शीतल रॉय
यू पी में का बा,का बवंडर सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है।एक तरफ बिहार की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का का बा, तो दूसरी तरफ यू पी बुंदेलखंड की लोकगायिका अनामिका जैन अम्बर का बाबा, और रविकिशन का पलटवार यू पी में सब बा, का बवाल मचा है।का बा, बाबा,सब बा, इतना चर्चित हो गया है कि हर कोई सोशल मीडिया में जवाबी वी ड़ी वो शेयर कर स्टार प्रचारक बनने में लगा है। अखिलेश यादव का बा के ऐसे मुरीद हुए की उन्होंने जनता के बीच स्क्रीन लगवाकर काबा का प्रचार प्रसार कर योगी को घेरने में कोई कसर नही छोड़ी । यू पी में मतदाताओं की जुबान में काबा, लोकगीत इतना प्रचारित हो रहा है कि काबा गर्ल को जवाब देने के लिए रवि किशन को मैदान में उतरना पड़ा,रविकिशन का यू पी में सब बा, vdo काबा को टक्कर दे रहा है ।
न्यूज़ चैनलों में भी आजकल उल्टा लहर चल रही है।स्टूडियों में आजकल प्रत्यासियों की चुनावी डिबेट नही बल्कि का बा, सब बा, की डिबेट चल रही है।डिबेट में प्रत्यासी नही काबा गर्ल नेहा सिंह राठौर और up में बाबा गर्ल अनामिका जैन अम्बर नजर आती है। स्थानीय मुद्दे काबा,बाबा और सब बा में बदल गए है।उत्तरप्रदेश का देश की राजनीति में विशेष महत्व है चाहे क्षेत्रफल की दृष्टि से हो या सीटों की दृष्टि से सबसे ज्यादा लोकसभा और विधानसभा सीटें यू पी में ही है।
इस लिहाज से भी केंद्र की नजर यू पी पर हमेशा रहती है।काफी हद तक दिल्ली सिंहासन का भविष्य यू पी तय करता है। और बीजेपी इतने सालों के बाद जिस राम मंदिर मुद्दे को लेकर सत्ता में आई है उसकी नींव तो यू पी में ही है इसलिए मोदी यू पी को लेकर कोई रिस्क नही लेना चाहते क्योकि राम मंदिर के मुद्दे के साथ बीजेपी सत्ता में आई और पूरा भी किया।मोदी और योगी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को यू पी में भुनाना चाह रहे जैसा कि धर्म की राजनीति बीजेपी का एजेंडा रहा है।और 2014 में सफल भी हुवा।अयोध्या में योगी की देव दीवाली उसी का हिस्सा रहा है।इस बार राम मंदिर निर्माण बीजेपी का वोट बैंक तो बढ़ाएगा इसमें कोई शक नही लेकिन अखिलेश को इतने हल्के में लेना बीजेपी की भूल होगी। क्योकि आज भी समाजवादी पार्टी की जड़े यूपी में मजबूत है जिसको सींचने का काम मुलायम सिंह को बाखूबी आता है।वही अखिलेश भी पढ़े लिखे दूरदर्शी नेता है युवा वर्ग में पकड़ रखते है।और पसंद भी किये जाते है।उनका अपना विजन है और अखिलेश का कहना है कि अगर वह सत्ता में होते तो राम मंदिर इससे भी भव्य बनवाते।अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण बीजेपी का हमेशा मुद्दा रहा है जो इस बार पूरा हुवा।योगी जी यूपी में रामराज्य की कल्पना करते है जिसकी शुरवात गुंडा अभियान से शुरू की थी। जैसा कि बीजेपी एक विचारधारा है और उसके अनुरूप ही नेता को कार्य करना होता है।
लेकिन इस बार यूपी चुनाव में मुद्दों से हटकर विचारधारा से हटकर जो काबा, बाबा, और सब बा चल रहा है वह कही न कही मतदाता को भृमित तो करता ही है साथ में स्थानीय मुद्दो से भी विमुख करता है। यह सभी जानते है कि शोसल मीडिया प्रचार प्रसार की राजनीति बीजेपी से बेहतर कौन समझ सकता है।अभी तक के चुनावों में बीजेपी की आईटी सेल ने जो कमाल दिखाया उसी का ही कमाल था की मोदी लहर की सुनामी में कॉंग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।और मोदी सत्ता पर आसीन हुए।बीजेपी आईटी सेल का ही कमाल है कि राहुल गांधी आज तक आलू से सोना निकालने के फार्मूले से बाहर नही निकल पाए। बंगाल चुनाव में जय श्री राम के नारे से ममता की नींदे हराम करने वाला बीजेपी का आईटी सेल इस बार काबा में उलझता नजर आ रहा है। बिहारी काबा गर्ल ने जय श्री राम के नारे को काबा और सब बा, में तब्दील कर दिया है।तभी तो जय श्री राम नारे का प्रसार करने वाला आईटी सेल जय श्री राम जयघोष के बजाए सब बा,ई बा, ऊ बा,के प्रसार में लगा है।अब यह तो परिणाम में ही पता चलेगा कि की यूपी में काबा, या यूपी में सब बा…..

