अग्नि आलोक

भगवा पर सवार भाजपा को राम मंदिर, रामलला 2024 मे तार देंगे !

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रायशुमारी, सर्वे, पर्यवेक्षक के साथ प्रत्याशी की लोकप्रियता के मायने कुछ नही…..

राकेश चौकसे बुरहानपुर

देश मे संपन्न होने वाले लोक सभा चुनाव की स्क्रिप्ट लिखना शुरु हो गयी है। चुनाव आयोग हरीझंडी? मिलते ही नए संसद के गठन के लिए चुनाव की घोषणा कर देगा। इस बार चुनाव की मज़बूत कड़ी माना जाएगा चरण बद्ध श्रंखला मे होने वाले चुनाव पीछले चुनाव के सात चरण के अपेक्षा 2024 का आम चुनाव कितने चरणो मे होता है! मणिपुर मे आरक्षण की हिंसा, पश्चिम बंगाल मे संदेश खाली मे महिलाओ का उत्पीड़न राज्य की कानून व्यवस्था, महाराष्ट्र मे आरक्षण आंदोलन, पंजाब, हरियाणा का किसान आंदोलन कितनी चुनौती खडा करता है आने वाले दो या तीन दिन मे पता चल जाएगा। पंजाब, हरियाणा के किसानों के आंदोलन  की स्क्रिप्ट ही देश व्यापी है अन्य तीनो राज्य महाराष्ट्र, मणिपुर, पश्चिम बंगाल राज्यो तक सीमित होने से इसकी गूंज लोकसभा चुनाव प्रचार कितनी असर कारक रहती है अभी गर्त मे है। किसान आंदोलन का असर अब तक, आधुनिक  भारत का *खर्चीला किसान* की तश्वीर ही प्रस्तुत कर सका है इसका असर चुनावो और चुनाव तारीखों पर कितना होता है यह भी गर्त मे ही है इस बिच किसानों का दिल्ली कूच का निर्णय सत्ता के साथ चुनाव आयोग के लिए अग्नि परीक्षा हो सकता है! क्योंकि हुडदंग से परे चुनाव निपटाना चुनाव आयोग की प्राथमिकता मे रहने वाला पहला सूत्र है।

इस बिच भारतीय जनता पार्टी ने 370 के लक्ष्य को साधने के लिए 195 प्रत्याशियो के नामो की घोषणा कर दी है। राम लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी के घोषित 195 नामो मे एक भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार का नाम न होना पार्टी की कट्टर छबि को प्रस्तुत कर कर रहा है। जबकि इस पार्टी के स्वयंभू नेता नरेंद्र मोदी का अमर वाक्य है सबका साथ, सबका विकास!

देश भर के राज्यो से 195 नामो की घोषणा मे लोकप्रियता, चुनावी सर्वे, पार्टी का अंदरूनी रिपोर्ट कार्ड, पर्यवेक्षक के सामने प्रस्तुत रिपोर्ट प्रत्याशी की लोकप्रियता के मायने गौण करना ही है तब इन औपचारिकता की पूर्ति और अनावश्यक पेट्रोल, डीजल, समय खर्च करवाने का अर्थ क्या ? राम मंदिर निमार्ण और मंदिर मे रामलला की स्थापना को ही विकास प्रिय सरकार की प्रथम श्रेणी है तब चुनाव पूर्व प्रत्याशी चयन की सारी औपचारिकतओ को रद्द कर देना चाहिए। देश की राजनीति के बजाय राज्य की राजनीति मे समझ रखने वाले जानकार बता रहे है विपक्ष को रोजगार मूलक विकास के लिए हर संसदीय क्षेत्र मे बड़े बड़े हिन्दू मंदिरो की घोषणा करने का दांव इस चुनाव में खेल लेना चाहीए। रोजगार और महंगाई का तोड़ मंदिर और रामलला है तब विपक्ष को इसी भाषा का उपयोग  कर 2024 मे  एक लक्ष्य रखना चाहिए राम श्रीराम भले ही वह लक्ष्य कांग्रेस का हो  और नारा हो अबकी बार कांग्रेस करेगी 100  पार। 

इस लक्ष्य के बूते हिंदी भाषी राज्यों मे प्रत्याशियो मे उर्जा का संचार किया जा सकता है। इससे भाजपा के लिए चुनौती  पैदा कर विपक्षी पार्टियों मे आत्म विश्वास को पुन: पुनर्जीवित कर मुकाबले मे आ सकते है।

मध्यप्रदेश मे 29 सीटो मे से छिंदवाड़ा, खंडवा, रतलाम – झाबुआ , धार, खरगोन, बैतूल ऐसी सीट है जहां कांग्रेस चुनौती खड़ी करती दिखाईं दे रही है। बशर्त उम्मीदवार का चयन सही हो निमाड़ की खंडवा सीट मे नंदकुमार सिंह चौहान की असमय मृत्यु से हुए उप चुनाव में राजनारायण सिंह पुरनी ने भाजपा की जीत का आंकड़ा 2 लाख 73, हजार 343 वोट को घटाकर 81 हजार वोट पर लाकर खडा कर दिया था। इस चुनाव मे कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर थी। 2024 मे स्तिथि भिन्न है। राजनारायण पुरनी, ठाकुर सुरेंद्र सिंह, तारिका विरेंद्र सिंह चुनौती खड़े करने वाले नाम है। गोपनीय सूत्र इसे 50/50 प्रतिशत का मान रहे है। रतलाम – झाबुआ से कांतिलाल भूरिया, धार से कांग्रेस के गजेंद्र राजू खेड़ी भाजपा से होल्ड इस सीट पर नाम तय नही हुआ है , खरगोन से भाजपा के गजेंद्र सोलंकी के मुकाबले कांग्रेस के बाला बच्चन मुकाबला रोचक कर सकते है बाला बच्चन राजनीत मे उतरने के बाद आज तक कोई चुनाव नही हारे है।

6 मार्च को भाजपा कार्य समिती बैठक के बाद दूसरी लिस्ट जारी हो सकती है।

महाराष्ट्र का आरक्षण आंदोलन और विपक्ष के नेता अजीत पवार (सिंचाई घोटाले) मे अशोक चौहान (आदर्श घोटाले) मे कृपा शंकर सिंह (इंदिरा युग) के नेता आज भारतीय जनता पार्टी मे या पार्टी के गठबंधन धर्म मे है और चक्की पिसिंग की मोदी की चुनौती मतदाताओं मे से गांधारी सा आवरण ओढ़कर भाजपा के वोट बेंक मे इजाफा करवा रही है।

2024 मे भगवा पार्टी को लगता है, महिला आरक्षण पर संसद सत्र मे जवाब देना,भ्रष्टाचार , बेरोजगारी की बात करना समय की मांग का हिस्सा था वास्तविक आधार पर भाजपा और भाजपा नेताओ का इससे कोई सरोकार नहीं।

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