~ रीता चौधरी
अपनी और अपने परिवार की हेल्थ के लिए आप हमेशा खास चीजें ही चुनते हैं। पर कई बार जिसे हम हेल्दी विकल्प समझ कर चुनते हैं, वही सेहत के लिए बीमारियों का कारण बन जाता है। ऐसा ही एक विकल्प है रिफाइंड ऑयल। फिटनेस फ्रीक और वजन बढ़ने का सामना कर रहे बहुत सारे लोग तेल, घी की बजाए रिफाइंड ऑयल खरीदते हैं। उन्हें लगता है कि इससे वे वेट गेन और हार्ट डिजीज से बच जाएंगे।

पर हेल्थ एक्सपर्ट रिफाइंड ऑयल को न केवल अनहेल्दी ऑप्शन बताते हैं, बल्कि इसे वे धीमा जहर तक के कहते हैं। इसका लंबे समय तक इस्तेमाल कैंसर और डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारियों का भी कारण बनता है।
*तेल मसालों से पूरा होता है भारतीय भोजन :*
अगर आप भी साधारण तेल की जगह रिफाइंड ऑयल का प्रयोग करते हैं, तो ये आपके परिवार और आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।
ये बात तो जग जाहिर है कि भारतीय खाना मसाले और तेल के बिना अधूरा है, लेकिन सही मसाले और खासकर सही तेल का चुनाव करना हमारे लिए काफी जरूरी है।
*क्यों हानिकारक होता है ‘रिफाइंड ऑयल’ :*
रिफाइंड ऑयल को लेकर हर तरफ कई तरह की बातें भी सुनने को मिलती है. जब भी हम रिफाइंड ऑयल में ‘रिफाइंड’ शब्द सुनते हैं, तो हमे लगता है कि ये बेहद स्वस्थ चीज़ है, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है।
रिफाइंड ऑयल बनाते समय ही उसमें इतने केमिकल डाल दिए जाते हैं जो उसे पूरी तरह से हानिकारक बना देते हैं।
*प्रोसेस में नष्ट हो जाती है तेल की गुणवत्ता :*
रिफाइंड ऑयल बनाते समय साधारण तेल को कई तरह की प्रक्रियाओं से गुज़रना होता है, जिसके कारण तेल में पहले से मौजूद गुणवत्ता पूरी तरह से नष्ट हो जाती है और साथ ही कई तरह के केमिकल उसे ‘रिफाइंड ऑयल’ से बदलकर ‘बैड ऑयल’ बना देते हैं।
इसे बनाने के लिए उसे काफी अधिक तापमान में ट्रीट किया जाता है और इसी कारणवश उसमें कई ज़हरीले तत्व भी पैदा हो जातें हैं। इसीलिए इसका सेवन खराब एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और इंसुलिन लेवल को बढ़ाता है। जिसके कारण शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम हो जाता है।
*शरीर में हो जाती है प्रोटीन की कमी :*
रिफाइंड ऑयल के कारण स्वास्थ्य में होने वाली समस्याओं में सबसे अहम समस्या शरीर में प्रोटीन की कमी की हो सकती है। तेल का शुद्ध रूप चिपचिपा और गंध वाला होता है।
रिफाइंड ऑयल को तैयार करने की प्रक्रिया में गंध को पूरी तरह से निकाल दिया जाता है। गंध के निकलने के साथ-साथ इसमें मौजूद प्रोटीन भी निकल जाता है, क्योंकि ये गंध ही प्रोटीन कंटेंट होती है। जिसे निकालने की वजह से रिफाइंड ऑयल में प्रोटीन की मात्रा खत्म हो जाती है। ऐसे में नियमित तौर पर इसके सेवन से शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है।
*अधिक हानिकारक हो जाएगा आपका खाना :*
अगर आप नियमित तौर पर रिफाइंड ऑयल का सेवन कर रहीं हैं तो स्वाभविक रूप से आने वाले समय में ये आपकी सेहत को कई खतरनाक बीमारियां दे सकता है।
इसके अलावा अगर आप एक ही रिफाइंड ऑयल में बार-बार कोई चीज़ तल के खातें हैं तो यह और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
फ़ूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स (FAOSTAT) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अगर आप एक ही रिफाइंड ऑयल में बार-बार कुछ तल कर खाते हैं, तो यह न सिर्फ आपके स्वास्थ्य को बल्कि उस खाने में मौजूद तमाम तरह की गुणवत्ता को भी नष्ट देता है। फिर चाहे वह कोई डेयरी प्रोडक्ट हो, फल या सब्जी आपका हर तरह का खाना जहरीला हो जाता है।
*रिफाइंड ऑयल से हेल्दी हैं पारंपरिक तेलों के विकल्प :*
रिफाइंड ऑयल के तमाम दुष्प्रभावों को देखने और सुनने के बाद अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर इसके अलावा क्या विकल्प है।
रिफाइंड ऑयल को बनाने के दौरान उसे ऑक्सीडाइज़ कर दिया जाता है, जिसके कारण उसमे कैंसर, डायबिटीज़, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा सहित कई अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
रिफाइंड की जगह हम पारंपरिक खाद्य तेल जैसे सरसों का तेल, घी, नारियल का तेल, कनोला ऑयल, पीनट ऑयल, सनफ्लॉवर ऑयल आदि प्रयोग करें तो ये हमारे शरीर और हेल्थ के लिए बेहद ही अच्छा स्टेप होगा।