सोमेश्वर पाटीदार
*माँ* नर्मदा की गोद में बसा व पंचमुखी माँ गायत्री का सरोवर के बीच देशभर में एक मात्र मंदिर मेरे साथ होने की कृपा पात्र नगर मैं कुक्षी हूँ।
मैं लंबे समय से अपनी सक्षमता पर जिला बनाने की आधिकारिक मोहर लगवाने के लिए संघर्षरत हूँ।
मैंने (कुक्षी) कई लोगों को निःस्वार्थ हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और उचाईयो पर पहुँचाया।
मेरी गोद में बाहर से आये कई लोगों को अपने ही परिवार की तरह शरण देकर बिना भेदभाव उनकी प्रगति में भी सहयोग, आशीर्वाद देकर कृपा बनाये रखी।
ओर आज मैं बहुत दुखी हूं कि, मैने जिनको अपना समझकर अपनाया और निःस्वार्थ प्यार और तरक्की के लिए सहयोग किया और जिन नेताओं को राजनीतिक गलियारों में मजबूती से पहुँचाया… आज वही अहसान फ़रामोश राजनीतिक स्वार्थ के चलते मेरा (कुक्षी) का अहित करने में लगे है।
मेरे विकास व विस्तार में बाधक अहसान फरामोश लोगों ध्यान रखना संयमता के साथ समय पर परिणाम जरूर भुगतना पड़ेगा।
तुम जिस स्थान पर पहुँचकर मुझे भूल चुके हो वो मेरी नींव पर टिका है जिस दिन चाहूं, उस दिन धराशायी हो जाएगा।
जब-जब मेरे विकास और हित की बात आती है, तब-तब गंदी राजनिति अपनी नोटंकी दिखाती है। सरकार किसी भी दल की हो पक्ष-विपक्ष दोनों अपने निजी काम-धंधे अच्छे से मिलकर कर लेते है। पर बात मेरे हित की आते ही हमारी सरकार नही, हमारी सरकार नही कहते हुए आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक ड्रामा शुरू कर देते है।
फिलहाल तो मै बात करू मेरे जिला बनने की। क्या कमी है मुझमें ? प्रदेश के बड़े जिलों में शुमार धार की बड़ी तहसील हूँ। माँ नर्मदा की गोद में होने से विकास की नई व बड़ी संभावना लिए हूँ। उद्द्योग, व्यापार व्यवसाय, कृषि, तीर्थ स्थल सभी तरह से सक्षम हूँ। सभी के विकास का ध्यान रखते हुए मुझमें मनावर, गंधवानी विधानसभा को मिलाएंगे तो उनके भी विकास की गति बढ़ेगी। आरएसएस ने भी मुझे जिला का दर्जा दिया हुआ है, बस अब सरकार में बैठे मेरे द्वारा पहुचाये गए अपने ही कपूतों को भी समझ आ जाये कि, अपने निजी स्वार्थ व श्रेय के राजनीतिक चश्मे को निकाल कर मेरे विकास को देखे जिसमें उनका भी विकास होगा।
मुझे (कुक्षी) जिला बनाने की मांग पर कार्यवाही करते हुए म.प्र. शासन ने पत्र लिखकर धार कलेक्टर से जानकारी व अभिमत मांगा जिसकी प्रतिलिपि “कुक्षी जिला बनाओ आंदोलन” प्रमुख सोमेश्वर पाटीदार को भी प्राप्त हुई थी।
जिला बनने से मेरा नही, मुझसे जुड़े लाखों की संख्या में जन-जन का हित ओर उनके विकास की नई राहें खुलेगी। मेरे पास रहने वाले और आने वाले हर शरणार्थी को रोजगार के साथ आनंदमय जीवन यापन करने की संभावनाएं बढ़ेगी।
इन्हीं सारी बातों को ध्यान में रखकर “कुक्षी जिला बनाओ आंदोलन” हस्ताक्षर अभियान, राजीनतिक, सामाजिक, धार्मिक सगठनों के समर्थन पत्र अभियान चला चुका है। आंदोलन प्रमुख सोमेश्वर पाटीदार ने माँ गायत्री के समक्ष कुक्षी जिला बनाने का संकल्प लिया हुआ है और जिला बनने पर मॉं नर्मदा की पैदल परिक्रमा, कुक्षी से पावागढ़ (गुजरात) पदयात्रा का संकल्प भी लिया है।
दिनांक: 7 अक्टूम्बर 2021(नवरात्रि) से दिनांक: 26 जनवरी 2022 (गणतंत्र दिवस) 112 दिवस तक मौन रहे। मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर भी मांग करने के बाद दिनांक: 27 फरवरी 2022 से कुक्षी जिला की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन साप्ताहिक सांकेतिक धरना प्रदर्शन भी प्रति रविवार रात्रि 8 से 10 बजे तक 2 घण्टे जारी है।
