डॉ. नेहा
प्रोस्टेट कैंसर का समय पर पता चलना बहुत जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसका इलाज आसान और सफल होता है। नियमित हेल्थ चेकअप और सही जीवनशैली अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाला एक सामान्य कैंसर है, जो प्रोस्टेट ग्रंथि में होता है। यह ग्रंथि पुरुषों के जननांग तंत्र का हिस्सा होती है और स्पर्म बनाने में मदद करती है। यह मूत्राशय के ठीक नीचे और मूत्रनली के चारों ओर स्थित होती है। प्रोस्टेट कैंसर को पहले बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब ये युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है।
WHO के अनुसार, साल 2022 में भारत में प्रोस्टेट कैंसर के 37,948 नए केस सामने आए। ये आंकड़ा दुनिया में कैंसर के कुल मामलों के 3% के बराबर है। चिंता की बात यह है कि अब 50 साल से कम उम्र के पुरुषों में भी यह कैंसर तेजी से देखा जा रहा है और यह अधिक खतरनाक रूप में सामने आ रहा है।
कैसे होता है प्रोस्टेट कैंसर?
जब प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं, तो यह कैंसर बन जाता है। कभी-कभी यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से फैलने वाला और खतरनाक हो सकता है।
युवाओं में प्रोस्टेट कैंसर बढ़ने के कारण ये हैं:
~खराब लाइफस्टाइल
~फिजिकल एक्टिविटी की कमी
मोटापा
~जंक फूड, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड का ज़्यादा सेवन
~ दुराचार वृत्ति, सेक्स ड्रग्स
~स्मोकिंग और शराब पीने की आदत
~जेनेटिक और एनवायरनमेंटल कारण
~परिवार में किसी को पहले से प्रोस्टेट कैंसर होना
~खराब जीन्स का असर
~प्रदूषण और कैंसर पैदा करने वाले रसायनों का संपर्क
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण ;
शुरुआती दौर में इसके कोई खास लक्षण नहीं होते, लेकिन जब बीमारी बढ़ती है तो ये लक्षण दिख सकते हैं :
~बार-बार या रात में पेशाब लगना
~पेशाब करते समय जलन या दर्द
~पेशाब की धार कमजोर होना,
~वीर्य में खून आना
±पीठ, कमर या कूल्हों में लगातार दर्द
थकान
~ वजन कम होना (आखिरी स्टेज में)
कैसे बचें ?
~सही खानपान रखें- फल-सब्जियों और हेल्दी फैट (जैसे नट्स, ऑलिव ऑयल) खाएं।
~रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
~शरीर को एक्टिव रखें- रोजाना तेज चलें, योग करें, और एक्सरसाइज करते रहें।
~नियमित जांच कराएं- अगर आपकी उम्र 50 से ज्यादा है या परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा है, तो समय-समय पर डॉक्टर से जाँच कराएं।
~वजन को कंट्रोल में रखें- मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। फिट रहें।
शरीर में बदलाव को नजरअंदाज न करें- अगर पेशाब करने में दर्द या परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
देर से पहचान होने पर क्या होता है?
अगर प्रोस्टेट कैंसर का इलाज समय पर न हो, तो यह बहुत ज्यादा आक्रामक हो सकता है। इलाज के दौरान डॉक्टर को पूरी प्रोस्टेट ग्रंथि, आसपास के टिश्यू और लिम्फ नोड्स तक हटाने पड़ सकते हैं।
कभी-कभी हार्मोन थेरेपी, रेडिएशन या टेस्टिस हटाने की सर्जरी (ऑर्किएक्टोमी) भी करनी पड़ती है।
इसलिए जरूरी है कि समय रहते प्रोस्टेट कैंसर की जांच कराई जाए, ताकि बीमारी बढ़ने से पहले ही उसका इलाज किया जा सके और सर्जरी या गंभीर इलाज की नौबत न आए।

