शशिकांत गुप्ते इंदौर
देश की राजनीति पूर्ण रूप से धार्मिक होते जा रही है। राजनेता मंदिरों में विराजित भगवान के समक्ष नतमस्तक होकर चुनाव का प्रचार शुरू कर रहें हैं।
पूर्व में अबोध बच्चों को सिखाया जाता था कि, जब भी किसी देवालय में नतमस्तक हो तब भगवान से मांगो, हे भगवान हमें सद्बुद्धि दो।
आज सद्बुद्धि की आवश्यकता सिर्फ बच्चों को ही नहीं सभी के लिए अनिवार्य हो गई है।
राजनेता चुनाव के दौरान भगवान से चुनाव में विजयी होने की मांग करतें हैं। जनसम्पर्क के समय हरएक राजनेता मतदाताओं के समक्ष झुककर मत (Vote) रूपी आशीर्वाद मांगते हैं।
जैसे जैसे राजनीति में धार्मिकता बढ़ रही है। सारा देश धार्मिकता से सराबोर हो रहा है।
वर्तमान में जिन पाँच राज्यों में चुनाव हो रहें हैं। चुनाव के नतीजों के बाद प्रत्येक राज्य के निवासियों को उनके पापकर्मो से मुक्ति मिलेगी। कारण अधिकांश राजनैतिक दल अपने राज्यों के निवासियों को मुफ्त तीर्थयात्रा करवाएंगे।
मध्यप्रदेश तो तीर्थयात्रा करवा ही चुका है।
मुफ्ततीर्थ यात्र करने वाले नागरिकों को तो पापों से मुक्ति मिलेगी ही और जो राजनैतिक दल नागरिकों को मुफ्त में तीर्थयात्रा करवाएंगे वे बहुत पुण्य कमाएंगे।
मतलब राजनैतिक दल श्रवण और नागरिक श्रवण के अंधे माता पिता बनेंगे।
नागरिकों को यात्रा के लिए रेलगाड़ी या जो भी वाहन उपलब्ध होंगे वे कावड़ कहलाएंगे।
भविष्य में सभी देशवासी पापमुक्त हो जाएंगे। तब अपना देश भगवान भरोसे भारत कहलाने का गौरव प्राप्त करेगा।
मुफ्त में पापमुक्त होने का सौभाग्य आस्थावान लोगो को ही प्राप्त होगा।
राजनीति दिन-ब-दिन शुद्धिकरण की ओर बढ़ रही है।
पहले किसी दल से मुक्त देश बनाने की पहल शुरू हुई।
अब राजनीति देश के नागरिकों कोपापों से मुक्त देश बनाने के लिए प्रयासरत है।
अपने देश को विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक का देश गौरव प्राप्त है। अब विश्वभर में पाप मुक्त देश होने का सौभग्यशाली देश कहलाएगा।
जब सभी देशवासी पूर्व संचित पाप कर्मो के से मुक्त हो जाएंगे तब अपना देश सुसंस्कारित, ईमानदार लोगों का देश हो जाएगा। अपराध मुक्त हो जाएगा।
लेखक के जहन में उक्त विचार चलते कब नींद लग गई पता नहीं चला। मोबाइल की रिंगटोन बजी। लेखक के मोबाइल की रिंगटोन भी बहुत अजीब है। सपनो का सौदागर आया लेलो ये सपने लेलो
श्रीमती के व्यंग्यात्मक स्वर सुनाई दिए। दिन में सपने देखना अच्छी आदत नहीं है।
मोबाइल ऑन किया तो पता चला व्यंग्यकार मित्र सीतारामजी का कॉल है।
एक दूसरे को हेलो करने के बाद मित्र ने पूछा आज का अखबार पढ़ा।
मुख्य खबर है,एक अदने के चतुर्थश्रेणी कर्मिचारी के घर करोडों की संपति मिली।
सामूहिक बलात्कार की खबरें।
युवावस्था में अवसाद से ग्रस्त युवाओं की खबरें।
आसमान छूती महंगाई। रोजगार की मांग करने वाले युवाओं को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
जब मित्र ने समस्याओं की सूची पढ़ना शुरू किया तब मैंने उन्हें बीच मे रोककर कहा यह सब नकारात्मक सोच रखने वालों के द्वारा फैलाई भ्रांतियां हैं।
असल में ऐसी निराशाजनक खबरें वे लोग फैलातें हैं जो नास्तिक हैं।
मैने मित्र को सलाह दी आप भी राम नाम की माला का जाप करों।देखना आप का अंतर्मन शुद्ध हो जाएगा। आप भी ऐसे निराशाजनक विचारों को त्याग देंगे।
मित्र कहा राम राम।
पुनः मोबाईल की रिंगटोन बजी।
सपनो का सौदागर आया लेलो ये सपने लेलो
यह कॉल मोबाइल कम्पनी का है।
रिचार्ज की याद दिलाने के साथ ही मोबाईल कम्पनी द्वारा रिचार्ज के भाव में कई की गई वृद्धि की भी सूचना प्राप्त हुई।
शशिकांत गुप्ते इंदौर

