गणेश चतुर्थी के मौके पर मध्य प्रदेश के दमोह के पथरिया विधानसभा में एक चमात्कार हुआ है! गणेश चतुर्थी के दिन नरसिंहगढ़ में एक अनोखी घटना घटी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां प्राचीन शिव मंदिर के पास खुदाई के दौरान भगवान गणेश और नंदी की प्राचीन प्रतिमा जमीन के नीचे से निकली है। ये जानकारी मिलते ही क्षेत्र के सैकड़ों लोग दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
500 साल पुराने नर्वदेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार चल रहा
दरअसल, नरसिंहगढ़ के रामबाग स्थित करीब 500 साल पुराने नर्वदेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार इन दिनों बागेश्वर धाम सरकार के निर्देशन में चल रहा है। मंगलवार रात वर्कर कॉलोनी निवासी कैलाश मिश्रा को स्वप्न में भगवान ने संकेत दिया कि मंदिर के पास स्थित पुरानी बावड़ी में प्रतिमाएं दबी हुई हैं।

7 से 8 फीट में यह प्रतिमा मिली है
ग्रामीणों ने कहा कि बुधवार सुबह जब खुदाई शुरू हुई, तो सचमुच वहां से भगवान गणेश और नंदी की प्रतिमा निकल आई। स्थानीय लोगों ने बताया कि खुदाई के दौरान करीब 7 से 8 फीट में यह प्रतिमा मिली है। प्रतिमा मिलते ग्रामीण खुशी से झूम उठे।
सपनों का सच होना
कैलाश मिश्रा का कहना है कि उन्हें कई महीनों से ऐसे सपने आ रहे थे। उन्होंने समिति के अन्य लोगों से चर्चा की और तय किया कि गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर खुदाई कराई जाएगी। जैसे ही खुदाई हुई, सपनों की बात हकीकत बन गई और प्रतिमाएं सामने आ गईं।
स्थानीय लोगों की मान्यता
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह मंदिर पहले भव्य था, लेकिन समय के साथ खंडहर हो गया। मंदिर के पास की बावड़ी भी मिट्टी और मलबे से भर गई थी। संभावना जताई जा रही है कि प्रतिमाएं उसी बावड़ी में दब गई थीं। लोगों का मानना है कि यह भगवान की कृपा है कि गणेश चतुर्थी जैसे पावन दिन पर गणेश प्रतिमा प्रकट हुई।
धार्मिक उत्साह
फिलहाल, दोनों प्रतिमाओं को सुरक्षित रखा गया है और विधि-विधान से मंदिर में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इस घटना से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु लगातार प्रतिमाओं के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।