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यू पी में पी एम के बाद , प्रियंका की दो टूक बात

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*सुसंस्कृति परिहार


पिछले दिनों  पी एम मोदी जी के बनारस दौरे के बाद कांग्रेस की नेत्री यू पी प्रभारी प्रियंका-गांधी का  लखनऊ दौरा उन पर भारी पड़ गया । कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली ।इसके बावजूद भी प्रियंका का जिस तरह लखनऊ की धरती पर  का स्वागत हुआ और जिस तरह के लंबे जाम लगे वह उनकी लोकप्रियता में आए बदलाव के प्रतीक हैं ।
वे जिस तरह  बिना किसी कार्यक्रम के  लखीमपुर खीरी पहुंची और चीरहरण की शिकार समाजवादी पार्टी की नेत्री अनीता यादव के घर गईं और वहां जाकर एक जागरूक नारी के साथ हुए अपमान पर क्षोभ जताती है तथा उ०प्र० की महिलाओं के साथ खड़े होने का साहस दिखाती है वह सराहनीय है । सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने सम्बंधित पीड़ित किस पार्टी से जुड़ी है उसकी परवाह ना करते हुए नारी अस्मिता हेतु जो पहल की है उससे राजनीतिक खेमे में हलचल व्याप्त है ।उनका उस क्षेत्र में पुनः चुनाव की मांग भी जायज़ है । महिला हक के लिए उनकी आवाज़ महत्वपूर्ण और बेहद ज़रूरी आवाज़ है।वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्त्री की मज़बूती के लिए उठी बुलंद आवाज़ है। वे इससे पहले भी हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने  पहुंची थीं।

शायद इससे पहले दूसरी पार्टी की नेत्री के घर जाने और साथ खड़े होने का यह पहला मामला है।  उधर प्रियंका के इस अचानक दौरे से सकते में आए समाजवादी नेता क्रांति सिंह घबरा जाते हैं और वे कहते हैं  कि उनके घर पर सपा का झंडा लहरा रहा है और वह सपाई ही हैं। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष प्रहलाद पटेल का कहना है कि प्रियंका गांधी मानवता और इंसानियत के नाते उनसे मिलने जा रही हैं। अनीता यादव से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा  कि भाजपा के गुंडों को सजा मिलनी चाहिए। वो उत्तर प्रदेश ही नहीं देश की सभी महिलाओं के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा  कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है. इसके बावजूद भी प्रधानमंत्री यूपी में सरकार की तारीफ कर रहे हैं।प्रदेश में अपहरण हो रहा है. ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में आपने इतनी हिंसा की, महिला उम्मीदवारों के वस्त्र खींचे गए. तमाम जिलों में प्रशासन की ओर से धमकी दी जा रही है।उनके शालीन उद्ब़ोधन की काफी सराहना भी हो रही है जबकि भाजपा उन्हें मात्र एक पर्यटक बतौर देख रही है। 

विदित हो लखनऊ पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी  ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, फिर गांधी प्रतिमा के पास उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में हुई हिंसा और प्रदेश में जंगल राज तथा भय के माहौल के खिलाफ वह 2 घंटे तक मौन रहीं। इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस को लिखकर जवाब दिया।हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जीपीओ पर जमावड़ा रहा कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने प्रशासन को लिखकर जबाब दिया कि कोविड तो पंचायत चुनाव के समय भी था।ऐसी ख़बर मिल रही है कि उनके जमावड़े से तकरीबन 500 लोगों पर एफ आर भी दर्ज की गई है।

प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए अपने उत्तर प्रदेश दौरे से पहले  ट्वीट भी किया  है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन वाराणसी में यूपी सरकार की तारीफ की, इसी मसले पर प्रियंका गांधी ने लिखा कि मोदी जी के सर्टिफिकेट से यूपी में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान योगी सरकार की आक्रामक क्रूरता, लापरवाही और अव्यवस्था की सच्चाई छिप नहीं सकती. लोगों ने अपार पीड़ा, बेबसी का सामना अकेले किया. इस सच्चाई को मोदीजी, योगीजी भूल सकते हैं, जिन्होंने कोरोना का दर्द सहा, वे नहीं भूलेंगे ।

प्रियंका गांधी की हैसियत को कम आंकने वाले यह ध्यान रखें कि जिस तरह स्त्रियों के साथ उत्तरप्रदेश में चुनाव के वक्त बर्ताव हुआ है वैसा उदाहरण और कहीं कभी देखने सुनने में नहीं आया है सिर्फ एक उद्धरण महाभारत में द्रौपदी के चीरहरण का मिलता है जब सारे महारथी अपनी गलती के कारण मौन धारण किए रहे लेकिन आज यह घटना जागरुक भारत की घटना है जहां स्त्री को हर क्षेत्र में बराबरी का अधिकार है ।उसकी आवाज़ को आज स्त्री ही मज़बूती से उठा सकती है क्योंकि वर्तमान में जो सरकार है उसका झुकाव संविधान से ज्यादा मनुवादी है ।ऐसे दुष्कर समय में राजनीतिक सोच से अलहदा यदि प्रियंका इस जंगल राज के खिलाफ डटकर खड़ी होती है जिस पर हमारा सुप्रीम कोर्ट भी मुहर लगा चुका है तो उसका स्वागत और सहयोग होना चाहिए।

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