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*बीजेपी को धमकी देकर अपने को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करवाया था नरेन्द्र मोदी ने?*

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आज से ठीक 11साल पहले नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी को धमकी देकर अपने को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करवाया था ? उस संघर्ष में भाजपा पर कब्जा जमाने के लिए आडवाणी व मोदी के बीच एक युद्ध छिड़ा था। सुलह समझौता राजनाथ सिंह ने करवाया था, नितिन गड़करी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

लालकृष्ण आडवाणी जो कि भाजपा की सबसे वरिष्ठतम सदस्य हैं, उन्होंने भाजपा के सामने यह शर्त रखी कि उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएं लेकिन नरेंद्र मोदी बिगड़ गए। नरेंद्र मोदी ने सीधी धमकी दे डाली कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार उन्हें ही बनाया जाए और पूूूूरे लोकसभा चुनाव मे अबानी अडानी से खर्च करवायेंगे और  मीडिया मैनेजमेंट भी वही करेगे।

यह सुनकर पूरी बीजेपी सकते मे आ गयी थी

खबर जैसे ही दिल्ली पहुंची आनन-फानन में भाजपा हाईकमान की मीटिंग हुई। नरेंद्र मोदी और आडवाणी दोनों के बीच सुलह करवाने का प्रयास हुआ और अंत में यह निर्णय लिया गया कि चुनाव लड़ने के लिए धन की व्यवस्था जो भी करेगा पार्टी उसे ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएगी। अपने  गुजरात शासन के दौरान नरेंद्र मोदी की मित्रता कुछ बड़े उद्योगपतियों के साथ थी , जबकि आडवाणी के साथ यह सुविधा नहीं थी ।

उसके बाद अचानक बदला घटनाक्रम 

पूंजीपतियों ने भाजपा के सामने शर्त रख दी कि भाजपा को तभी धन उपलब्ध करवाएंगे यदि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार पार्टी घोषित कर दे। भाजपा को पूंजीपतियों के दबाव के आगे झुकना पड़ा और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना पड़ा। आडवाणी नाराज होकर कोप भवन में बैठ गए।

मीडिया को गोदी मीडिया मोटा पैकेज 1100 करोङ देकर बनाया 

उसके बाद लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुकेश अंबानी ने देश में 22 चैनल खरीदे। इन चैनल्स को यह निर्देश था कि वे दिन रात मोदी का प्रचार करें, उनकी रैलियों के भाषण लाइव टेलीकास्ट करें और समस्त विरोधी नेता यानी आज के विपक्षी नेताओं मायावती, मुलायम, लालू, ममता, अखिलेश, केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह समेत तमाम नेताओं पर तंज कसने के लिए कहा गया। मीडिया ने यह काम बखूबी किया भी। तकरीबन 600 वेबसाइटों को मुकेश अंबानी ने खरीदा। नरेंद्र मोदी ने 400 रैलियां की थीं। इन रैलियों का खर्चा उनके 67 पूंजीपति मित्रों के द्वारा उठाया गया।

नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार करने के लिए एक चार्टर प्लेन और एक हेलीकॉप्टर दिया गया था, यह हेलीकॉप्टर चुनाव प्रचार के लिए अडानी ने दिया था। जैसे ही परिस्थितियां थोड़ी सी बदलीं, देश के प्रधानमंत्री मोदी बन गए उसके बाद सिलसिला शुरु हुआ कर्ज उतारने का।

गौतम अडानी को ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड शहर में खनन के लिए 6000 करोड़ का कर्ज नरेंद्र मोदी ने दिलवाया उनके पिछले 67000 करोड़ के कर्ज़ माफ कर दिए गए।

मुकेश अंबानी को फ्री में 4G स्पेक्ट्रम दिए गए, इसके अलावा मुकेश अंबानी की कंपनी पर पिछली सरकार द्वारा लगाया गया जुर्माना माफ कर दिया गया, उनके भी कुछ कर्जों को राइट ऑफ कर दिया गया।

दैनिक जागरण अखबार ने लोकसभा सभा प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी का बखूबी साथ दिया था, इसलिए इस अखबार के मालिक को मोदी ने राज्यसभा का सांसद बना दिया ।

दैनिक भास्कर अखबार जिसकी मालिक वेदांता कंपनी है, उसको मोदी ने छत्तीसगढ़ में कोयले की खदान दिलवा दी ।

जी न्यूज जिसने दिन-रात नरेंद्र मोदी का प्रचार किया और आज भी कर रहा है, उसके मालिक सुभाष चंद्रा को बीजेपी ने राज्यसभा सांसद बना दिया!

अब आप समझ गये होगे कि कैसे सुनियोजित ढंग से मोदी ने देश पर हुकूमत पर कब्जा किया था और  मीडिया में जो दिन रात आपको जो दिखाता है वह सिर्फ मोदी और उनकी पार्टी का प्रचार मात्र है।

     –अज्ञात

विनोद कोचर की पोस्ट

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