-सुसंस्कृति परिहार
इन दिनों गाली गलौज और अशोभनीय भाषा पर माहौल फिर बहुत गर्माने की कोशिश की जा रही है । अहम् बात ये है कि इस बार जिस पक्ष को बिहार पुलिस ने कटघरे में खड़ा किया उसकी चोरी पकड़ी गई है। उसके आक्रोश की परिणति इतनी बड़ी साज़िश है कि शर्म आती है।अपनी ही पार्टी के पीएम की दिवंगत मां को कांग्रेस मंच पर जाकर अपमान जनक शब्द कहना। लेकिन कांग्रेस को बदनाम करने के लिए गंदी हरकत की गई है। आज बिहार और देश में कांग्रेस को जो समर्थन की लहर उपजी है इसे उसका परिणाम माना जा सकता है।
सोचिए जिन लोगों ने लगातार बारह साल से गाली गलौज वाली अपमान जनक शब्दावली पीएम के मुखारविंद से सुनी हो, उनके पालित पोषित अंधभक्तों ने किस कदर की बदजुबान बोली है।उसका रिकार्ड मौजूद है और सोशल मीडिया इसे बराबर दिखा रहा है।जिसे देखकर भाजपा के प्रति घृणा और बढ़ चली है पीएम साहिब की भूली बिसरी बातें सामने आ गई है।
भाजपा के राज में पीएम साहिब ने जब स्वत:यह कबूला है कि उन्हें कई किलो गालियां मिल चुकी हैं और यह मात्रा बढ़ती जा रही हैं तो अब भाजपा कार्यकर्ताओं को आगबबूला होने की क्या ज़रूरत है। नान बायोलाजिकल पर इसका कोई असर नहीं होता है। क्योंकि उनका कोटा पूरा हो गया है। लेकिन इस बार तो हद हो गई राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा की सभा के बाद, राहुल जी की अनुपस्थिति में सभा समापन के बाद बिठौली चौक में पीएम मोदी को मां की गाली देने वाले मोहम्मद रिज़वी को बिहार पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। ये व्यक्ति सिंहवाड़ा कस्बे में भाजपा का सक्रिय सदस्य है भाजपा ने षडयंत्रपूर्वक राहुल गांधी की छवि को मलिन करने अपने ही कार्यकर्ता से अपने ही नेता की स्वर्गीय माता को भद्दी गालियां दिलवाई। यही असल चरित्र है इस कुंठित सोच वाले संगठन का। ये सत्ता के लिए किसी भी निचले स्तर तक पहुंच जाते हैं। बिहार की जनता को इनकी वोट चोरी के अलावा इनके निकृष्टतम आचरण का भी पता चल गया है। बिहार पुलिस धन्यवाद की पात्र है
इस साज़िश को प्रतिपक्ष नेता और उनके प्रतिरोध से जोड़कर देखा जाना शर्मनाक है क्योंकि जिसने यह कृत्य किया वह व्यक्ति कांग्रेस का नहीं भाजपा का है। राहुल की सभा के बाद इस तरह मंच पर आकर किया गया प्रलाप एक सुनियोजित षड्यंत्र है।यह सब प्लान बनाकर भाजपा की सहमति से हुआ है। यह भी चौंकाने वाला है कि राहुल जैसे शांत प्रकृति के प्रतिपक्ष नेता के मुंह से तू तड़ाक जुबान पर जब आ गया। यक़ीनन ऐसे दुष्प्रयोजन पर आवेश आना स्वाभाविक है इन दो घटनाओं को लेकर राहुल गांधी से माफी मांगने की बात भाजपा कर रही है।सोचिए इससे पहले जो साहिब ने किलो गाली खाई है उसके पीछे उनकी ही वह बदजुबान थी जो सोनिया जी के बारे में चली थी। ममता बनर्जी के लिए और शशि थरूर के साथ साथ कई लोगों के लिए इस्तेमाल हुई थी। हालांकि उस बदजुबानी पर कभी भी राहुल गांधी, प्रियंका या सोनिया जी ने कभी कुछ नहीं बोला।उन पर ये इल्ज़ाम और माफी मांगने की बात करने वालों को अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए।
पीएम साहिब जब टूर पर जाते हैं तभी वितंडावाद खड़ा किया जाता है। जैसा पहलगाम में हुआ।इसके साथ ही जैशे मोहम्मद के तीन आतंकियों के प्रवेश की बात करना, उनकी सहज यात्रा और जनता से मेलजोल को प्रभावित करने की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।अगर इनका सूचना तंत्र इतना सक्षम है तो यह बताएं कि वे तीन आतंकी बिहार तक कैसे पहुंचे और उनके छायाचित्र उन्हें किसने मुहैय्या कराए। यह भी पहलगाम आतंकियों की तरह का मामला लगता है क्योंकि राहुल की सुरक्षा के लिए इतनी बेताबी कभी नहीं देखी गई।
स्मरण कीजिए राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समय भी दिल्ली में उसे कोरोना का भय दिखाकर रोकने का प्रयास किया गया था किंतु राहुल के साहस ने कथित कोरोना दौर में यात्रा स्थगित नहीं की और कश्मीर तक बेबाक लोगों की भीड़ बराबर बनी रही।
पटना में चूंकि वोट अधिकार यात्रा का समापन था इसलिए गाली के बहाने भाजपाई गुंडों ने सदाकत आश्रम पहुंचकर एक घंटे जो कोहराम मचाया वह भी इस यात्रा में मिले अपार समर्थन से बौखलाई भाजपा की गंदी हरकत थी।
यदि अशोभनीय हरकतों और शर्मनाक कथनों का यही सिलसिला शुरू रहेगा तो वह थमेगा ही नहीं। वोट छोड़ गद्दी छोड़ की तरह वह भी किसी दूषित नारे के रुप में सामने आ जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
वास्तव में गाली का अपना मनोविज्ञान होता है गाली तभी जुबां पर आती है जब कोई बहुत परेशान किया जाता,उसके साथ अत्याचार हो,झूठे वायदे कर लूटा जा रहा हो ।अब तो जब उसके मौलिक अधिकार वोट की चोरी हो रही हो तो आक्रोशित होना लाजिमी है।लेकिन गाली आप खुद अपने को दिलवाएंगे यह आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि आज तक कितने आपके लोग बुर्के में लव-जिहाद से लेकर गौमांस फेकते, युवतियों को परेशान करते पकड़े गए हैं। सभाओं में मुस्लिम महिलाओं की उपस्थिति दिखाने कितने बुर्कों का आर्डर आपने दिया।यह सच सब जानते हैं । इस समय जनता बहुत आक्रोश में है इसलिए अब गाली का वजन बहुत बढ़ने वाला है। इसलिए उसे छेड़ना सांप की बामी में हाथ डालना होगा।
इसलिए इसकी तैयारी कर लीजिए , गांधी, नेहरू और सोनिया गांधी के परिवार की सहनशीलता अपनाइए इसी में भलाई है। आपका चाल चरित्र और चेहरा किसी से छिपा नहीं। भाजपा की दो बड़ी नेत्रियां स्मृति ईरानी और कंगना रनौत जो कुछ इन दिनों बता रहीं हैं वह किसी गाली से कम नहीं है।उस पर क्या कहेंगे ?