आरएसएस के कार्यों की दृष्टि से कुक्षी को जिला माना गया है और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, इसलिए दिनांक: 25 मई 2022 को कुक्षी से साइकिल यात्रा प्रारंभ कर आरएसएस मुख्यालय नागपुर (महाराष्ट्र) तक संभावित कुक्षी जिला क्षेत्र का भ्रमण करते हुए लगभग 800 किमी साइकिल यात्रा करते हुए दिनांक:04 जून 2022 को संघ मुख्यालय में ज्ञापन सौपकर म.प्र. शासन का मार्गदर्शन कर कुक्षी को जिला बनाने की मांग की थी।
कुक्षी जिला बनाने की मनोकामना का संकल्प लेकर शिव आराधना के पावन पर्व श्रावण माह में संभावित कुक्षी जिला क्षेत्र के 12 शिवलिंगों का विभिन्न स्थानों पर अभिषेक भी किया।
दिनांक: 25 नवंबर 2022 से “जनहित का सफ़र” नामक जनसंपर्क यात्रा कर रहे है, जिसके माध्यम से गाँव-गाँव, फलिए-फलिए पहुँचकर कुक्षी जिला बनने से जनता को व क्षेत्र को क्या लाभ होगा उसकी जानकारी दे रहे है और ग्रामीणों से मुख्यमंत्री के नाम पोस्ट कार्ड प्रेषित करवाने के साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी ग्राम, फलिए स्तर तक चलाकर जनजागृति कर रहें है। इस तरह कुक्षी को जिला बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर डटे हुए है। कुक्षी जिला बनाने की मांग पर दिनांक: 18 मार्च 2021 को धार आगमन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कुक्षी जिला बनाने का मांग प्रस्ताव पत्र सौपते ही उन्होंने जवाब दिया था कि, कुक्षी विधानसभा में जीत का अंतर तो देखो… इस तरह की सोच क्या किसी मुख्यमंत्री के लिए संवैधानिक व शोभनीय है ?
नगर व क्षेत्र की आस्था के केंद्र पंचमुखी माँ गायत्री मंदिर सरोवर कुक्षी में आसपास की कॉलोनियों का मलमूत्र गंदा पानी आ रहा है जिसे लेकर लंबे जनांदोलन के बाद पर्यटन विभाग से विकास कार्य हो रहे परंतु नगर परिषद की लापरवाही से गंदा पानी अब भी आ रहा है। इसके विरोध स्वरूप मलमूत्र गंदे पानी भरे सरोवर में डुबकी लगाकर गंदा पानी पिया था। जिसकी सूचना शासन-प्रशासन को लगभग डेढ़ माह पूर्व दी गई थी पर एक भी व्यक्ति इनका मौके पर नही आया और न ही अब तक कार्य प्रारंभ किया है। हालांकि, हाल ही में पंचमुखी माँ गायत्री मंदिर सरोवर हेतु धार कलेक्टर ने 3 कार्यपालन यंत्रियो का एक तकनीकी जाँच दल गठित किया है।
इस प्रकार भेदभावपूर्ण रवैया रखने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पद पर रहते तक दिनांक: 04 अक्टूबर 2022 महानवमी के दिन से संकल्प के साथ दुखी मन से सामाजिक कार्यकर्ता सोमेश्वर पाटीदार जूते-चप्पल का त्याग कर नंगे पैर चलते है। सरकार भले ही भाजपा की रहे, पर ऐसे दोहरी नीति वाले गैरजिम्मेदार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब नही होना चाहिए।
“कुक्षी जिला बनाओ आंदोलन” द्वारा जानकारी मय नज़री नक्शा सहित परिपूर्ण कुक्षी जिला बनाने का मांग प्रस्ताव पत्र शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षण हेतु कई बार प्रेषित किया गया।
मुझसे (कुक्षी) से प्यार व समर्पण रखने वाले मेरे अपनो को उनके ही विकास व हित में निःस्वार्थ व राजनीतिक हानि लाभ छोड़कर आगे आना होगा।
क्योंकि मेरे विकास में ही आपका विकास होगा।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि, “कुक्षी जिला बनाओ आंदोलन” मुझे जिला बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह जरूर सफल होगा।
मैं (कुक्षी) स्पष्ट रूप से कह दूं कि, यह आंदोलन जन-जन से जुड़ा होकर सभी का जनांदोलन है। अब तक कई लोगो के सहयोग समर्पण से दिनोदिन मजबूती से अपनी सफलता की और बढ़ रहा है।
आप भी आइये क्योंकि, “अभी नही तो कभी नही” कुक्षी क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए हम साथ-साथ हो…
धन्यवाद।
*#सोमेश्वर पाटीदार*
प्रमुख

