मुनेश त्यागी
,,क्या कोई जिंदा औरत धरती में समा सकती है?
,,क्या आप कोई आदमी जल समाधि ले सकता है तो इसे जल समाधि कहेंगे या आत्महत्या?
,, क्या किसी आदमी या ऋषि मुनि के कहने पर वर्षा हो सकती है या रुक सकती है?
,,वे कहते हैं यहां कण-कण में भगवान राम कृष्ण व्याप्त है तो क्या हमारे यहां मौजूद अपराधियों, बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों, हत्यारों, हक मारने वालों, शोषण और अन्याय करने वालों, भेदभाव करने वालों, हत्यारों और आतंकवादियों में भी भगवान ईश्वर अल्लाह गॉड मौजूद हैं?
,,क्या कोई आदमी या ऋषि हिरणी से पैदा हो सकता है?
,, क्या कोई आदमी कान से पैदा हो सकता है?
,, क्या मुंह,भुजा,जंघा और पैरों से आदमी पैदा हो सकते है?
,, क्या खीर खाने यह सेव खाने से बच्चे पैदा हो सकते हैं,
,, क्या कोई बालिका धरती में गडे हुए, घड़े से पैदा हो सकती है?
,, क्या कोई आदमी मछली से पैदा हो सकता है?
,, क्या कोई आदमी या बंदर सूरज को निगल सकता है?
,,क्या पत्थर पानी पर तैर सकते हैं और बंदर पुल बना सकते हैं?
,, क्या गंगा शिवजी की जटाओं से निकली है?
,, क्या राहु और केतु ग्रहण के समय सूरज और चांद की हत्या करते हैं और भी ग्रहण के बाद जिंदा हो सकते हैं?
,, क्या पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी हुई है?
,, क्या कोई आदमी सांपों के बिस्तर पर सो सकता है?
,, क्या कोई बंदर बिना परों के उड़ सकता हैं?
,, क्या कोई बंदर अंधेरे में पूरे पहाड़ को उठाकर ले जा सकता है?
,, क्या किसी आदमी की जटाओं में चंद्रमा लटका रह सकता है?
,, क्या घास से बच्चे पैदा हो सकते हैं?
,,क्या अग्नि परीक्षा के बाद भी कोई औरत जिंदा बच सकती है?
,,क्या कोई आदमी सैंकड़ों बाण लगने के बाद भी 18 दिन तक जिंदा रह सकता है?
,,क्या कोई ऐसा चक्र है जो आदमियों के सिर काट कर वापस आ सकता है?
,, क्या किसी हाथी का सिर काट कर, किसी बच्चे के सिर पर लगाया जा सकता है?
,, क्या कोई आदमी अपनी उंगली पर पहाड़ को उठा सकता है?
,, क्या कोई आदमी, किसी औरत को, जिसके कपड़े उतारे जा रहे हों, आसमान में बैठकर कपड़े दे सकता है?
,, क्या पत्थर की मूर्तियां दूध पी सकती हैं?
,, क्या किसी आदमी के गले में सांप लिपटे रह सकते हैं?
,,क्या सांप की रस्सी बना कर समुद्र मंथन किया जा सकता है?
,, क्या कोई आदमी या राक्षस सर कटने के बाद भी राहु और केतु के रूप में जिंदा रह सकता है?
,, क्या समुद्र में क्षीरसागर हो सकता है? अगर था तो वह आप कहां चला गया है?
,, क्या आज तक किसी ने स्वर्ग नरक देखें हैं?
,, क्या आज तक मरने के बाद जन्नत में किसी को 72 हूरें प्राप्त हुई हैं?
,, अगर स्वर्ग और नरक हैं, जन्नत और दोजक हैं तो वे कहां है और उनका हदोदरबा यानी चोहद्दी क्या है?
,, क्या हकीकत में यहां भगवान, गोड और अल्लाह हैं जो हमारी एक अरब से ज्यादा आबादी को, वर्तमान समस्याओं के दलदल से निकाल सकते हैं?
,, क्या मानसिक गुलामी, धर्मांधता, अंधविश्वास और पाखंड की मानसिकता और बौद्धिक गुलामी के चलते, भारत विकास और प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है?
,,क्या तर्कशील, विवेकशील मानसिकता और सोच और वैज्ञानिक संस्कृति में रचे बसे बिना, भारत का समुचित विकास हो सकता है?
,, क्या धर्म को राजनीति से अलग किए बिना भारत एक मानवीय समाज बन सकता है?
अगर कोई भी, इन सवालों का जवाब “हां” में देता है तो वह केवल और केवल अंधविश्वासी, धर्मांध, अज्ञानी और पाखंडी ही हो सकता है। वह हकीकत में, हमारा हमसफ़र, दोस्त और हमराही नहीं हो सकता।

