रियता के बारे में विचार विमर्श हुआ था /
जिसमें सर्वानुमति से निर्णय हुआ था कि सचिव बालाराव सह सचिव भिसे को सभा की ओर से पत्र भेजकर उनसे स्पष्टिकरण मांगे /
उक्त निर्णयनुसार ही भिसे को पत्र लिखा गया था /
जिसका मजमुन निम्नानुसार था :—–
श्री जयंत भिसे
सप्रेम नमस्कार
एक बेहद अप्रिय विषय के बारे में तुम्हे लिखने के लिये विवश हुं /
लेकिन व्यक्ति से ज्यादा संस्था का हित सामने रखकर ये पत्र आपको लिख रहा हुं / इस विषय में गलत फहमी नही करें /
आप म.साहित्य सभा की
कार्यकारिणी की बैठक में
शामिल नहीं होते हैं और न ही संगठन के किसी कार्यक्रम में भाग लेते हैं।
आपकी किसी व्यक्ति विशेष से लेकर नाराजगी मै समझ सकता हुं / लेकिन संस्था ने आपका क्या बिगाड़ा है ? इसीलिए आपकी नाराजगी संस्था के नजरिये उचित नही है / ऐसा मेरे संग आपका भी मत होगा ही /
इसीलिये आपसे विनति है कि,,
संस्था के किसी भी कार्यक्रम में आने के लिये आपको समय नही है, तो आपने कार्यकारिणी से इस्तीफा देना ही योग्य बात होगी / नाट्य स्पर्धा और शारदोत्सव करीब है / ऐसे में सक्रिय कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है /आप अविलंब देने की कृपा की तो आपके रिक्त स्थान पर किसी सक्रिय कार्यकर्ता को कार्यकारिणी में सामिल किया जा सकेगा / जिससे सभा कामों में देरी नही होगी /
आप अपने निर्णय से जल्द से जल्द अवगत करावे
# बाळाराव इंगळे
प्रस्तुति-अनिलकुमार धडवईवाले

