नाथूराम गोडसे
कोई विचारधारा नहीं है
एक शौक है
जो संजीदा होने पर कारोबार हो जाता है
नाथूराम गोडसे की पैदावार के लिए
नर के शुक्राणु की ज़रूरत नहीं होती
न नारी के अंडाशय की
वह नाबदानों में बालिग ही पाया जाता है
नाथूराम गोडसे के पंख नहीं होते
वह अभिमंत्रित फूंक से उड़ता है
और कभी-कभी सर्वोच्च आसमानों में पहुंच जाता है
नाथूराम गोडसे अपनी श्रेष्ठावस्था में
महामानवों की छाती पर गोलियां चलाता है
मगर एक अदने आदमी को नहीं मार पाता
जो नाथूराम गोडसे की तरह जन्म लेते हैं
अपने ही तहखानों में
हिटलर की तरह मर जाते हैं.
फुलचंद गुप्ता

