डॉ. नीलम ज्योति
_मिसिंग टाइल सिंड्रोम एक मनोवैज्ञानिक समस्या है, जिसमें हमारा सारा ध्यान जीवन की उस कमी की तरफ रहता है. जिसे हम नहीं पा सके हैं और यहीं बात हमारी ख़ुशी चुराने का सबसे बड़ा कारण है।_
. जिन्दगी में कितना कुछ भी अच्छा हो, हम उन्हीं चीजों को देखते हैं। जो मिसिंग हैं और यही हमारे दुःख का सबसे बड़ा कारण है।
क्या इस एक आदत को बदल कर, हम अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं ?
एक बार की बात है. एक छोटे शहर में एक मशहूर होटल ने अपने होटल में एक स्विमिंग पूल बनवाया। स्विमिंग पूल के चारों ओर बेहतरीन इटैलियन टाइल्स लगवाये, परन्तु मिस्त्री की गलती से एक स्थान पर टाइल लगना छूट गया। अब जो भी आता पहले उसका ध्यान टाइल्स की खूबसूरती पर जाता।
इतने बेहतरीन टाइल्स देखकर हर आने वाला मुग्ध हो जाता। वो बड़ी ही बारीकी से उन टाइल्स को देखता व प्रशंसा करता।
तभी उसकी नज़र उस मिसिंग टाइल पर जाती और वहीं अटक जाती…. उसके बाद वो किसी भी अन्य टाइल की ख़ूबसूरती नहीं देख पाता।
_स्विमिंग पूल से लौटने वाले हर व्यक्ति की यही शिकायत रहती की एक टाइल मिसिंग है।_
हजारों टाइल्स के बीच में वो मिसिंग टाइल उसके दिमाग पर हावी रहता थी।
_कई लोगों को उस टाइल को देख कर बहुत दुःख होता कि इतना परफेक्ट बनाने में भी एक टाइल रह ही गया।_
तो कई लोगों को उलझन हो होती कि कैसे भी करके वो टाइल ठीक कर दिया जाए।
बहरहाल वहां से कोई भी खुश नहीं निकला, और एक खूबसूरत स्विमिंग पूल लोगों को कोई ख़ुशी या आनंद नहीं दे पाया।
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दरअसल उस स्विमिंग पूल में वो मिसिंग टाइल एक प्रयोग था।
मनोवैज्ञानिक प्रयोग जो इस बात को सिद्ध करता है कि हमारा ध्यान कमियों की तरफ ही जाता है।
_कितना भी खूबसूरत, सब कुछ हो रहा हो पर जहाँ एक कमी रह जायेगी।_
वहीँ पर हमारा ध्यान रहेगा।
टाइल तक तो ठीक है पर यही बात हमारी जिंदगी में भी हो तो ? तो यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिससे अमूमन हर व्यक्ति गुज़र रहा है।
इस मनोविज्ञानिक समस्या को मिसिंग टाइल सिंड्रोम का नाम दिया गया।
Phychriatist Dennis Prager के अनुसार-
“उन चीजों पर ध्यान देना। जो हमारे जीवन में नहीं है, आगे चल कर हमारी ख़ुशी को चुराने का सबसे बड़ा कारण बन जाती हैं।
ऐसे बहुत से उदाहरण हो सकते हैं। जिसमें हम अपनी किसी एक कमी के पीछे सारा जीवन दुखी रहते हैं।
ज्यादातर लोग उन्हें क्या-क्या मिला है, पर खुश होने के स्थान पर उन्हें क्या नहीं मिला है, पर दुखी रहते हैं।
मिसिंग टाइल हमारा फोकस चुरा कर हमारी जिन्दगी की सारी खुशियाँ चुराता है।
_यह शारीरिक और मानसिक कई बीमारियों की वजह बनता है, अब हमारे हाथ में है कि हम अपना फोकस मिसिंग टाइल पर रखे और दुखी रहें या उन नेमतों पर रखे जो हमारे साथ हैं और खुश रहें…।_
(चेतना विकास मिशन)

