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फोर्ड फाउंडेशन द्वारा फंडेड लोग आज सत्ता पर काबिज है और आगे भी उनकी बी टीम AAP ही विकल्प बनने जा रही है

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राजेश मीना जारवाल

भारत मे अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए सोवियत संघ के खिलाफ जगह तलाश रही थी!
सोवियत संघ अफगानिस्तान में उलझा और केजीबी के खिलाफ सीआईए ने भारतीय उप महाद्वीप में प्रवेश किया!
26 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ टूटता है और उसके साथ मंडल के खिलाफ कमंडल आंदोलन खड़ा हुआ।
पी वी नरसिम्हा राव की सरकार ने सीआईए के सामने हथियार डाल दिये थे।तत्कालीन वित्तमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने एलपीजी को लागू करना शुरू कर दिया!
फर्स्ट इंडिया फाउंडेशन की नींव उसी समय लिख दी गई थी।
बकायदा चाणक्य पूरी जैसे vvip इलाके में पी वी नरसिम्हा राव ने सीआईए द्वारा निर्देशित व फोर्ड फाउंडेशन द्वारा फंडेड थिंक टैंक के नाम पर जगह अलॉट कर दी।
यहां से गांधी परिवार व कांग्रेस के बुरे दिन शुरू हो गए थे लेकिन क्षेत्रीय दलों ने कांग्रेस को जिंदा रखने में पूरा योगदान दिया था।
अटलबिहारी सरकार के समय इस विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन को मजबूत करने की नींव रखी गई थी।
UPA सरकार के नेताओं व मंत्रियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया था।पूरे 10 साल तक आत्ममुग्धता में खोए रहे।
जो कांग्रेस को खत्म करने की नींव पी वी नरसिम्हा राव ने रखी थी उसी पर चलते रहे।
CIA द्वारा फिलीपींस के बुद्धिजीवियों को आगे रखकर जो मैग्सेसे अवार्ड दिया जाता है वो किरण बेदी,अरविंद केजरीवाल व रविश कुमार को दिया गया है।
यह कोई फिलीपींस सरकार का अवार्ड नहीं है।फोर्ड फाउंडेशन के माध्यम से सीआईए दुनियाभर में इस अवार्ड के माध्यम से अपने एजेंट तैयार करती है।
ज्ञात रहे 3 अप्रैल 2012 को अरविंद केजरीवाल VIF के चाणक्यपुरी में हुए सेमिनार में मौजूद थे।5 अप्रैल को अन्ना हजारे के साथ जंतर-मंतर थे!
आपको ज्ञात हो तो पीछे मुड़कर देखिएगा “इंडिया अगेंस्ट करप्शन”VIFको दरकिनार करके सीधे फंड ले लिया था जिस पर बीजेपी ने कड़ा एतराज जताया था।
दिल्ली के विधान सभा चुनाव में AAP प्रचंड बहुमत से जीतती है और 7 लोकसभा सीट बीजेपी जीतती है।इतनी समझदार जनता देश मे कहाँ मिलेगी?
कांग्रेस ने समय रहते ध्यान नहीं दिया।सीआईए के चंगुल में संघियों ने पूरे देश को धकेल दिया है।1993 से 1998 तक मोदीजी ने अमेरिका की कई यात्राएं की है और प्रशिक्षण हासिल किया था।
पता करिये मोदीजी को खर्चा व प्रशिक्षण देने वाले कौन लोग थे?पीआर एजेंसी सेट कैसे हुई व फाइनेंस करने वाले कौन लोग थे?
किरण बेदी,केजरीवाल,वी के सिंह व बाबा रामदेव को “अन्ना हजारे”के मंच पर एक साथ लाने का कार्य विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ने ही किया था।
CAG विनोद राय ने जो घोटाले उजागर किये थे उनका इतिहास व वर्तमान देखिये!असल मे कोई घोटाला नहीं था और आज तक कोई दोषी नहीं ठहराया गया है।
कांग्रेस का समाजवाद व रूस की दोस्ती लगभग निपट चुकी है।गांधी परिवार को यह सबकुछ पता था कि भारत मे केजीबी हार रही व सीआईए जीत रही है लेकिन यह सच कभी देश को नहीं बताया गया।
बीजेपी व मोदी के हाथ मे कुछ नहीं है!सीआईए तय कर रही है!मोदीजी की गिरावट होती जाएगी और केजरीवाल ऊपर उठते रहेंगे।
पंजाब में बड़े सलीके से कांग्रेस को निपटा दिया गया है और इसमे मुख्य भूमिका कैप्टेन व सिद्धू ने निभाई है।हो सकता हो उनको भी पता नहीं हो लेकिन काम इनको ही माध्यम बनाकर अंजाम दिया गया है।
केजरीवाल गुजरात मे प्रवेश करने जा रहे है।कांग्रेस तीसरे नंबर पर जाएगी और बीजेपी दुबारा सरकार में आएगी।
उसके बाद केजरीवाल राजस्थान व हरियाणा में आएगा और कांग्रेस को पीछे धकेल देगा।जब तक राहुल गांधी यह सच देश को नहीं बताएंगे तब तक कांग्रेस सिमटती जाएगी।
यह सच गांधी परिवार को पता है और बोलने के बजाय चुपचाप सहन कर रहा है उसका मतलब यही है हथियार डाले जा चुके है!
जो युवा लोग राजनीति में विधायक व सांसद बनने को उतावले है वो आम आदमी पार्टी की तरफ देखे।गांधी परिवार ने पी वी नरसिम्हा राव द्वारा तैयार VIF के खिलाफ आज तक मुँह नहीं खोला है।
फोर्ड फाउंडेशन द्वारा फंडेड लोग आज सत्ता पर काबिज है और आगे भी उनकी बी टीम AAP ही विकल्प बनने जा रही है।
मायावती,अखिलेश,जयंत,दुष्यंत,तेजस्वी,हनुमान आदि तो बस राजनैतिक आकाओं के तीसरे दर्जे के अंजान नौकर है जिनको हांक कोई और रहा है।
राजेश मीना जारवाल

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